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केरल: 'सीएए समर्थक हिंदुओं का पानी रोका', ट्वीट कर फंसीं बीजेपी सांसद, केस दर्ज

केरल पुलिस ने बीजेपी सांसद शोभा करांदलाजे के एक विवादित ट्वीट को लेकर उनके खिलाफ केस दर्ज किया है। उन्होंने दावा किया था कि केरल के मलप्पुरम में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) समर्थक हिंदुओं के घरों में पानी की सप्लाई रोक दी गई है।

एएनआई 24 Jan 2020, 12:05 pm

हाइलाइट्स

  • केरल पुलिस ने बीजेपी सांसद शोभा करांदलाजे के एक विवादित ट्वीट को लेकर केस दर्ज किया
  • शोभा करांदलाजे ने ट्वीट किया था, मलप्पुरम में सीएए समर्थक हिंदुओं को पानी की सप्लाई रोकी गई
  • पुलिस ने शोभा के खिलाफ IPC 153ए (दो समुदायों के बीच वैमनस्यता फैलाना) के तहत केस दर्ज किया
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मलप्पुरम
केरल पुलिस ने बीजेपी सांसद शोभा करांदलाजे के एक विवादित ट्वीट को लेकर उनके खिलाफ केस दर्ज किया है। कर्नाटक के उडुप्पी-चिकमंगलुरु से सांसद शोभा ने ट्वीट किया था कि केरल के मलप्पुरम में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) समर्थक हिंदुओं के घरों में पानी की सप्लाई रोक दी गई है।
मलप्पुरम पुलिस ने शोभा के खिलाफ आईपीसी 153ए (दो समुदायों के बीच वैमनस्यता फैलाना) के तहत केस दर्ज किया है। मलप्पुरम के एसपी अब्दुल करीम ने कहा, 'बीजेपी सांसद शोभा करांदलाजे के खिलाफ आईपीसी 153ए, 120, 34 के तहत केस दर्ज किया गया है। उन्होंने झूठी और निराधार सूचना फैलाकर दो समुदायों के बीच वैमनस्यता फैलाने का काम किया है। उस इलाके में पानी की कमी सीएए के पास होने से भी पहले से है।'

शोभा ने लिखा था, 'केरल धीरे-धीरे कश्मीर बनने की राह पर है। मलप्पुरम के कुट्टीपुरम पंचायत में सीएए समर्थक हिंदुओं को पानी की सप्लाई रोक दी गई है।' उन्होंने आगे लिखा, 'सेवा भारती संस्था इन लोगों को फिलहाल पानी मुहैया करा रही है। क्या मीडिया 'शांतिदूतों' की इस असहिष्णुता को दिखाएगा?' उनके इस ट्वीट पर जहां कई यूजर्स ने केरल सरकार को निशाने पर लिया, तो कुछ ने इसे निराधार करार दिया।

'सीएए समर्थकों की नौकरी जा रही, केरल सरकार चुप'एफआईआर पर प्रतिक्रिया देते हुए शोभा ने ट्वीट किया, 'चेराकुन्नू में दलित परिवारों के साथ हुए भेदभाव पर कार्रवाई करने की जगह केरल सरकार ने मेरे खिलाफ केस दर्ज किया है। हम सभी को केरल की भेदभावपूर्ण वामपंथी सरकार के खिलाफ खड़े होना चाहिए। सीएए को संसद के दोनों सदनों ने पारित किया। मगर इसका समर्थन करने वालों के साथ राज्य में भेदभाव हो रहा है, उनकी नौकरी जा रही है। केरल सरकार इस पर चुप है।'

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