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शहडोल जिला अस्पताल में रुक नहीं रहा नवजातों की मौत का सिलसिला, देर रात 2 बच्चों के जान गंवाने के बाद पूर्व सीएम कमलनाथ ने जताई चिंता

Infants death at Shahdol District Hospital : MP के शहडोल जिला अस्पताल में सोमवार देर रात 2 बच्चों की मौत के बाद पिछले 4 दिनों में 8 नवजातों की जान जा चुकी है। सभी मौतों पीआईसीयू और एसएनसीयू में हुई हैं। स्वास्थ्य विभाग की डॉक्टरों की टीम के बाद जबरपुर मेडिकल कॉलेज ते साइंटिस्ट्स की टीम मौतों की जांच के लिए शहडोल आ गई है। पूर्व सीएम कमलनाथ (Former CM Kamalnath) ने सरकार से बच्चों के बेहतर इलाज की व्यवस्था करने की मांग की है।

Lipi 1 Dec 2020, 9:39 pm

हाइलाइट्स

  • शहडोल जिला अस्पताल में नही थमा बच्चों की मौत का सिलसिला
  • सोमवार देर रात 2 और बच्चों की मौत, कुल आंकड़ा बढ़कर हुआ 8
  • उपचार के दौरान नवजातों की हो पही मौत, सभी बच्चे निमोनिया के मरीज
  • इस साल जनवरी महीने में भी अस्पताल में 24 घंटे में हुई थी 6 बच्चों की मौत
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नवभारतटाइम्स.कॉम Shahdol
शहडोल।
मध्य प्रदेश के शहडोल जिला अस्पताल (Shahdol Zila Aspatal) में बच्चों की मौत (Infants death at Shahdol District Hospital) का सिलसिला थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। पिछले 4 दिन में जिला अस्पताल (Shahdol Zila Aspatal) में 8 बच्चों की मौत हो चुकी है जिसमें से एक बच्चे की मौत एसएनसीयू में और बाकी 7 की पीएसयू में हुई है। सोमवार देर रात भी 2 बच्चों की जान गई। पूर्व सीएम कमलनाथ (Former CM Kamalnath) ने सोमवार को ट्वीट (Kamal Nath Tweet) कर बच्चों की मौत पर चिंता जताई। कमलनाथ ने सरकार से बच्चों के बेहतर इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की। इधर, लगातार हो रही मौतों की जांच के लिए गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा (Home Minister Narottam Mishra) के निर्देश पर जबलपुर मेडिकल कॉलेज से वैज्ञानिकों की टीम शहडोल पहुंच गई है।
जिला अस्पताल में जिन बच्चों की मौत हुई है, वे सभी 1 वर्ष से भी छोटे हैं। इसकी शुरुआत 27 तारीख को हुई जब 2 दिन के नवजात की मौत हुई। इसके बाद से मौतें लगातार जारी हैं। स्वास्थ्य विभाग की डॉक्टरों की टीम मौत के कारणों की जांच कर रही है। इस बीच, प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा (Home Minister Narottam Mishra)के निर्देश पर जबलपुर मेडिकल कॉलेज से साइंटिस्ट्स की टीम भी यहां पहुंच गई है।


अस्पताल के एसएनसीयू में अभी भी गंभीर स्थिति में बच्चे भर्ती हैं। जिले के कलेक्टर ने एसएनसीयू और पीआईसीयू का निरीक्षण किया और मौतों के बारे में डॉक्टरों से जानकारी ली। सीएमएचओ डॉ राजेश पांडे ने बताया कि सभी बच्चों की मौत एक जैसी ही है। इनमें सभी में निमोनिया के लक्षण थे और सभी वेंटिलेटर पर थे। गौरतलब है कि जिला अस्पताल में इसी वर्ष जनवरी माह में भी 1 दिन में एसएनसीयू में 6 बच्चों की मौत हुई थी। तत्कालीन कांग्रेस सरकार के स्वास्थ्य मंत्री ने तत्काल शहडोल का दौरा करके जांच रिपोर्ट मांगी थी, लेकिन वह रिपोर्ट आज भी ठंडे बस्ते में है।

Shahdol News: जिला अस्पताल में जारी है नवजातों की मौत का सिलसिला, देर रात 2 बच्चों की फिर गई जान

पूर्व सीएम कमलनाथ ने लगातार हो रही मौतों पर चिंता जताते हुए सरकार से पीड़ित परिवारों की मदद करने की मांग की है। कमलनाथ ने ट्विटर पर कहा (Kamal Nath Tweet)) है कि बीमार बच्चों को जरूरत पड़ने पर प्रदेश के दूसरे अस्पतालों में शिफ्ट किया जाए और सरकार अपने खर्च पर उनका इलाज कराए।

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