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कई शिक्षण संस्थानों का संचालक लेकिन अपने ही बच्चों का नहीं भरा फीज

एक शख्स जो पुणे, मुंबई और सावंतवाड़ी में कई शिक्षण संस्थानों को चलाता है। शानदार बंगले का मालिक है, मुंबई के उपनगरीय इलाके में आलीशान फ्लैट है। लेकिन उस शख्स ने अपने ही बच्चों का फीज नहीं भरा। फीज जमा नहीं होने की वजह से स्कूल में उसकी बेटी को बार-बार डांट खानी पड़ी, अपमान सहना पड़ा। यहां तक कि बेटी अपमान से व्यथित होकर कभी-कभार खुदकुशी के बारे में भी सोचने लगी। सुनने में यह अटपटा जरूर लग सकता है लेकिन सच है।

पुणे मिरर 17 Mar 2017, 4:44 pm
योगेश साधवानी, पुणे
नवभारतटाइम्स.कॉम education baron dodges school fees for own kids
कई शिक्षण संस्थानों का संचालक लेकिन अपने ही बच्चों का नहीं भरा फीज

एक शख्स जो पुणे, मुंबई और सावंतवाड़ी में कई शिक्षण संस्थानों को चलाता है। शानदार बंगले का मालिक है, मुंबई के उपनगरीय इलाके में आलीशान फ्लैट है। लेकिन उस शख्स ने अपने ही बच्चों का फीज नहीं भरा। फीज जमा नहीं होने की वजह से स्कूल में उसकी बेटी को बार-बार डांट खानी पड़ी, अपमान सहना पड़ा। यहां तक कि बेटी अपमान से व्यथित होकर कभी-कभार खुदकुशी तक के बारे में भी सोचने लगी। सुनने में यह अटपटा जरूर लग सकता है लेकिन सच है।

कई शिक्षण संस्थानों को चलाने वाला 46 साल का शख्स तलाकशुदा है। कैन्टान्मन्ट कोर्ट ने उसे अपनी पूर्व पत्नी को एक करोड़ रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है। कोर्ट ने उसे घरेलू हिंसा और अपने बच्चों को नजरअंदाज कर आर्थिक उत्पीड़न का दोषी बताया है। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा, 'फीज नहीं चुकाए जाने की वजह से आवेदक संख्या 2 (बेटी) को अपमानित होना पड़ा। उसे बीच सत्र में ही स्कूल से निकाल दिया गया, एग्जाम देने से रोक दिया गया और पाठ्येतर गतिविधियों में हिस्सा लेने से रोक दिया गया। इससे उसे डिप्रेशन का शिकार होना पड़ा और कभी-कभी उसे आत्महत्या के ख्याल भी आए।' कोर्ट ने कहा कि शख्स ने अपने ही बच्चों का फीज न जमा करके घरेलू हिंसा और क्रूरता की है।

शख्स ने दिसंबर 1996 में शादी की थी। उसके एक बेटा और एक बेटी हुए। अप्रैल 2014 में उसने पत्नी से तलाक ले लिया। तलाक के बाद उसने अपने ही बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाने से मना कर दिया। इतना ही नहीं, उसने मुंबई के एक उपनगर में स्थित अपने उस फ्लैट को भी बेच दिया, जिसे उसने बच्चों को देने का वादा किया था।

आखिरकार कोर्ट ने 10 मार्च को उस शख्स को आदेश दिया कि वह अपनी पूर्व पत्नी और बच्चों को एक करोड़ रुपये का मुआवजा दे। कोर्ट ने शख्स को अपनी तलाकशुदा पत्नी को हर महीने 25 हजार रुपये गुजाराभत्ता के तौर पर देने का भी आदेश दिया। इसके अलावा कोर्ट ने उस शख्स को अपनी पत्नी को इतने सालों तक बच्चों की अकेले परवरिश करने के एवज में करीब साढ़े 20 लाख रुपये अदा करने का आदेश दिया। कोर्ट ने मुंबई के फ्लैट के बेचे जाने से मिले 62 लाख रुपये को फिर से निवेश करने का आदेश दिया है।

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