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Niwari Woman Rescue: पति की मौत से दुखी महिला खुदकुशी के इरादे से जहांगीर महल पर चढ़ी, रेस्क्यू टीम ने तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षित बचाया

Woman Climbs Jahangir Mahal For Suicide: निवाड़ी के जहांगीर महल पर शुक्रवार को एक महिला खुदकुशी के इरादे से चढ़ गई। पति की मौत के सदमे में महिला महल के ऐसे हिस्से में पहुंच गई जहां जाने का कोई रास्ता नहीं था। उसके रेस्क्यू के लिए थोड़ी ही देर में पूरा प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंच गया। पूरी प्लानिंग के साथ तीन घंटे की मशक्कत के बाद उसे सुरक्षित बचाया गया।

Edited byआदित्य पूजन | Lipi 21 May 2022, 5:30 am

हाइलाइट्स

  • खुदकुशी के लिए जहांगीर महल पर चढ़ी महिला
  • पति की मौत के सदमे में उठाया कदम
  • तीन घंटे तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन, सुरक्षित बचाई गई
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नवभारतटाइम्स.कॉम niwari
नरेंद्र अरजरिया, निवाड़ीः मध्य प्रदेश के निवाड़ी में स्थित ओरछा के जहांगीर महल पर शुक्रवार को खुदकुशी के इरादे से चढ़ी महिला की हरकत से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। महिला का नाम नीलम अहिरवार निवासी मऊरानीपुर है। सूचना मिलते ही नीलम को बचाने के लिए पुलिस, सीएमओ, पुरातत्व विभाग, तहसीलदार और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंच गए। तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद उसे सुरक्षित महल से नीचे उतारा गया। महिला का रेस्क्यू ऑपरेशन बेहद मुश्किल था क्योंकि एक ओर संसाधनों की कमी थी तो दूसरी ओर महिला अपनी जान देने अड़ी हुई थी।
जानकारी के मुताबिक नीलम के पति का गंभीर बीमारी के चलते झांसी के अस्पताल में इलाज चल रहा था। नीलम और उसके पति ने लव मैरिज की थी। इलाज के दौरान पति की मौत हो गई। इसके बाद महिला झांसी से ओरछा आ गई और जहांगीर महल पर खुदकुशी के इरादे से चढ़ गई।

खबर मिलते ही जुटा प्रशासन
नीलम के महल पर चढ़ने की खबर मिलते ही पूरा प्रशासनिक अमला हरकत में आ गया। तमाम विभागों ने नीलम को बचाने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा दिया। महिला अधिकारी प्रीतम लोधी के साथ समस्त महिला बल, पुलिस बल, तहसीलदार, सीएमओ सभी मौके पर पहुंच गए। रेस्क्यू टीम के जवानों को छज्जे तक पहुंचाने के प्रयास किए गए। हालात बेहद गंभीर थे क्योंकि डर था कि किसी को आता देख महिला कोई गलत कदम ना उठा ले।

पहले बहन को पहुंचाया, फिर बातों में उलझाया
रेस्क्यू टीम और पुलिस बल ने उसे बचाने का काम शुरू किया। नीलम के पिता और उसकी बहन को बुलवाया गया। नीलम को बातों में उलझाया गया। पहले नीलम की बहन को रस्सियों के सहारे उस तक पानी और कोल्ड ड्रिंक लेकर पहुंचाया गया। वहां पहुंचकर बहन ने उससे बातचीत की और समझाइश देने की कोशिश की। इसी बीच मौके का फायदा उठाकर रेस्क्यू का जवान उन तक पहुंच गया। अच्छी बात यह रही कि तीन घंटों की मेहनत के बाद महिला को सकुशल बचा लिया गया। रेस्क्यू के बाद महिला को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती किया गया है।

जरा सी चूक और हो सकता था बड़ा हादसा
बता दें कि महल के जिस छज्जे पर नीलम बैठी थी, वहां जाने का कोई खास रास्ता नहीं था। नीलम उस छज्जे पर कूद कर पहुंची थी, जिससे उसके हाथ, पैर और कमर में गंभीर चोटें आ गई थीं। वह करीब चार घंटे तक उसी छज्जे पर बैठ रोती रही। गनीमत रही कि नीलम कूद कर छज्जे पर ही पहुंची। थोड़ा सा भी बैलेंस बिगड़ता तो वह गहरी खाई में भी गिर सकती थी। इतना ही नहीं रेस्क्यू टीम को भी वहां तक पहुंचने के लिए बड़ी मशक्कत करना पड़ी।

बोलते बोलते रो पड़े पिता
अपनी बेटी को इस अवस्था में देख नीलम के पिता घनश्याम रो पड़े। उन्होंने बताया कि चार दिन से नीलम के पति का अस्पताल में इलाज चल रहा था। उसकी मौत के बाद नीलम को ऐसा सदमा लगा कि वह खुदकुशी जैसा कदम उठाने के लिए यहां पर आ गई। बेटी को वापस पाने पर उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े और वो रोते रोते हाथ जोड़कर प्रशासन व पुलिस का धन्यवाद करते रहे।

पुलिस और प्रशासन की हो रही तारीफ
महिला की इस हरकत की वजह से पुलिस और आला अधिकारियों के सामने उसे बचाने की बड़ी चुनौती थी। रेस्क्यू टीम और पुलिस जवानों की इस मामले में तारीफ हो रही है क्योंकि कम संसाधनों के बावजूद सभी ने मिलकर उसे सकुशल बचा लिया।
लेखक के बारे में
आदित्य पूजन
आदित्य पूजन नवभारत टाइम्स में असिस्टेंट न्यूज एडिटर पर कार्यरत हैं। दैनिक जागरण, दैनिक भारस्कर और जी ग्रुप में काम कर चुके हैं। प्रिंट और इलेक्ट्रानिक मीडिया के बाद अब डिजिटल मीडिया में काम कर रहे हैं। राजनीति और खेल जगत की खबरों से काफी लगाव है।... और पढ़ें

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