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पुणे के सरकारी अस्पताल में होगा ऑक्सफर्ड की कोविड-19 वैक्सीन का ह्यूमन ट्रायल

ऑक्सफर्ड यूनिवर्सिटी और सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया की ओर से तैयार किए जा रहे कोविड-19 टीके के ट्रायल का तीसरा फेज पुणे में शुरू होगा। इसके सोमवार से शुरू होने की संभावना है। इससे पहले 11 सितंबर को डीसीजीआई ने सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया को निर्देश दिया था कि कोविड-19 के संभावित टीके के चिकित्सकीय परीक्षण पर रोक लगाई जाए।

पीटीआई 19 Sep 2020, 11:34 pm

हाइलाइट्स

  • ऑक्सफर्ड यूनिवर्सिटी के कोविड-19 टीके के ट्रायल का तीसरा फेज पुणे में शुरू होगा
  • मानव शरीर पर तीसरे चरण का परीक्षण अगले हफ्ते पुणे के ससून अस्पताल में होगा
  • ससून के सरकारी अस्पताल के डीन डॉक्टर मुरलीधर तांबे ने शनिवार को इसकी पुष्टि की
  • टेस्टिंग के लिए पहले ही कुछ स्वयंसेवक आगे आ चुके हैं, 200 लोगों को लगेगा टीका
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पुणे
ऑक्सफर्ड यूनिवर्सिटी और सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया की ओर से तैयार किए जा रहे कोविड-19 टीके के ट्रायल का तीसरा फेज पुणे में शुरू होगा। मानव शरीर पर तीसरे चरण का परीक्षण अगले हफ्ते पुणे के ससून अस्पताल में होगा। ससून के सरकारी अस्पताल के डीन डॉक्टर मुरलीधर तांबे ने शनिवार को इसकी पुष्टि की है।
डॉक्टर मुरलीधर तांबे ने कहा, 'ससून अस्पताल में अगले सप्ताह 'कोविशील्ड' टीके के तीसरे चरण का परीक्षण शुरू हो जाएगा। इसके सोमवार से शुरू होने की संभावना है। टेस्टिंग के लिए पहले ही कुछ स्वयंसेवक आगे आ चुके हैं। लगभग 150 से 200 लोगों को यह टीका लगाया जाएगा।'

डीसीजीआई ने रखींं शर्तें
15 सितंबर को भारतीय औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआई) डॉ. वीजी सोमानी ने सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) को ऑक्सफोर्ड के कोविड-19 टीके का उम्मीदवारों पर क्लीनिकल ट्रायल (चिकित्सकीय परीक्षण) फिर से शुरू करने की अनुमति दे दी थी। हालांकि डीसीजीआई ने इसके लिए जांच के दौरान अतिरिक्त ध्यान देने समेत अन्य कई शर्तें रखी हैं। एसआईआई से डीजीसीआई ने विपरित परिस्थतियों से निपटने में नियम के अनुसार तय इलाज की भी जानकारी जमा करने को कहा है।


DGCI ने टीके के ह्यूमन ट्रायल पर लगाई थी रोक

इससे पहले 11 सितंबर को डीसीजीआई ने सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया को निर्देश दिया था कि कोविड-19 के संभावित टीके के चिकित्सकीय परीक्षण पर रोक लगाई जाए क्योंकि दिग्गज दवा कंपनी एस्ट्राजेनिका ने अध्ययन में शामिल हुए एक व्यक्ति के 'तबीयत खराब' होने के बाद अन्य देशों में परीक्षण रोक दिया था।

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