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बरैया के बयान पर गरमाई राजनीति, सवर्णों के बाद मुसलमान और अनुसूचित जातियों ने भी जताया विरोध

दतिया के भांडेर से कांग्रेस प्रत्याशी और पूर्व मंत्री फूल सिंह बरैया के विवादित बयान के लेकर मुस्लिम और अनुसूचित जाति समाज भी उनके खिलाफ खुलकर सामने आ गया है। सवर्मों के बाद इन समुदायों ने भी बरैया के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है जबकि कांग्रेस इसे उनका व्यक्तिगत बयान बता रही है।

नवभारतटाइम्स.कॉम 12 Oct 2020, 10:19 am

हाइलाइट्स

  • विवादित बयान को लेकर फूल सिंह बरैया के खिलाफ बढ़ा आक्रोश
  • मुस्लिम और अनुसूचित जाति समुदाय ने जताया विरोध, की कार्रवाई की मांग
  • कांग्रेस ने बरैया के बयान को व्यक्तिगत बताकर पल्ला झाड़ा
  • बरैया ने सवर्णों और महिलाओं के लिए की थी अपमानजनक टिप्पणी
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दतिया।
एमपी में दतिया जिले के भांडेर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस उम्मीदवार फूल सिंह बरैया के विवादास्पद बयान को लेकर राजनीति तेज हो गई है। बयान पर सवर्णों के विरोध के बाद अनुसूचित जाति और मुस्लिम समाज ने भी विरोध जताया है और बरैया के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। बढ़ते विरोध को देखते हुए कांग्रेस पार्टी ने भी उनके बयान से पल्ला झाड़ लिया है जबकि बीजेपी ने उनके खिलाफ केस दर्ज करने की मांग की है।
करीब एक सप्ताह पहले एक चुनावी सभा में बरैया ने सवर्णों के लिए आपत्तिजनक शब्द कहे थे। उन्होंने सवर्ण समाज की महिलाओं के लिए भी अपमानजनक टिप्पणी की थी। बरैया ने कहा था कि अनुसूचित जाति समुदाय एक हो गया तो सवर्णों पर भारी पड़ेगा। उन्होंने यह भी कहा था कि मुसलमानों को देश छोड़कर जाने की बात करने वालों को खुद ही जाना होगा क्योंकि मुस्लिम और अनुसूचित जातियों का डीएनए एक जैसा है।

रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया के महासचिव मोहनलाल पाटिल ने कहा है कि राजनीति के नाम पर वैमनस्य फैलाने की अनुमति किसी को नहीं दी जानी चाहिए। सामान्य, पिछड़ा एवं अल्पसंख्यक वर्ग अधिकारी-कर्मचारी संस्था पार्टी के अध्यक्ष हीरालाल त्रिवेदी ने बरैया के खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज करने की मांग की है। वहीं, आरटीआई कार्यकर्ता अजय दुबे ने बरैया के खिलाफ कार्रवाई के साथ कांग्रेस की मान्यता खत्म करने की मांग की है।

इधर, मुस्लिम समाज भी उनके खिलाफ खुलकर सामने आ गया है। ऑल इंडिया मुस्लिम तोयौहार कमेटी के अध्यक्ष औसाफ शाहमीरी खुर्रम ने बयान को बरैया के मानसिक दीवालियेपन का उदाहरण बताया है। खुर्रम ने कहा कि समाज को बांटने वाले बयान के लिए उनके खिलाफ मामला दर्ज होना चाहिए।


उनके बयान को लेकर सबसे पहले सवर्ण समाज ने विरोध जताया। जगह-जगह उनके पुतले जलाए गए और माफी की मांग की गई। बयान के विरोध में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ठाकुरदास खंपरिया ने पार्टी छोड़ दी और बीजेपी में शामिल हो गए। कांग्रेस उनके बयान को व्यक्तिगत बता रही है, लेकिन बीजेपी के विधि प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष संतोष शर्मा ने बरैया के खिलाफ केस दर्ज करने के लिए चुनाव आयोग को लिखा है।


बरैया इससे पहले भी विवादित बयान देते रहे हैं, लेकिन चुनावी माहौल में उनके ताजा बयान से राजनीतिक माहौल गरमा गया है। कांग्रेस इसे उनका व्यक्तिगत बयान बताकर अपना पल्ला झाड़ने की कोशिश कर रही है, लेकिन विरोधी लगातार इसे तूल दे रहे हैं। देखना यह है कि इसका चुनाव में क्या असर पड़ता है।

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