ऐपशहर

बागेश्वर धाम सरकार के दिव्य दरबार के नियम बदल गए, पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने खुद दी जानकारी

Bageshwar Dham Sarkar: बागेश्वर धाम में दिव्य दरबार के नियम बदल गए हैं। अब दिव्य दरबार में अर्जी लगाने के लिए टोकन की व्यवस्था खत्म कर दी गई है। पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने खुद इसके बारे में जानकारी दी है।

Edited byमुनेश्वर कुमार | नवभारतटाइम्स.कॉम 17 Mar 2023, 7:14 pm
छतरपुर: बागेश्वर धाम (Bageshwar Dham Sarkar) में आए लोगों को दिव्य दरबार के लिए पहले पर्जी कटवानी पड़ती थी। हालांकि इस पर्जी के लिए कोई शुल्क नहीं देना पड़ता था। पर्जी कटने के बाद ही लोग बाबा के सामने दिव्य दरबार में जाते थे। इनके नंबर आने के बाद इनकी अर्जी बागेश्वर बालाजी के दरबार में लगती थी। इसके बाद पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री इनकी पर्ची लिखते थे। इसमें आज से बदलाव हो गया है। अब दिव्य दरबार के लिए कोई पर्ची नहीं कटेगी। बागेश्वर धाम में तीन घंटे की सामूहिक दिव्य दरबार लगेगी। पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने खुद इसकी जानकारी दी है।
नवभारतटाइम्स.कॉम bageshwar dham sarkar
बागेश्वर धाम सरकार



उन्होंने कहा है कि अब धाम पर टोकन व्यवस्था को निरस्त किया जा रहा है। बालाजी से मुझे ऐसी प्रेरणा लगी है कि इसके बाद आपको टोकन नंबर की जरूरत नहीं है। बागेश्वर धाम में रहने पर हर दिन पर्चा बनेगा। उन्होंने कहा है कि बागेश्वर धाम में अब तीन घंटे का सामूहिक दरबार लगेगा। साथ ही भभूति और सामूहिक अर्जी भी लगेगी। धाम आने वाले सभी लोगों को आशीर्वाद मिलेगा। ऐसे में जिनके ऊपर उनकी विशेष कृपा रहेगी, उनका पर्चा निकलेगा।

दरअसल, बागेश्वर धाम में जब पंडित धीरेंद्र शास्त्री रहते हैं तो वहां हजारों की संख्या में हर दिन श्रद्धालु आते हैं। बाबा के दिव्य दरबार में शामिल होने के लिए लोगों को पर्ची कटवानी पड़ती है। ऐसे में कई लोगों को भीड़ की वजह से मौका नहीं मिलता है। कई महीने तक इंतजार के बाद भी उन्हें दिव्य दरबार में मौका नहीं मिलता। भक्तों की सुविधा को देखते हुए बागेश्वर सरकार ने टोकन सिस्टम को बंद कर दिया है। अभ वह सार्वजनिक रूप से दिव्य दरबार लगाएंगे, जहां सभी लोगों से मिलेंगे।

पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की पहल बागेश्वर धाम आने वाले श्रद्धालुओं को राहत देने वाली है। बताया जाता है कि बागेश्वर धाम में सबसे ज्यादा भक्तों की भीड़ शनिवार और मंगलवार को उमड़ती है। बालाजी के दरबार में इसी दिन अर्जी लगाई जाती है।
इसे भी पढ़ें
लेखक के बारे में
मुनेश्वर कुमार
नवभारत टाइम्स डिजिटल में मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ के लिए काम करता हूं। पत्रकारिता में महुआ टीवी, कशिश न्यूज, इंडिया न्यूज, ईनाडु इंडिया, ईटीवी भारत और राजस्थान पत्रिका से होते हुए टाइम्स इंटरनेट तक 11 साल का सफर। बिहार की राजधानी पटना से शुरुआत के बाद अब भोपाल कर्मस्थल। राजनीति, अपराध और पॉजिटिव खबरों में गहरी रुचि। पिछले सात सालों से डिजिटल मीडिया में...... और पढ़ें

अगला लेख

Stateकी ताजा खबरें, ब्रेकिंग न्यूज, अनकही और सच्ची कहानियां, सिर्फ खबरें नहीं उसका विश्लेषण भी। इन सब की जानकारी, सबसे पहले और सबसे सटीक हिंदी में देश के सबसे लोकप्रिय, सबसे भरोसेमंद Hindi Newsडिजिटल प्लेटफ़ॉर्म नवभारत टाइम्स पर
ट्रेंडिंग