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दार्जिलिंग: बंगाल बीेजेपी अध्यक्ष दिलीप घोष पर हमला, 3 दिन का दौरा रद्द

पश्चिम बंगाल बीजेपी के अध्यक्ष दिलीप घोष पर दार्जिलिंग में हमला हुआ है। बताया जा रहा है कि दार्जिलिंग में अज्ञात युवकों ने उनके सामने कुछ बीजेपी कार्यकर्ताओं की पिटाई की। आरोप है कि गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (जीजेएम) के बागी नेता बिनय तमांग के समर्थकों ने इस घटना को अंजाम दिया है।

टाइम्स न्यूज नेटवर्क 5 Oct 2017, 6:58 pm
दार्जिलिंग
नवभारतटाइम्स.कॉम GHOSH DARJEELING
दिलीप घोष ने हमले को टीएमसी की साजिश बताया है

पश्चिम बंगाल बीजेपी के अध्यक्ष दिलीप घोष पर दार्जिलिंग में हमला हुआ है। बताया जा रहा है कि दार्जिलिंग में अज्ञात युवकों ने उनके सामने कुछ बीजेपी कार्यकर्ताओं की पिटाई की। आरोप है कि गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (जीजेएम) के बागी नेता बिनय तमांग के समर्थकों ने इस घटना को अंजाम दिया है।

बीजेपी को कहना है कि तमांग के समर्थकों ने उनके दो कार्यकर्ताओं को बुरी तरह पीटा है। दिलीप घोष ने इस घटना के बारे में बताया, 'यह पहले से नियोजित हमला था। अपने कार्यकर्ताओं को बचाने के दौरान मुझ पर हमला हुआ। वह जख्मी थे। मुझे भी इस दौरान हमलावरों ने धक्का दिया।'

पश्चिम बंगाल बीजेपी के अध्यक्ष दिलीप घोष 3 पहाड़ी इलाकों के 3 दिन के दौरे पर हैं। 104 दिन तक गोरखालैंड को लेकर चल रहे हिंसक विरोध प्रदर्शन के बीच 26 सितंबर को यहां शांति कायम हुई थी। जीजेएम से निकाले गए नेता बिनय तमांग के समर्थकों ने कथित रूप से घोष के साथ दार्जिलिंग में धक्का-मुक्की की। तमांग ने बीजेपी नेताओं को यहां की शांति और स्थायित्व में खलल डाले बगैर दार्जिलिंग छोड़ने की चेतावनी दी थी।

बिनय तमांग के समर्थकों ने घोष की अगुवाई में बीजेपी टीम के पहुंचने पर विरोध प्रदर्शन किया। हालांकि घोष ने पहाड़ी इलाकों में किसी तरह की गड़बड़ी फैलाने के उद्देश्य से अपने दौरे को लेकर लगाए जा रहे आरोप खारिज किए। उन्होंने तमांग को देशद्रोही करार दिया।

बीजेपी ने रद्द किया 3 दिन का दौरा
तमांग के समर्थकों ने काले झंडे दिखाते हुए 'वापस जाओ' के नारे लगाए। घोष के समर्थकों पर कथित रूप से हमला किया गया। बीजेपी अध्यक्ष ने इस दौरान चाक बाजार पुलिस स्टेशन में शरण ली। विरोध प्रदर्शन को देखते हुए बीजेपी ने 3 दिन का अपना दौरा रद्द कर दिया है।

घोष ने इस मामले में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को कठघरे में खड़ा करते हुए कहा, 'इसकी साजिश टीएमसी ने रची थी। वहां मेरी सुरक्षा के लिए कोई पुलिसकर्मी नहीं था।' घोष के आरोपों को नकारते हुए टीएमसी महासचिव और ममता सरकार में मंत्री पार्था चटर्जी ने कहा, 'घोष वहां पर शांति भंग करने के लिए गए थे। पहाड़ के लोगों ने उन्हें वापस जाने को कह दिया है।'

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