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HSVP की 2 एकड़ जमीन धोखे से कंपनी को 2 करोड़ में बेच दी

Gurugram Crime News: मामले की जांच करते हुए स्टेट क्राइम ब्रांच ने इस फर्जीवाड़े में शामिल एक आरोपित व रजिस्ट्री के दौरान गवाही देने वाले दो वकीलों को अरेस्ट किया है।

नवभारत टाइम्स 22 Jan 2021, 1:31 pm
गुड़गांव
नवभारतटाइम्स.कॉम Land-Graud

हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) की ओर से एक्वायर की गई जमीन को ठगों ने फर्जी तरीके से किसी अन्य के नाम करा दिया। इसके बाद इस जमीन को 2 करोड़ रुपये में निजी कंपनी को बेच दिया गया। मामले की जांच करते हुए स्टेट क्राइम ब्रांच ने इस फर्जीवाड़े में शामिल एक आरोपित व रजिस्ट्री के दौरान गवाही देने वाले दो वकीलों को अरेस्ट किया है। इनसे पूछताछ कर अब मुख्य आरोपित की तलाश चल रही है।

स्टेट क्राइम ब्रांच से मिली जानकारी के अनुसार, इस्लामपुर गांव में काफी जमीन को साल 1993 में एचएसवीपी ने एक्वायर किया था। लेकिन कुछ लोगों ने मिलकर इस अधिग्रहित हो चुकी जमीन में से 2 एकड़ जमीन एक निजी कंपनी को बेच दी। कई साल बाद एचएसवीपी वहां विकास कार्य करने लगा तो रेकॉर्ड में अपनी खरीदी गई जमीन को निजी कंपनी का पाया।

जमीन जिसे बेची थी उसने दी पुलिस को शिकायत
निजी कंपनी से बात की तो खुलासा हुआ कि उन्होंने यह जमीन 2 करोड़ रुपये में खरीदी है। मामला सामने आया तो जमीन की असल मालिक रही गुप्ता कॉलोनी निवासी महिला मूर्ति देवी ने पुलिस को शिकायत दी। केस की जांच स्टेट क्राइम ब्रांच की टीम ने शुरू की। जांच में सामने आया कि फर्जीवाड़े का मास्टरमाइंड गांव झाड़सा निवासी रोहित ठाकरान और इस्लामपुर निवासी अजय चौधरी है। इन दोनों ने जमीन की असल मालिक रही मूर्ति देवी, लक्ष्मी देवी और बाला देवी की जगह 3 अन्य औरतों को उनके नाम पर खड़ा कर 2 एकड़ पैतृक जमीन की रजिस्ट्री अजय चौधरी के नाम करा ली। इसके बाद इस जमीन को आगे कंपनी को 2 करोड़ रुपये में बेच दिया गया।

आरोपित ने सीखा था पटवारी का काम, इसलिए जानता था दांव-पेच
स्टेट क्राइम ब्रांच ने कार्रवाई करते हुए रोहित ठाकरान और बतौर गवाह असल मालिकों की पहचान करने वाले दो वकीलों चमन लाल अरोड़ा व सुभाष चंद अरोड़ा को अरेस्ट कर लिया है। रोहित ठाकरान व अजय चौधरी पर पहले भी कई मामले दर्ज हैं। रोहित ने निजी तौर पर पटवारी का काम सीखा था। वो एक्वायर हुई जमीन के बारे में जानता था।

अलग-अलग कई खातों में डलवाई गई राशि
रोहित के बैंक खाते में अजय चौधरी ने ठगी की रकम 2 करोड़ में से 29 लाख रुपये ट्रांसफर किए थे। अजय चौधरी ने यह राशि जिन खातों में हासिल की, उनमें खाते खुलवाते समय अलग-अलग पेन कार्ड प्रयोग किए गए।

आरोपितों पर पहले भी दर्ज हैं कई मामले
रोहित पर लड़ाई-झगड़े व शराब तस्करी के मामले दर्ज मिले हैं। अजय चौधरी ने भी साल 2006 में राजस्थान में पुलिस कॉन्स्टेबल को गोली मार हत्या की वारदात में शामिल रहा है। स्टेट क्राइम ब्रांच प्रवक्ता ने बताया कि जांच आगे बढ़ाकर कार्रवाई की जा रही है।

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