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नहीं मिली शव को दफनाने के लिए दो गज जमीन, वजह जानकार हो जाएंगे हैरान

दौसा में एक बुजुर्ग व्यक्ति की मौत के बाद गांव के दबंगों ने दफनाने नहीं दिया। नाथ संप्रदाय के एक शख्स के शव को दफनाने के लिए काफी दिकक्तों का सामना करना पडा।

Lipi 18 Jun 2020, 5:27 pm

हाइलाइट्स

  • दबंगों ने शव को दफनाने से रोका,
  • श्मशान में ही लगा पुलिस व प्रशासन के अफसरों का जमावड़ा
  • 99 वर्षीय चरणनाथ योगी के शव को दफनाने गए थे परिजन
  • डीएसपी, तहसीलदार व बसवा एसएचओ भी रहे मौजूद
  • शव दफनाने को लेकर करीब 5 घण्टे तक हुई समझाइश
  • बसवा थाना क्षेत्र के कालेड गांव का मामला
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नवभारतटाइम्स.कॉम dabang villagers did not bury the dead body in dausa
नहीं मिली शव को दफनाने के लिए दो गज जमीन, वजह जानकार हो जाएंगे हैरान
दौसा।
दौसा जिले के कालेड गांव में गुरुवार को एक बुजुर्ग व्यक्ति की मौत के बाद उसे दफनाने के लिए जगह नहीं मिली। जब परिजन गांव के श्मशान में शव को लेकर पहुंचे, तो वहां दबंगों ने अंतिम संस्कार करने से रोक दिया। दरअसल कालेड गांव निवासी चरणदास नाथ की आज 99 वर्ष की उम्र में मौत हो गई थी। मौत के बाद उसे गांव के ही श्मशान में ले जाया गया था , लेकिन गांव के ही दबंगों ने बुजुर्ग व्यक्ति के शव को दफनाने नहीं दिया।

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सरकारी जमीन ने दफनाने का लिया निर्णय, तो हुई परेशानी
दरअसल धार्मिक मान्यता है कि नाथ सम्प्रदाय में मौत होने पर शव का दफनाकर अंतिम संस्कार किया जाता है। साथ ही स्थानीय परम्परा के अनुसार नाथ समुदाय के व्यक्ति की मौत होने पर उसके घर या उसकी जमीन में ही उसे दफनाया जाता है , लेकिन कालेड गांव के रहने वाले बुजुर्ग चरणदास नाथ की मौत के बाद परिजनों व ग्रामीणों ने सरकारी जमीन में ही शव दफनाने का निर्णय लिया । लेकिन जब मृतक के शव को शमशान की जमीन में दफनाने के लिए परिजन ले गए , तो गांव के अन्य दबंगों ने मृतक के शव को दफनाने नही दिया।


मौके पर पहुंचा प्रशासन , तब बनीं बात

इधर घटना की सूचना पर बांदीकुई डीएसपी संजय सिंह, तहसीलदार ओमप्रकाश गुर्जर, बसवा थाना अधिकारी रामशरण गुर्जर सहित पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से कई घंटे तक समझाइश की। इसके बाद प्रशासनिक दबाव और समझाइश के बाद शमशान की भूमि में दफनाने से मना करने वाले ग्रामीणों को भी सहमत कर लिया गया और श्मशान में ही शव दफनाने की तैयारी शुरू कर दी गई।

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सहमति बनीं, तो बेटा ने खुद की जमीन में दफनाने का फैसला
इसके बाद जब शव को दफनाने की तैयारी शुरू हुई, तो ऐन वक्त पर मृतक का बेटे ने खुद की जमीन में शव अपने पिता को दफनाने का निर्णय लिया और समाधि स्थल बनाने की बात कही। इसके बाद मृतक के शव को खुद की जमीन में ही दफनाया गया। इस घटना के दौरान नाथ संप्रदाय के शमशान के लिए सरकारी जमीन देने की मांग रखी जिस पर तहसीलदार ओमप्रकाश गुर्जर ने सहमति जताई और शीघ्र भूमि आवंटित करने का भरोसा दिया।

रिपोर्ट- रेखा शर्मा ।

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