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महाराष्ट्र के बाघ 'नवाब' ने कतलाबोदी से अमरावती तक तय किया 135 किमी का सफर

लंबी दूरी तय कर एक वन क्षेत्र से दूसरे वन क्षेत्र में बाघ के जाने की एक और घटना सामने आई है। कलमेश्वर और कोंधली रेंज में कतलाबोदी की शेरनी का पुरुष शावक 135 किमी से अधिक की दूरी तय कर अमरावती शहर से लगने वाले पोहरा-मालखेड रिजर्व फॉरेस्ट पहुंच गया।

टाइम्स न्यूज नेटवर्क 13 Jan 2017, 12:55 pm
नागपुर
नवभारतटाइम्स.कॉम maharashtra tiger nawab travels 135km from katlabodi to amravati
महाराष्ट्र के बाघ 'नवाब' ने कतलाबोदी से अमरावती तक तय किया 135 किमी का सफर

लंबी दूरी तय कर एक वन क्षेत्र से दूसरे वन क्षेत्र में बाघ के जाने की एक और घटना सामने आई है। कलमेश्वर और कोंधली रेंज में कतलाबोदी की शेरनी का पुरुष शावक 135 किमी से अधिक की दूरी तय कर अमरावती शहर से लगने वाले पोहरा-मालखेड रिजर्व फॉरेस्ट पहुंच गया।

दो सालों के भीतर ये किसी पुरुष शावक का दूसरा रिकॉर्डेड माइग्रेशन है। 8 अप्रैल 2015 को टीओआई ने एक ऐसी ही घटना के बारे में बताया था। उस समय एक नर बाघ ने बोर टाइगर रिजर्व से पोहरा-मालखेड तक की करीब 150 किमी की दूरी तय की थी।

हालांकि अभी तक उस नर शावक के ठिकाने का पता नहीं लग पाया है लेकिन अमरावती के अधिकारी उसे खोजने को लेकर उत्साहित हैं। यह आश्चर्यजनक है कि कतलाबोदी न तो अभ्यारण्य है और न ही रिजर्व, फिर भी बाघों की आबादी की मेजबानी करता है। इसे देखते हुए इस इलाके को बेहतर तरीके से संरक्षित किए जाने की जरूरत है।

ऐसी आशंका जताई गई है कि हर साल इस इलाके से बाघ दूसरे इलाकों खासकर पोहरा-मालखेड में चले जाते हैं। हाल में कैमरों के इस्तेमाल की वजह से बाघों का यह माइग्रेशन रिकॉर्ड किया जा सकता है।

इस बार मालखेड पहुंचे नर शावर नवाब की उम्र 2.5 साल है। ऐसा कहा जा रहा है कि नवाब ने छोटे जंगलों, खेतों, एनएच-6, गांवों और औद्योगिक क्षेत्रों के खतरों को पार करते हुए पोहरा-मालखेड तक पहुंचा।

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