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दिल्ली-चंडीगढ़ के बीच बुलेट ट्रेन दौड़ाने का ड्राफ्ट तैयार

देश में दूसरी बुलेट ट्रेन दौड़ाने के लिए ड्राफ्ट तैयार कर लिया गया है। तैयार प्लान के अनुसार दिल्ली-चंडीगढ़-जालंधर-अमृतसर के बीच एक नया ट्रैक बनाया जाएगा। परियोजना पर एक लाख करोड़ रुपये खर्च होंगे और यदि काम स्पीड से चला तो साल 2024 तक इस ट्रैक पर बुलेट ट्रेन 300 से 500 किलोमीटर की रफ्तार से दौड़ेगी।

नवभारत टाइम्स 10 Apr 2016, 9:59 pm
प्रमुख संवाददाता, चंडीगढ़
नवभारतटाइम्स.कॉम draft of bullet train for delhi chandigarh route prepared
दिल्ली-चंडीगढ़ के बीच बुलेट ट्रेन दौड़ाने का ड्राफ्ट तैयार


देश में दूसरी बुलेट ट्रेन दौड़ाने के लिए ड्राफ्ट तैयार कर लिया गया है। तैयार प्लान के अनुसार दिल्ली-चंडीगढ़-जालंधर-अमृतसर के बीच एक नया ट्रैक बनाया जाएगा। परियोजना पर एक लाख करोड़ रुपये खर्च होंगे और यदि काम स्पीड से चला तो साल 2024 तक इस ट्रैक पर बुलेट ट्रेन 300 से 500 किलोमीटर की रफ्तार से दौड़ेगी। इससे दिल्ली और चंडीगढ़ के बीच का ट्रैवल टाइम केवल एक घंटा रह जाएगा। उल्लेखनीय है कि देश की पहली बुलेट ट्रेन मुंबई-अहमदाबाद के बीच दौड़ेगी।
इस रूट पर बुलेट ट्रेन चलाने का ऐलान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। इसके बाद इस पर फ्रांस की सिस्टा कंपनी और भारतीय रेलवे की पीएसयू राइट्स ने मिलकर फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार की। इस पर डेढ़ साल का समय लगा। रेलवे विभाग के सूत्रों के अनुसार यह पीपीपी मोड पर नहीं बल्कि सरकारी खर्च पर बनेगी। बुलेट ट्रेन चलाने के लिए दिल्ली, सोनीपत, पानीपत, अंबाला, चंडीगढ़, लुधियाना, जालंधर होते हुए अमृतसर तक नया ट्रैक बनाया जाएगा। इसकी कुल दूरी 458 किलोमीटर होगी और ट्रैक पर बुलेट ट्रेन 300 से 500 किलोमीटर की रफ्तार से दौड़ेगी। उल्लेखनीय है कि दिल्ली और चंडीगढ़ के बीच 250 किलोमीटर की दूरी है और इस स्पीड से दोनों शहरों के बीच एक घंटे का ट्रैवल रह जाएगा जो अभी साढ़े तीन घंटे है।

सेमी हाई स्पीड ट्रेन के लिए रिपोर्ट तैयार
रेलवे विभाग के सूत्रों के अनुसार दिल्ली से चंडीगढ़ के बीच सेमी हाई स्पीड ट्रेन चलाने के लिए फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार हो गई है। फ्रांस रेलवे और भारतीय रेलवे ने इसपर सर्वे किया था और यह ट्रैक 160 से 200 किलोमीटर की रफ्तार से ट्रेन चलाने के लिए उपयुक्त पाया गया था। फ्रांस रेलवे इस पर 10 करोड़ जबकि शेष भारतीय रेल खर्च करेगा। फ्रांस की एसएनसीएफ की टीम ने सर्वे के दौरान इंजीनियरिंग और सिग्नल सिस्टम की स्टडी की थी।
सेमी हाई स्पीड ट्रेन चलने से चंडीगढ़ और दिल्ली के बीच का सफर महज डेढ़ घंटे रह जाएगा। इस समय ट्रैक पर चलने वाली सबसे तेज शताब्दी ट्रेन साढ़े तीन घंटे का वक्त लेती है। दिल्ली से अंबाला के बीच यह 130 किलोमीटर प्रतिघंटा जबकि अंबाला से चंडीगढ़ के बीच 110 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड से चलती है। चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर रोजाना करीब 30 हजार पैसेंजर आते हैं जबकि, चंडीगढ़ से दिल्ली के बीच करीब 700 अनरिजवर्ड पैसेंजर एक तरफा चलते हैं। चूंकि इस रूट पर रिजर्व सीटें हर ट्रेन में हैं तो यह आंकड़ा हजारों में पहुंच जाता है।


यह प्रारंभिक रिपोर्ट है और रेलवे मंत्री को भेजी गई है। रेलवे बोर्ड अब इसका अध्ययन करेगा और इसके बाद फाइनल रिपोर्ट तैयार होगी।
- दिनेश कुमार-डीआरएम, अंबाला डिविजन

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