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Corona Vaccine News : क्या गजब फौजी हैं... जब देश के सबसे बुजुर्ग फाइटर पायलट को वैक्सीन देने वाला डॉक्टर रह गया हैरान

Covid Vaccination News : कोरोना टीका लगाने के बाद उन्होंने हमारे सहयोगी अखबार द टाइम्स ऑफ इंडिया से कहा कि कोविड-19 जैसी महामारी उन्होंने अपने जीवनकाल में कभी नहीं देखा था।

टाइम्स न्यूज नेटवर्क 5 Mar 2021, 9:54 am

हाइलाइट्स

  • द्वितीय विश्वयुद्ध में हॉकर हरीकेन उड़ाने वाले पायलट और उनकी पत्नी ने कोरोना वैक्सीन लगवाई
  • स्क्वैड्रन लीडर दलीप सिंह मजीठिया 100 वर्ष के हैं जबकि उनकी ऑस्ट्रेलियन पत्नी 99 वर्ष की
  • दोनों ने वैक्सीन लगवाकर काफी खुशी का इजहार किया, उनकी बेटी ने भी टीका लगवाया
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राव जसवंत सिंह, गुरुग्राम
फाइटर जेट उड़ाने वाले देश के सबसे उम्रदराज पायलट स्क्वैड्रन लीडर दलीप सिंह मजीठिया और उनकी पत्नी को डॉक्टर ने कोरोना वैक्सीन लगाई तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। डॉक्टर ने कहा कि रिटायर्ड पायलट के हाथों की पकड़ अब भी काफी मजबूत है। मजीठिया इस जुलाई में 101 साल के हो जाएंगे जबकि उनकी पत्नी जॉन 99 वर्ष की हैं। मजीठिया भारतीय वायुसेना का सबसे बुजुर्ग रिटायर्ड पायलट हैं। डॉक्टर ने उन्हें टीका लगाने के बाद कहा, "आप कह सकते हैं कि वो एक फौजी है। वो अब भी हाथ मिलाते वक्त काफी ताकतवर लगते हैं।"
टीका लगवाकर काफी खुश हुए सबसे बुजुर्ग पायलट
इस दंपती ने अपनी 72 वर्षीय बेटी किरन संधु और तीन अन्य पारिवारिक मित्रों के साथ कोरोना वैक्सीन का पहला डोज लिया। ये सभी 70 वर्ष से ऊपर के हैं। इन्हें गुरुग्राम के सनराइज हॉस्पिटल में टीका लगाया गया। टीका लगाने वाले डॉकटर सचींद्र कुमार नवल ने कहा इस परिवार को किसी और बुजुर्ग ने सनराइज हॉस्पिटल में टीका लगवाने को कहा था और वो आ गए। उन्होंने कहा, "हमारे लिए गौरव की बात है कि हमने वायुसेना के रिटायर्ड फौजी और उनकी पत्नी को टीका लगाया। दोनों काफी सहज थे और टीका लगवाकर काफी खुश दिखे।"

स्पेनिश फ्लू की महामारी के वक्त हुआ था जन्म

मजीठिया का जन्म दुनियाभर में हाहाकार मचाने वाले स्पेनिश फ्लू की महामारी खत्म होने के ठीक बाद वर्ष 1920 में हुआ था। उन्होंने 1940 में महज 20 वर्ष की उम्र में भारतीय वायुसेना में भर्ती हो गए। द्वितीय विश्वयुद्ध में उन्होंने बर्मा (अब म्यांमार) में हॉकर हरीकेन फाइटर प्लेन उड़ाया था जो उस वक्त दुनिया के सबसे घातक युद्धक विमानों में एक था।

ऑस्ट्रेलियन महिला से की है शादी

जब द्वितीय विश्वयुद्ध करीब-करीब खत्म होने को था तब मजीठिया को ब्रिटिश कॉमनवेल्थ ऑक्युपेशन फोर्सेज का हिस्सा बनाकर मेलबर्न भेज दिया गया। वहीं उनकी मुलाकात जॉन सैंडर्स से हुई जो रॉयल ऑस्ट्रेलियन नेवी में थीं। दोनों ने 18 फरवरी, 1947 को गोरखपुर में शादी कर ली। 1947 में भारत आजाद हुआ तब मजीठिया ने परिवार के दबाव में रिटायरमेंट ले लिया। वो प्राइवेट पायलट बन गए और काठमांडू घाटी में प्लने उतारने वाले पहले पायलट का तमगा हासिल कर लिया।

वैक्सीन इजाद करने वाले वैज्ञानिकों को सराहा

कोरोना टीका लगाने के बाद उन्होंने हमारे सहयोगी अखबार द टाइम्स ऑफ इंडिया से कहा कि कोविड-19 जैसी महामारी उन्होंने अपने जीवनकाल में कभी नहीं देखा था। उन्होंने कहा, "जिन वैज्ञानिकों ने वैक्सीन का इजाद किया उनकी इतने कम वक्त में यह सफलता पाने का श्रेय दिया जाना चाहिए।" मजीठिया की बेटी किरन नैनीताल में रहती हैं। उन्होंने कहा कि वैक्सीन को लेकर मन में कई प्रकार के संदेह थे, लेकिन उनके माता-पिता ने जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाई। उन्होंने कहा, "इससे दूसरे लोग भी उत्साहित होंगे।"

किरन ने बताया कि उनके पिता अब भी बहुत ऐक्टिव हैं और ज्यादातर वक्त गोल्फ खेलने में बिताते है। वो शाम को देर तक टहलते हैं। वो जब भी उनसे मिलने नैनीताल आते हैं तो वहां नियमित रूप से गोल्फ क्लब जाते हैं। वहां वो खुद तो खेलते ही हैं, अपने पड़नाती को भी सिखाते हैं।

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