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केरल में 2 मुस्लिम उम्मीदवार BJP का बढ़ा रहे जनाधार, जानिए कैसे

बीजेपी ने इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग का मजबूत गढ़ माने जाने वाले मलप्‍पपुरम में सेंध लगाने के लिए स्‍थानीय निकाय के चुनावों में दो मुस्लिम महिलाओं को अपना उम्‍मीदवार बनाया है।

पीटीआई 24 Nov 2020, 4:03 pm

हाइलाइट्स

  • बीजेपी ने केरल के मलप्‍पपुरम में होने वाले स्‍थानीय निकाय के चुनावों में दो मुस्लिम महिला उम्‍मीदवारों को टिकट दिया
  • केरल के राजनीतिक इतिहास में बीजेपी ने ऐसा कदम पहली बार उठाया, पार्टी वर्कर्स में उत्साह
  • मुस्लिम बहुल मलप्‍पपुरम जिला इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) का गढ़ माना जाता है
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नवभारतटाइम्स.कॉम BJP
सांकेतिक तस्‍वीर
मलप्‍पपुरम
बीजेपी ने केरल के मलप्‍पपुरम जिले में होने वाले स्‍थानीय निकाय के चुनावों में दो मुस्लिम महिला उम्‍मीदवारों को टिकट दिया है। केरल के राजनीतिक इतिहास में बीजेपी ने ऐसा कदम पहली बार उठाया है। मुस्लिम बहुल मलप्‍पपुरम जिला इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) का गढ़ माना जाता है, बीजेपी के इस फैसले से बीजेपी कार्यकर्ताओं का उत्‍साह काफी बढ़ेगा।
हालांकि कई मुस्लिम उम्‍मीदवार इन चुनावों में बीजेपी के टिकट पर लड़ रहे हैं लेकिन केवल यही दो महिलाएं कमल के निशान के तले चुनाव लड़ रही हैं। इनमें से एक हैं टीवी सुलफथ जो वंडूर ग्राम पंचायत के वार्ड 6 से उम्‍मीदवार हैं, वहीं आयशा हुसैन पोनमुदम ग्राम पंचायत में वार्ड 9 से बीजेपी कैंडिडेट हैं।

बीजेपी सरकार के फैसलों की हैं मुरीद
बीजेपी का दामन थामने के पीछे दोनों की अपनी-अपनी वजहें हैं। सुलफथ केंद्र की बीजेपी सरकार की 'प्रगतिशील' नीतियों की मुरीद हैं। खास उन नीतियों की जिन्‍होंने मुस्लिम महिलाओं के हालात बेहतर करने की तस्‍वीर दिखाई है। इनमें ट्रिपल तलाक को अवैध ठहराना और महिलाओं की शादी की उम्र 18 से बढ़ाकर 21 साल करना अहम हैं।

मोदी के बोल्‍ड फैसले हैं पसंद
वहीं आयशा के पति बीजेपी के अल्‍पसंख्‍यक मोर्चा के सदस्‍य हैं। वह भी मलप्‍पपुरम जिला पंचायत की इडारीकोड डिविजन में बीजेपी के झंडे तले चुनाव लड़ रहे हैं। आयशा को पीएम मोदी के बोल्‍ड फैसले बहुत भाते हैं। वह कहती हैं मैं मोदी जी और बीजेपी के उन कदमों का समर्थन करती हूं जो उन्‍होंने देश के भले के लिए उठाए हैं।

मलप्‍पपुरम में बीजेपी का आधार कमजोर है लेकिन इन दो मुस्लिम महिलाओं की उम्‍मीदवारी से पार्टी को उम्‍मीद है कि अल्‍पसंख्‍यकों के मन में उसे लेकर जो निगेटिव छवि बनी है कि वह सिर्फ हिंदुओं की पार्टी है, उसे तोड़ने में मदद मिलेगी।

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