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आंध्र प्रदेश पुलिस ने 6 साल के नाबालिग समेत 4 बच्चों पर किया दहेज उत्पीड़न का केस

आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिले में पुलिस ने 6 साल के बच्चे समेत 4 नाबालिगों को दहेज उत्पीड़न के एक केस में आरोपी बनाया है। इस एफआईआर के खिलाफ अब आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट में अपील की गई है।

टाइम्स न्यूज नेटवर्क 30 Oct 2019, 12:40 pm
विजयवाड़ा
नवभारतटाइम्स.कॉम 253415
सांकेतिक चित्र

आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिले में पुलिस ने दहेज उत्पीड़न के एक केस में 6 साल के बच्चे समेत 4 नाबालिगों को आरोपी बनाते हुए एफआईआर दर्ज की है। एक महिला द्वारा अपने पति और ससुराल के अन्य लोगों पर दहेज के लिए उत्पीड़न करने का आरोप लगाने के बाद पुलिस ने इस संबंध में मुकदमा दर्ज किया था। आश्चर्य की बात यह कि पुलिस ने एफआईआर में महिला के पति और ससुराल के अन्य लोगों के अलावा चार बच्चों को भी आरोपी बनाया है।

एफआईआर में नामजद बच्चों में 6 और 9 वर्ष की दो लड़कियां एवं 11 साल की उम्र के दो लड़के शामिल हैं। पुलिस के पास शिकायत करने वाली महिला का नाम पोन्निकांति बिंदु है और उन्होंने अपने पति अदराना कुमार समेत ससुराल के अन्य लोगों उसे दहेज की मांग करते हुए परेशान करने का आरोप लगाया है। एफआईआर में बच्चों का नाम शामिल करने को लेकर महिला के पति ने आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट में इसके खिलाफ शिकायत की है, हालांकि कोर्ट ने अभी तक इस याचिका पर सुनवाई नहीं की है। पुलिस पर आरोप है कि उसने सिर्फ शिकायत पत्र के आधार पर केस दर्ज कर लिया और इस बात की जांच नहीं की कि जिन लोगों के नाम वह एफआईआर में शामिल कर रही है उसमें 4 बच्चे भी हैं।

ससुराल के लोगों पर लगाए गए थे आरोप
वहीं बिंदु ने अपनी शिकायत में कहा है कि उन्होंने नवंबर 2018 में अदराना कुमार से शादी की थी। शादी के वक्त उनके माता-पिता ने दहेज के रूप में 3 लाख रुपये कैश, 6 ग्राम सोना और 44, 663 रुपये के फर्नीचर दिए थे। बिंदु का कहना है कि शादी के कुछ दिन बाद ही ससुराल के लोग उन्हें परेशान करने लगे। इसके अलावा कई बार घर के बच्चों ने भी उन्हें प्रताड़ित किया। शिकायत में कहा गया है कि पति और ससुराल के अन्य लोगों ने उनका मोबाइल फोन भी छीन लिया और माता-पिता से बात करने की इजाजत नहीं दी। इसके बाद ही उन्होंने पुलिस से मदद मांगी।

26 सितंबर को दर्ज हुई एफआईआर
बिंदु की शिकायत पर गुंटूर के महिला थाने में 26 सितंबर को एफआईआर दर्ज की गई। हालांकि प्राथमिकी में बच्चों के नाम शामिल किए जाने को लेकर बिंदु के पति ने हाई कोर्ट में अर्जी देते हुए न्याय की मांग की। अदराना कुमार ने कोर्ट में अर्जी देते हुए यह भी कहा कि पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया का पालन नहीं किया और नाबालिगों को भी दहेज उत्पीड़न की धाराओं में आरोपी बनाकर उन्हें नामजद कर दिया गया।

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