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सिंधिया के बहाने अमित शाह का सोनिया-राहुल पर हमला- कांग्रेस ने सम्मान नहीं दिया, इसलिए BJP में आए

एक न्यूज चैनल से इंटरव्यू के दौरान केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने मध्य प्रदेश में राजनीतिक उठापटक के लिए सोनिया और राहुल गांधी को जिम्मेदार बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी में ज्योतिरादित्य सिंधिया को कांग्रेस में सम्मान नहीं मिला, इसलिए वे बीजेपी म्ं आए।

नवभारतटाइम्स.कॉम 2 Jun 2020, 5:07 am

हाइलाइट्स

  • केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का सोनिया और राहुल गांधी पर निशाना
  • एमपी में राजनीतिक उठापटक के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार बताया
  • शाह ने कहा, सिंधिया का इस्तीफा सोनिया-राहुल की बड़ी विफलता
  • अमित शाह ने कहा, कांग्रेस के अंदर विद्रोह से गिरी कमलनाथ सरकार
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नवभारतटाइम्स.कॉम 11
नई दिल्ली
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ज्योतिरादित्य सिंधिया की विदाई के लिए कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व को जिम्मेदार बताया है। एक न्यूज चैनल पर इंटरव्यू के दौरान शाह ने कहा कि मध्य प्रदेश में कांग्रेस नेतृत्व की गलत नीतियों के चलते ही कमलनाथ सरकार 15 महीने में गिर गई। उन्होंने सोनिया गांधी और राहुल गांधी के नेतृत्व पर सीधा हमला बोलते हुए इसे उनकी विफलता बताया।
ज्योतिरादित्य सिंधिया कांग्रेस में 18 साल की लंबी पारी खेलने के बाद इस साल होली के दिन बीजेपी में शामिल हुए थे। कांग्रेस अक्सर इसके लिए बीजेपी पर आरोप लगाती रही है, लेकिन शाह ने इस बयान के जरिए बीजेपी का बचाव करते हुए सीधे सोनिया-राहुल पर ही हमला बोल दिया।

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'कांग्रेस विधायकों को सम्मान नहीं मिला, इसलिए विद्रोह हुआ'
इंटरव्यू के दौरान मध्य प्रदेश में राजनीतिक उठापटक के बारे में पूछे जाने पर शाह ने इसमें बीजेपी की भूमिका को सिरे से नकार दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस विधायकों ने विद्रोह किया क्योंकि उन्हें पार्टी के अंदर सम्मान नहीं मिला। सिंधिया के साथ भी यही हुआ। इसलिए उन्होंने कांग्रेस छोड़ने का फैसला किया। इसके लिए कांग्रेस का केंद्रीय नेतृत्व जिम्मेदार था, न कि बीजेपी।

'सिंधिया जैसे नेताओं को भी कांग्रेस संभालकर नहीं रख पाई'

शाह ने कहा कांग्रेस पार्टी में नेताओं को सम्मान नहीं मिलता। सिंधिया जैसे नेताओं को भी पार्टी संभालकर नहीं रख पाई। उन्होंने इसे कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की विफलता बताया।

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15 महीने ही चल पाई कमलनाथ की सरकार

एमपी में 15 साल तक सत्ता से दूर रहने के बाद कांग्रेस ने 2018 के विधानसभा चुनावों में बीजेपी को पटकनी दी थी। कमलनाथ के नेतृत्व में सरकार बनी, लेकिन यह 15 महीने चल पाई। ज्योतिरादित्य सिंधिया के पार्टी से इस्तीफे के बाद एमपी 22 विधायकों ने भी कांग्रेस छोड़ दी और कमलनाथ को पद छोड़ना पड़ा। इसके बाद बीजेपी ने प्रदेश में सरकार बनाई और शिवराज सिंह चौहान चौथी बार प्रदेश के मुख्यमंत्री बने।

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