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अशोक गहलोत के मंत्री ने सचिन पायलट कैंप पर ही लगा दिया ऑपरेशन लोटस चलाने का आरोप

Rajasthan news : अशोक गहलोत बनाम सचिन पायलट को लेकर राजस्थान में चल रही राजनीति में खींचतान जारी है। इसी क्रम में चिकित्सा मंत्री परसादी लाल मीणा ने सचिन पायलट पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि जिन्होंने सरकार गिराने का काम किया है, उन्हें तोहफा नहीं दिया जाना चाहिए।

Edited byखुशेंद्र तिवारी | नवभारतटाइम्स.कॉम 28 Sep 2022, 2:12 pm
जयपुर: राजस्थान के सियासी घटनाक्रम पर अशोक गहलोत और सचिन पायलट गुट के बीच सियासी खींचतान जारी है। एक तरफ जहां पायलट कैंप कांग्रेस आलाकमान की ओर से सचिन को मुख्यमंत्री बनाए जाने के संकेत मिलने से उत्साहित है। वहीं बार- बार गहलोत गुट के नेता सचिन पायलट की बगावत को याद दिलाकर कांग्रेस आलाकमान को यह बताने में जुटे है कि वो मुख्यमंत्री पद के लिए उपयुक्त व्यक्ति नहीं है। गहलोत गुट की ओर से यह कहा जा रहा है कि सचिन पायलट ने बीजेपी के साथ मिलकर सरकार गिराने का षड़यंत्र रचा, ऐसे में पार्टी आलाकमान को उन्हें इतना बढ़ा तोहफा नहीं देना चाहिए।
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मंत्री मीणा ने पायलट के साथ शाह को भी लपेटा
इस मुद्दे पर चिकित्सा मंत्री परसादी लाल मीणा ने सचिन पायलट पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि जिन्होंने सरकार गिराने का काम किया है, उन्हें तोहफा नहीं दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सचिन पायलट जब डिप्टी सीएम और पीसीसी के अध्यक्ष थे, तब कांग्रेस आलाकमान एवं सोनिया गांधी को उन पर भरोसा था। लेकिन, किसी को विश्वास नहीं था कि वे अचानक बीजेपी की गोद में जाकर बैठ जाएंगे। इतना ही नहीं अमित शाह ही उनकी विधानसभा की सदस्यता के लिए हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक पैरवी करवाई।


शांति धारीवाल बोले- गद्दारों को नहीं मिलना चाहिए इनाम
उल्लेखनीय है कि राजस्थान में सचिन पायलट को मुख्यमंत्री बनाए जाने की चर्चा के साथ गहलोत गुट के उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। इसकी पहल गहलोत के सबसे करीबी मंत्री शांति धारीवाल ने की थी। रविवार को शांति धारीवाल ने मीडिया के सामने सीधे पायलट के खिलाफ मोर्चा खोलकर यह तक कह दिया कि गद्दारी करने वालों को पुरुस्कार दिया जाए, ये राजस्थान के विधायक कभी स्वीकार नहीं करेंगे। इतना ही नहीं धारीवाल सहित गहलोत गुट के कई नेताओं ने शाम को होने वाली विधायक दल की बैठक का बहिष्कार भी कर दिया।

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नरम पड़ा गहलोत खेमा
रविवार को विधायक दल की मीटिंग में गहलोत गुट की ओर से बहिष्कार किया जाना कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को भी नागवार गुजरा। जयपुर पहुंचे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकाअर्जुन खड़गे और अजय माकन ने कहा कि पार्टी मीटिंग से अलग मीटिंग करना अनुशासनहीनता है। इस पर कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि विधायकों की ओर से अलग से मीटिंग किए जाने की जानकारी सोनिया गांधी को दी जाएगी, इसके बाद पार्टी ऐसे विधायकों के खिलाफ कार्रवाई करेगी।

अजय माकन के बयान के बाद मंगलवार को गहलोत गुट के तीन नेताओं को पार्टी मीटिंग में शामिल ना होने को लेकर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। वहीं पार्टी आलाकमान की ओर से कार्रवाई किए जाने के बाद गहलोत गुट के नेता नरम पड़े हैं। उन्होंने विधायकों की ओर से दिए गए इस्तीफे के मामलो को भी जल्दबाजी करार दे दिया है।
लेखक के बारे में
खुशेंद्र तिवारी
नवभारत टाइम्स डिजिटल में राजस्थान के लिए काम करता हूं। पत्रकारिता की शुरुआत प्रिंट माध्यम से की। राजस्थान पत्रिका जयपुर में शिक्षा , कला , एंटरटेनमेंट और पॉजिटिव खबरों को लेकर काम किया। गुलाबी नगरी (जयपुर) का वासी, राजनीति और कला में विशेष रुचि।... और पढ़ें

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