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शोध सागर संस्थान ने तैयार किया मॉडल, चंद सेकेंड में ही कोविड-19 संक्रमण का पता लगाने का दावा

जींद, नौ जनवरी (भाषा) जींद स्थित शोध सागर संस्थान के संचालक डॉ. दीवान शेर ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता की मदद से महज कुछ सेकेंड में कोविड-19 की जांच करने का दावा किया है। जींद में आयोजित पत्रकार वार्ता में डॉ. दीवान शेर ने दावा किया कि मई महीने में उन्होंने कोरोना की जांच का तरीका तलाशने के लिए अनुसंधान शुरू किया था और चार महीने की मेहनत के बाद कृत्रिम बुद्धिमता आधारित मॉडल तैयार करने में सफलता हासिल की, जिसे ऑस्ट्रेलिया में पेटेंट करवाया गया है। उन्होंने दावा किया कि इस मॉडल के तैयार होने के बाद किसी भी व्यक्ति

भाषा 9 Jan 2021, 8:55 pm
जींद, नौ जनवरी (भाषा) जींद स्थित शोध सागर संस्थान के संचालक डॉ. दीवान शेर ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता की मदद से महज कुछ सेकेंड में कोविड-19 की जांच करने का दावा किया है। जींद में आयोजित पत्रकार वार्ता में डॉ. दीवान शेर ने दावा किया कि मई महीने में उन्होंने कोरोना की जांच का तरीका तलाशने के लिए अनुसंधान शुरू किया था और चार महीने की मेहनत के बाद कृत्रिम बुद्धिमता आधारित मॉडल तैयार करने में सफलता हासिल की, जिसे ऑस्ट्रेलिया में पेटेंट करवाया गया है। उन्होंने दावा किया कि इस मॉडल के तैयार होने के बाद किसी भी व्यक्ति की जांच कर यह पता किया जा सकता है कि उसे कोविड-19 है या नहीं है। उन्होंने दावा किया कि विश्व में यह पहली बार है, जब इतने कम समय में संक्रमण का पता लगाया जा सकता है। डॉ. दीवान शेर ने कहा कि कोविड-19 महामारी के शुरुआती दिनों में कोविड-19 जांच की कीमत 4800 रुपये थी, जो जींद जैसे शहरों की बड़ी आबादी की पहुंच से काफी दूर थी। उन्होंने बताया कि सिविल अस्पताल के उप चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजेश भोला और अन्य 10-12 सहयोगियों के साथ उन्होंने कोरोना जांच की खातिर मॉडल बनाने की दिशा में काम शुरू किया। उन्होंने बताया कि मॉडल बनाने में चिकित्सा एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र का विशेष सहयोग रहा और 10-12 लोगों ने मिलकर मॉडल का डिजाइन बनाया, जिसके नतीजे काफी बेहतर आए। उन्होंने दावा किया कि अब तक 100 लोगों की जांच की गई है, जिनमें 90 से अधिक लोगों की जांच रिपोर्ट एकदम सही आई। उन्होंने बताया कि मॉडल में व्यक्ति के तापमान,हृदय गति, उसकी सांस की गति, सांस की आवाज सहित कई मानकों पर जांच की जाती है इसके बाद यह मॉडल कुछ सेकेंड में बता देता है कि व्यक्ति संक्रमित है या नहीं। इससे संक्रमण के फैलने पर रोक लगाई जा सकती है।

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