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देख लीजिए गहलोत सरकार का कोरोना मैनेजमेंट, मंत्री की भीड़ वाली सभा पर कार्रवाई नहीं और बेरोजगारों पर FIR

प्रदेश में कोरोना गाइडलाइन के तहत भीड़ जुटाने पर सख्त पाबंदी है। लेकिन सरकार के मंत्री खुद ना सिर्फ भीड़ वाले कार्यक्रमों में जा रहे है। वहीं कोरोना गाइडलाइन का उल्लंघन करने से भी नहीं चूक रहे हैं।

नवभारतटाइम्स.कॉम 16 Jan 2022, 12:53 pm
रामस्वरूप लामरोड़, जयपुर
नवभारतटाइम्स.कॉम rajasthan corona guideline gehlot government management fail
देख लीजिए गहलोत सरकार का कोरोना मैनेजमेंट, मंत्री की भीड़ वाली सभा पर कार्रवाई नहीं और बेरोजगारों पर FIR

राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन कोरोना गाइडलाइन का इस्तेमाल हथियार के रूप में कर रही हैं। जब कोई जनप्रतिनिधि कोरोना गाइडलाइन का उल्लंघन करते हैं तो प्रशासन मूकदर्शक बन जाता है और जब आमजन या बेरोजगार गाइड लाइन का उल्लंघन करते हैं तो उनके खिलाफ झट से महामारी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर दिया जाता है। यह सरकार का दोहरा चरित्र नहीं तो और क्या है। बार- बार जनता से मास्क पहनने, सोशल डिस्टेंसिंग की अपील करने वाले CM गहलोत भी यहां फेल होते दिखते हैं।

​दौलतपुरा पुलिस ने दर्ज की उपेन यादव के खिलाफ FIR

राजस्थान बेरोजगार एकीकृत महासंघ के अध्यक्ष उपेन यादव 14 जनवरी को दिल्ली रोड़ स्थित बिलोंची गांव में गए थे, जहां खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन हो रहा था। वहां करीब 40 45 युवा मौजूद थे। दौलतपुरा पुलिस ने उपेन यादव के खिलाफ महामारी के तहत मुकदमा दर्ज किया है। यादव पर आरोप है कि उन्होंने सरकार द्वारा जारी की गई गाइडलाइन का उल्लंघन करते हुए युवाओं की भीड़ जुटाई और सोशल डिस्टेंस की पालना नहीं की।

​15 जनवरी को मंत्री अशोक चांदना के सामने खुलेआम उड़ी धज्जियां

15 जनवरी को चौमू नगरपालिका के 1 साल का कार्यकाल पूरा होने के उपलक्ष्य में भव्य समारोह का आयोजन किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि खेल मंत्री अशोक चांदना रहे। समारोह में मंत्री के सामने कोरोना गाइडलाइन की जमकर धज्जियां उड़ाई गई। समारोह में 200 से ज्यादा लोगों की भीड़ जुटी और अधिकतर लोगों ने मास्क का उपयोग नहीं किया। खुद खेल मंत्री अशोक चांदना ने मास्क नहीं लगाया। मंच पर बिना मास्क के ही स्वागत सत्कार हुआ और मंत्री जी ने अपना संबोधन भी बिना मास्क के ही दिया।

​13 जनवरी को प्रताप सिंह खाचरियावास ने किया उल्लंघन

मकर सक्रांति के ठीक 1 दिन पहले कैबिनेट मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने भी कोरोना गाइड लाइन का खुलेआम उल्लंघन किया। नगर निगम हेरिटेज मुख्यालय पर समितियों की गठन की मांग करते हुए पार्षदों ने धरना दिया था। इस दौरान मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास बिना मास्क लगाए पार्षदों के बीच पहुंचे। धरने पर बैठे पार्षदों के बीच बैठकर मंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया। इस दौरान खुद मंत्री और कई पार्षदों ने मास्क का इस्तेमाल नहीं किया।

​11 जनवरी को पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने किया उल्लंघन

11 जनवरी को सीकर के लक्ष्मणगढ़ में पूर्व शिक्षा मंत्री और प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने एंबुलेंस सेवा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान दर्जनों लोग मौजूद रहे। एंबुलेंस सेवा को हरी झंडी दिखाने के दौरान ना तो गोविंद सिंह डोटासरा ने मास्क का इस्तेमाल किया । ना ही वहां मौजूद लोगों ने मास्क और सोशल डिस्टेंस की पालना की।

​उपेन के खिलाफ पूर्व में भी दर्ज हुआ था मुकदमा

उपेन यादव के खिलाफ पूर्व में भी जयपुर के मानसरोवर थाने में कोरोना गाइडलाइन के उल्लंघन का मुकदमा दर्ज हुआ था। मुकदमा दर्ज होने के 1 महीने बाद उपेन यादव को इसकी जानकारी दी गई। तब उपेन यादव खुद पुलिस थाने गए और स्वयं को गिरफ्तार करने की मांग की लेकिन पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार नहीं किया। कुछ दिनों बाद बेरोजगारों ने जयपुर में महापड़ाव का ऐलान किया तो शिप्रा पथ थाना पुलिस ने मानसरोवर में दर्ज उस मुकदमे के तहत उपेन यादव को हिरासत में लेकर पाबंद किया।

​यह दोहरा चरित्र नहीं तो और क्या है?

उपेन यादव का कहना है कि प्रदेश के कैबिनेट मंत्री और अन्य प्रतिनिधि आए दिन कोरोना गाइडलाइन का खुलेआम उल्लंघन कर रहे हैं। इसके वीडियो और फोटो अपने सोशल मीडिया पेज पर अपलोड भी करते हैं। इसके बावजूद भी सरकार और प्रशासन इन जनप्रतिनिधियों के खिलाफ कोई एक्शन नहीं लेती है, जबकि बेरोजगारों की आवाज को दबाने के लिए उन पर बार-बार मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं। यह सरकार और प्रशासन का दोहरा चरित्र नहीं तो और क्या है।

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