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मुस्लिमों में बांट रहे टीकाकरण का समर्थन करने वाला फतवा

केरल में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी सउदी अरब के विद्वान का फतवा स्कूलों में मुस्लिम समुदाय के बीच बांट रहे हैं। उत्तरी केरल में बांटे जा रहे इस फतवा में सरकार के मीजल्स और रुबेला वैक्सीन कैंपेन को मदद मिल रही है। इस फतवे में टीकाकरण का समर्थन किया गया है। ​

टाइम्स न्यूज नेटवर्क 11 Oct 2017, 10:57 am
कोझीकोड
नवभारतटाइम्स.कॉम स्कूल में बच्चों को जागरुक करते सलीम
स्कूल में बच्चों को जागरुक करते सलीम

केरल में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी सउदी अरब के विद्वान का फतवा स्कूलों में मुस्लिम समुदाय के बीच बांट रहे हैं। उत्तरी केरल में बांटे जा रहे इस फतवा में सरकार के मीजल्स और रुबेला वैक्सीन कैंपेन को मदद मिल रही है। इस फतवे में टीकाकरण का समर्थन किया गया है।

राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम के तहत टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। कुछ धार्मिक संगठन इसका विरोध कर रहे हैं और इसके इतर वैकल्पिक दवाओं की वकालत इन धार्मिक संगठनों द्वारा कुछ राज्यों में की जा रही है।

कन्नूर के जूनियर हेल्थ इंस्पेक्टर सीपी सलीम ने बताया कि केरल में सभी बड़े धार्मिक नेता इस अभियान का समर्थन कर रहे हैं, लेकिन कुछ इलाकों में अब भी इस अभियान का कुछ लोगों द्वारा विरोध किया जा रहा है। एक सलाफी उपदेशक ने सोशल मीडिया में एक पोस्ट डाली जिसमें सउदी अरबिया के गुजर चुके शेख इब्न बाज़ के फतवे पर आधारित थी।

इब्न बाज़ ने इसमें इस बात को स्पष्ट और जोर देकर कहा है कि अगर किसी बीमारी के बढ़ने का डर है तो इलाज देने में कुछ भी गलत नहीं है क्योंकि संक्रमण या इस तरह के दूसरे वायरस बीमारियों का कारण बन सकते हैं।

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उनके फतवा में लिखा गया है कि बीमारियों के डर से किसी को दवा देना गलत नहीं है। टीकाकरण गंभीर, जानलेवा बीमारियों से बचाता है इसलिए इसके साइड इफेक्ट्स को भी नजर अंदाज किया जा सकता है। फतवा में टीकाकरण की तुलना खतना से की गई है। सर्जरी से दर्द होता है लेकिन इसके बाद में बहुत फायदे होते हैं।

कन्नूर जिले के बाल स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पीएम ज्योति ने बताया कि यह फतवा उनके लिए बहुत मददगार साबित हुआ है। इससे मुस्लिमों को टीकाकरण के लिए उत्साहित किया जा रहा है। विभाग बड़े स्तर पर फतवा की कॉपियां जिले के हर हिस्से में बांट रहा है। उम्मीद है कि मुस्लिम्स को टीकाकरण के लिए उत्साहित करने के लिए बहुत मदद मिलेगी।

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सलीम ने बताया कि मुस्लिम समुदाय में यह एक बड़ा भ्रम है कि टीकाकरण उनकी प्रजनन क्षमता प्रभावित करता है। वे लोगों को भीड़ में एकत्र करके उन देशों के बारे में भी बता रहे हैं जहां लोगों का टीकाकरण हो रहा है उसके बाद भी वहां जनसंख्या बढ़ रही है। लोगों को टीकाकरण के वे कार्ड भी दिखाए जा रहे हैं जो गल्फ देशों में दिए जाते हैं। सलीम ने बताया कि फतवा की कॉपी कुछ अस्पतालों और उन जगहों पर लगाई गई है जिन इलाकों में मुस्लिमों की संख्या ज्यादा है।

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