ऐपशहर

दिग्विजय सिंह के गढ़ में घुसकर उनके करीबी को बीजेपी में ले गए ज्योतिरादित्य सिंधिया, कहा- अब बार-बार आऊंगा

राघोगढ़ में दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh) को ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) ने बड़ा झटका दिया है। दिग्विजय सिंह के करीबी लोगों में शामिल हिरेंद्र सिंह ने ज्योतिरादित्य सिंधिया की मौजूदगी में बीजेपी की सदस्यता ग्रहण कर ली है। यह दिग्विजय सिंह के लिए बड़ा झटका है।

नवभारतटाइम्स.कॉम 5 Dec 2021, 8:19 am

हाइलाइट्स

हाइलाइट्स
  • राघोगढ़ में दिग्विजय सिंह को ज्योतिरादित्य सिंधिया ने दिया बड़ा झटका
  • दिग्गी के करीबी हिरेंद्र सिंह ने अपने समर्थकों के साथ बीजेपी की सदस्यता ग्रहण की
  • केंद्रीय मंत्री बनने के बाद पहली बार ज्योतिरादित्य सिंधिया पहुंचे थे राघोगढ़
  • उन्होंने कहा कि पहले मैं यहां आने में संकोच करता था, अब बार-बार आऊंगा
सारी खबरें हाइलाइट्स में पढ़ने के लिए ऐप डाउनलोड करें
नवभारतटाइम्स.कॉम pjimage - 2021-12-05T081051.352
गुना
केंद्रीय नागर विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia News) इन दिनों एमपी में एक्टिव हैं। कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह के गढ़ में उन्हें सिंधिया ने जोरदार झटका दिया है। राघोगढ़ में दिग्विजय सिंह के करीबी नेता के साथ उनके पांच हजार समर्थकों ने बीजेपी की सदस्यता ग्रहण की है। इस दौरान ज्योतिरादित्य सिंधिया ने जमकर कांग्रेस नेताओं पर हमला किया है।

ज्योतिरादित्य सिंधिया की मौजूदगी में कांग्रेस के पूर्व विधायक मूल सिंह दादा भाई के पुत्र हीरेन्द्र प्रताप सिंह ने अपने समर्थकों के साथ बीजेपी की सदस्यता ग्रहण की है। यह कांग्रेस के लिए राघोगढ़ में बड़ा झटका माना जा रहा है। दिग्विजय सिंह यहां के राजा है। उनका यह अभेद्य किला माना जाता है। मगर ज्योतिरादित्य सिंधिया ने उनके किले में घुसकर उन्हें चुनौती दी है।

Khajuraho Tourism News: खजुराहो की सुध कब लेंगे ‘महाराज’, फ्लाइट सेवा नहीं होने से ठप पड़ा पर्यटन उद्योग
इस मौके पर ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि कुछ लोग हैं, जिनका काम हर अवसर में चुनौती ढूंढना है जबकि बीजेपी का काम चुनौतियों में अवसर ढूंढना है। केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा कि उनकी सोच और विचारधारा बिल्कुल स्पष्ट है। उन्हें राजनीति से मोह नहीं है। सेवाभाव, प्रगति से उन्हें मोह है। विकास के साथ उन्हें ललक है। उन्होंने कहा कि अभी तक तो वह संकोच में राघोगढ़ नहीं आते थे, लेकिन अब बार-बार यहां आएंगे।

Siyasat Ke Raja: यूपी की वह लोकसभा सीट जिसने एक राजमाता और युवराज के रास्‍ते हमेशा के लिए अलग कर दिए
उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि एक तरह हम हैं, जिनका कहना है कि प्राण जाएं पर वचन न जाएं। वहीं, एक पार्टी का कहना है कि वचन तो जाए पर प्राण न जाएं। केंद्रीय मंत्री बनने के बाद पहली बार ज्योतिरादित्य सिंधिया राघोगढ़ पहुंचे थे। उन्होंने पहली बार दिग्विजय सिंह के गढ़ में इतना बड़ा कार्यक्रम किया था। इस दौरान बीजेपी कार्यकर्ताओं ने उनका जगह-जगह पर भव्य स्वागत किया है।


गौरतलब है कि कांग्रेस में रहने के दौरान ज्योतिरादित्य सिंधिया राघोगढ़ न के बराबर जाते थे। बीजेपी में शामिल होने के बाद भी वह राघोगढ़ कभी नहीं गए थे। शनिवार को पहली बार जब वहां गए तो दिग्विजय सिंह को बड़ा झटका देकर लौटे हैं। माना जा रहा है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया अब एमपी की राजनीति में सीधे दिग्विजय सिंह से लोहा लेंगे।

अगला लेख

Stateकी ताजा खबरें, ब्रेकिंग न्यूज, अनकही और सच्ची कहानियां, सिर्फ खबरें नहीं उसका विश्लेषण भी। इन सब की जानकारी, सबसे पहले और सबसे सटीक हिंदी में देश के सबसे लोकप्रिय, सबसे भरोसेमंद Hindi Newsडिजिटल प्लेटफ़ॉर्म नवभारत टाइम्स पर
ट्रेंडिंग