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Farmers Railway protest: ट्रैक पर बैठे किसानों का ऐलान, तीन दिन और बढ़ाया प्रदर्शन, महिलाएं और युवा भी होंगे शामिल

भारतीय किसान यूनियन और रिवॉल्यूशनरी मार्क्सवादी पार्टी ऑफ़ इंडिया (RMPI) के तत्वावधान में शुक्रवार को किसानों ने कृषि बिल के विरोध में जालंधर में फिल्लौर के पास अमृतसर-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग को जाम कर दिया था।

नवभारतटाइम्स.कॉम 26 Sep 2020, 8:27 am
केंद्र सरकार के कृषि विधेयकों के खिलाफ 'पंजाब बंद' के तहत किसानों ने शुक्रवार को व्यापक प्रदर्शन किया। किसानों का प्रदर्शन शनिवार को भी जारी रहा। यह विरोध तीन दिन और बढ़ा दिया गया है। पूर्णतया पंजाब बंद के लिए भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के तत्वावधान में 31 किसान संगठनों ने हाथ मिलाया है। राज्य में सत्तारूढ़ कांग्रेस और विपक्षी आप ने किसानों के प्रदर्शनों को समर्थन दिया है, वहीं शिरोमणि अकाली दल के बिक्रम सिंह मजीठिया ने अमृतसर में विरोध प्रदर्शन कर कर रहे हैं। रेल रोका आंदोलन चल रहा है। किसानों ने अपनी रात रेल के पटरियों पर ही गुजारी।
नवभारतटाइम्स.कॉम punjab farmers protest continue next three days more
Farmers Railway protest: ट्रैक पर बैठे किसानों का ऐलान, तीन दिन और बढ़ाया प्रदर्शन, महिलाएं और युवा भी होंगे शामिल


तीन दिनों के बाद आगे की रणनीति होगी तय

किसान मजदूर संघर्ष समिति के प्रदेश सचिव श्रवण सिंह पंढेर ने बताया कि संगठन ने फैसला लिया है कि उनका यह प्रदर्शन आगे तीन दिन और जारी रहेगा। तीन दिनों के बाद फिर आगे विरोध प्रदर्शन पर फैसला लिया जाएगा।

​अब 28 सितंबर तक जारी रहेगा प्रदर्शन

पंजाब में शुरू हुआ किसानों का रेल रोको आंदोलन 26 सिंतबर को खत्म होना था लेकिन अब किसानों ने उसे तीन दिन और जारी रखने का फैसला लिया है। सभी किसान अगले तीन दिन ऐसे ही पटरियों पर अपने दिन-रात गुजारेंगे।

​27 को महिलाएं और 28 को युवा होंगे प्रदर्शन का हिस्सा

27 सितंबर को महिलाओं का समूह भी इस प्रदर्शन में शामिल होगा। वहीं 28 सितंबर को युवा किसानों के इस प्रदर्शन का हिस्सा बनेंगे। पंढेर ने बताया कि 28 सितंबर को शहीद भगत सिंह का जन्मदिन है और इसी दिन युवा प्रदर्शन में शामिल होंगे।

​फिरोजपुर डिविजन की ट्रेनें कैंसल

इधर रेलवे ट्रैक पर किसानों के आ जाने पर रेलवे ने कई ट्रेनें कैंसल कर दी हैं। फिरोजपुर डिविजन नें 24 सितंबर से लेकर 26 सितंबर तक ट्रेनें कैंसल की हैं। अब किसानों का आंदोलन तीन दिन और बढ़ गया है इसलिए इसे आगे भी बढ़ाए जाने की आशंका है।

कृषि बिलों के खिलाफ हैं किसान

शुक्रवार को सिर्फ पंजाब ही नहीं बल्कि देश के हरियाणा और ओडिशा जैसे कई राज्यों में किसानों का गुस्सा नजर आया। किसान नए बिल का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि नया बिल किसानों के विरोध में है। जबकि केंद्र सरकार का कहना है कि यह बिल छोटे और मध्यम किसानों के पक्ष में है।

​'नेता या राजनीतिक लोगों को नहीं होंने देंगे शामिल'

पंढेर ने कहा है, 'हम अपने प्रदर्शन में किसी भी नेता या राजनीतिक पार्टी को हिस्सा नहीं बनने देंगे। संघर्ष हमारा है और हमारा यह संघर्ष तब तक जारी रहेगा, जब तक केंद्र सरकार अपने कृषि बिलों को वापस नहीं लेती है।'

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