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डेंगू, स्वाइन फ्लू से ऐसे होगी फाइट?

अजय गुप्ता, गुड़गांवसाइबर सिटी में डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी सीजनल बीमारियों के साथ-साथ स्वाइन फ्लू के बढ़ रहे मामलों को देखते हुए ...

Navbharat Times 13 Jul 2017, 8:00 am

अजय गुप्ता, गुड़गांव

साइबर सिटी में डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी सीजनल बीमारियों के साथ-साथ स्वाइन फ्लू के बढ़ रहे मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया है। विभाग ने सभी सरकारी हॉस्पिटल को अलर्ट कर दिया है। इसके तहत जहां जिला मलेरिया विभाग ने जिले में लार्वा की जांच के लिए टीमें तैनात कर दी हैं, वहीं सरकारी हॉस्पिटल भी मरीजों को बेहतर इलाज देने के लिए मुकम्मल इंतजाम करने में जुट गए हैं। हालांकि मॉनसून शुरू होने के बाद भी यहां स्पेशल ओपीडी शुरू नहीं की गई है। यह स्थिति तब है जब लगातार डेंगू और स्वाइन फ्लू के संदिग्ध मामले सामने आ रहे हैं।

अब तक तैयार नहीं हुई ओपीडी

इस बार मॉनसून से पहले डेंगू और चिकनगुनिया के केस सामने आए हैं। इसके बाद भी हॉस्पिटल प्रबंधन स्पेशल ओपीडी तैयार नहीं कर सका। सीजनल बीमारियों के संदिग्ध मरीजों के लिए पिछले डेढ़ माह से स्पेशल ओपीडी बनाने की बात कही जा रही है। अब तक यह ओपीडी तैयार नहीं हो सकी है जबकि डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया के संदिग्ध मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। अब एक बार फिर हॉस्पिटल प्रबंधन एक सप्ताह के अंदर अलग ओपीडी बनाने बात कर रहा है। प्रबंधन का कहना है कि इसे लेकर स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों से बात हो रही है। उम्मीद है कि अगले सप्ताह तक ओपीडी बना दी जाए। इसे फीवर ओपीडी नाम दिया जाएगा।

नहीं जारी हुआ हेल्पलाइन नंबर

मौसमी बीमारियों के मरीजों के लिए भले ही 24 घंटे सेवाएं उपलब्ध कराने की बात कही जा रही हो, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की ओर से अब तक न कोई हेल्पलाइन नंबर जारी हुआ और न ही कोई प्लानिंग की गई है।

एंबुलेंस सेवा भी ठीक नहीं

एंबुलेंस की कमी के चलते यहां आपात स्थिति में डेंगू, चिकनगुनिया के मरीजों को लाना ले जाना मुश्किल होगा। 19 एंबुलेंस होने के बाद भी ऐसे मरीजों के लिए अब तक एक भी एंबुलेंस रिजर्व नहीं की गई है। पिछले हफ्ते हुई बारिश में मरीजों को ले जा रही 2 एंबुलेंस रास्ते में ही खराब हो गईं थीं।

बनाया गया है 16 बेड का अलग वॉर्ड

सिटी के सिविल हॉस्पिटल में डेंगू और चिकनगुनिया के मरीजों के लिए अलग 16 बेड का अलग वॉर्ड बनाया गया है। इसके लिए 2 से 3 फिजिशन और इनके साथ स्टाफ नर्स तैनाती की गई हैं। ओपीडी में एक्सपर्ट डॉक्टरों की टीम भी तैनात की गई है। वहीं, इमरजेंसी वॉर्ड में भी डेंगू और अन्य मौसमी बीमारी से निपटने के लिए सेक्टर-10 सिविल हॉस्पिटल से एक फिजिशन को बुलाया गया है।

ब्लड सैंपल की जांच के लिए लैब

डेंगू के संदिग्ध मरीजों के ब्लड सैंपल की जांच के लिए सिविल हॉस्पिटल का पैथ लैब और ब्लड बैंक भी तैयार है। यहां ब्लड की जांच के लिए 2 ब्लड सेपरेटर मशीनें लगाई गई हैं। ब्लड बैंक के इंजार्ज डॉ. मनोज शर्मा ने बताया कि एक सेपरेटर मशीन से एक बार में 100 सैंपल की जांच होती है। जब तक इतने सैंपल नहीं आते तब तक पूरी जांच रिपोर्ट नहीं दी जाती है। आपात स्थिति में 100 सैंपल का इंतजार नहीं किया जाएगा। सीजन में 2 से 3 दिन में टेस्ट रिपोर्ट दे दी जाती है। इमरजेंसी होने पर इससे कम समय में भी रिपोर्ट बना दी जाएगी। ब्लड बैंक में हर ग्रुप के लिए ब्लड के इंतजाम हैं।

24 घंटे स्वास्थ्य सेवाओं के लिए निर्देश जारी

सिविल हॉस्पिटल की पीएमओ डॉ. कांता गोयल ने बताया कि डेंगू और अन्य मौसमी बिमारियों से निपटने के लिए हॉस्पिटल तैयार है। यहां ऐसे मरीजों को 24 घंटे स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए सख्त निर्देश दिए गए हैं। अगर किसी को कोई दिक्कत आती है तो वह मुझसे शिकायत कर सकता है। डेंगू के मरीजों के लिए 16 बेड का अलग वॉर्ड बना दिया गया है। स्पेशल ओपीडी अगले सप्ताह तक बन जाएगी।

बढ़ सकती है ओपीडी की संख्या

आमतौर पर सिविल हॉस्पिटल में रोजाना एक से डेढ़ हजार की ओपीडी होती है। लेकिन वर्तमान में यह संख्या डबल हो चुकी है। चिकित्कसों की मानें तो आने वाले सीजन में 4 हजार से ज्यादा की ओपीडी जाएगी। ऐसी स्थिति में हॉस्पिटल को अरेंजमेंट करने में हालत खराब हो सकती है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि अब तक कोई प्लानिंग नहीं की गई है।

ये हैं आंकड़ा

साल कब कितने केस मृत्यु

2011 469 1

2012 375 3

2013 175 3

2014 86 0

2015 257 0

2016 403 0

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