ऐपशहर

Rajasthan Politics : सचिन पायलट को अभिमन्यु की तरह घेरकर मारने की साजिश हुई- राजेन्द्र गुढ़ा

Rajasthan News : दिव्या मदेरणा के बाद अब राज्यमंत्री राजेन्द्र गुढ़ा भी सचिन पायलट के फेवर में आ गए हैं। झुंझुनू में एक कार्यक्रम में बोलते हुए गुढ़ा ने कहा कि मानेसर जाने वाले 5 विधायकों को मंत्री बनाया जा सकता है तो पायलट को मुख्यमंत्री क्यों नहीं बनाया जा सकता। गुढ़ा ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस में कई नेता सचिन पायलट के खिलाफ षडयंत्र कर रहे हैं। महाभारत में अभिमन्यु को बड़े-बड़े महारथियों ने साजिश करके घेरकर मारा था। उसी तरह सचिन पायलट को भी घेरकर मारा जा रहा है।

guest Ram-swaroop-Lamror | Lipi 4 Oct 2022, 9:21 pm
जयपुर : दिव्या मदेरणा के बाद अब उदयपुरवाटी विधायक और राज्यमंत्री राजेन्द्र गुढ़ा भी सचिन पायलट के फेवर में आ गए हैं। झुंझुनू में आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते हुए राजेन्द्र गुढ़ा ने कहा कि मानेसर जाने वाले 5 विधायकों को मंत्री बनाया जा सकता है तो सचिन पायलट को मुख्यमंत्री क्यों नहीं बनाया जा सकता। गुढ़ा ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस में कई नेता सचिन पायलट के खिलाफ षडयंत्र कर रहे हैं। जैसे महाभारत में अभिमन्यु को बड़े-बड़े महारथियों ने साजिश करके घेरकर मारा था। उसी तरह सचिन पायलट को भी घेरकर मारा जा रहा है। गुढ़ा ने सचिन पायलट को मुख्यमंत्री बनाने की खुलकर पैरवी की।
नवभारतटाइम्स.कॉम Copy of rajasthan latest news photo (58)



वो करे तो गद्दारी, ये करे तो वफादारी - राजेन्द्र गुढ़ा

सैनिक कल्याण राज्यमंत्री राजेन्द्र गुढ़ा ने शांति धारीवाल, महेश जोशी और धर्मेन्द्र राठौड़ पर निशाना साधते हुए कहा कि गहलोत गुट के इन नेताओं ने आलाकमान के आदेश के खिलाफ जाकर विधायक दल की बैठक का बहिष्कार किया। कांग्रेस हाईकमान के खिलाफ जाने वाले इन नेताओं की इस कारगुजारी को वफादारी बताया जा रहा है। सचिन पायलट और उनके समर्थकों की बगावत को गद्दारी करार दिया गया। कांग्रेस में पहली बार ऐसा हुआ है कि प्रदेश के सीनियर नेताओं ने हाईकमान के फैसले के खिलाफ जाकर ऑब्जर्वर के खिलाफ बगावत की। ये करे तो वफादारी और वो करे तो गद्दारी। यह कहां का न्याय है। ऐसा थोड़े ही होता है।
पांच लोग मंत्री रह सकते हैं तो पायलट CM क्यों नहीं बन सकते... गहलोत के मंत्री ने सचिन की तुलना अभिमन्यु से की

गालियां खाने के बाद भी सचिन पायलट ने संयम नहीं खोया - गुढ़ा
राजेन्द्र गुढ़ा ने कहा कि कांग्रेस के सीनियर नेताओं ने पिछले दिनों में सचिन पायलट को खूब गालियां दीं। बार-बार गद्दार कह कर संबोधित किया गया। इतनी गालियां सुनने के बाद भी सचिन पायलट ने संयम नहीं खोया। वे चाहते तो पलटवार कर सकते थे लेकिन, उन्होंने ऐसा नहीं किया। गालियां सुनने के बाद भी पायलट साहब ने धैर्य का परिचय दिया। यही बड़प्पन है उनका। कई लोग मिलकर सचिन पायलट को टारगेट कर रहे है। ये गलत बात है।
Gehlot Vs Pilot: राजस्थान में गहलोत-पायलट में टकराव बरकरार, सियासत के 10 दिन में कौन किस पर पड़ा भारी? पढ़ें पूरी रिपोर्ट

जिन्हें पायलट के नाम से वोट मिला, वे भी छल कर रहे
राजेन्द्र गुढ़ा ने कहा कि वर्तमान में कई विधायक और मंत्री ऐसे हैं, जिन्हें 2018 के विधानसभा चुनावों में सचिन पायलट ने ही टिकट दिलाया था। पायलट के नाम से चुनाव जीतने वाले विधायक और मंत्री भी उनके साथ छल कर रहे हैं। इससे ज्यादा खुदगर्ज और कौन हो सकता है। गुढ़ा ने कहा कि पायलट साहब की उम्र कम है। वे खुद बेइमानी नहीं करते इसलिए वे छल और कपट करने वालों को समझ भी नहीं पाए। जो लोग पायलट के साथ छल कर रहे हैं, वे कपटी हैं।
Rajasthan Politics : भावी मुख्यमंत्री का फैसला आलाकमान के पास सुरक्षित, कुर्सी छोड़ने के मूड में नहीं गहलोत

पायलट की इमेज खराब करने की कोशिश की जा रही
गुढ़ा ने कहा कि स्वर्गीय राजेश पायलट बहुत बड़े नेता थे। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के साथ उनके नजदीकी रिश्ते थे और दोनों से साथ काम किया था। राजेश पायलट की असामयिक मृत्यु हो गई थी। इसलिए सचिन पायलट को छोटी उम्र में राजनीति में आना पड़ा। जवानी के जो दिन मौज मस्ती करने के होते हैं, उन दिनों में सचिन पायलट ने राजनीति में आकर जनसेवा शुरू कर दी थी। अब कुछ घाघ लोग उनके पीछे पड़े हुए हैं। उनके खिलाफ अनाप-सनाप बोलकर उनकी इमेज खराब करने पर तुले हुए हैं लेकिन, पूरा देश जानता है कि सचिन पायलट ब्रिलिएंट नेता हैं। (रिपोर्ट - रामस्वरूप लामरोड़, जयपुर)
लेखक के बारे में
कुलदीप त्रिपाठी
पत्रकारिता में नवभारत टाइम्स डिजिटल, बाइटडांस, न्यूज़ रिपब्लिक, हिंदुस्तान, दैनिक जागरण, अमर उजाला जैसी राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं के साथ 15 साल का सफर। देश-प्रदेश, खेल, यात्रा, कला एवं संस्कृति जगत में खास रुचि। डिजिटल माध्यम के नए प्रयोगों को सीखने में विशेष दिलचस्पी।... और पढ़ें

अगला लेख

Stateकी ताजा खबरें, ब्रेकिंग न्यूज, अनकही और सच्ची कहानियां, सिर्फ खबरें नहीं उसका विश्लेषण भी। इन सब की जानकारी, सबसे पहले और सबसे सटीक हिंदी में देश के सबसे लोकप्रिय, सबसे भरोसेमंद Hindi Newsडिजिटल प्लेटफ़ॉर्म नवभारत टाइम्स पर
ट्रेंडिंग