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पंचतत्व में विलीन हुए राजस्थान के कद्दावर नेता जसवंत सिंह, पुत्र मानवेन्द्र ने दी मुखाग्नि

राजस्थान के कद्दावर नेता जसवंत सिंह जसोल के रविवार को दुनिया से अलविदा कहने के बाद अब उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया है। सिंह का अंतिम संस्कार जोधपुर में किया गया है, जहां उनका पूरा परिवार मौजूद था।

नवभारतटाइम्स.कॉम 27 Sep 2020, 7:01 pm

हाइलाइट्स

  • पूर्व केंद्रीय मंत्री जसवंत सिंह जसोल का निधन
  • मारवाड़ सहित देशभर में शोक की लहर
  • वित्त,विदेश व रक्षा मंत्री रह चुके है जसवंतसिंह जसोल
  • देशभर के राजनेताओं ने व्यक्त की संवेदना
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नवभारतटाइम्स.कॉम jasol
जयपुर
राजस्थान के दिग्गज नेता और पूर्व केन्द्रीय मंत्री जसवंत सिंह के निधन के बाद जोधपुर में उनका अंतिम संस्कार किया गया है। मिली जानकारी के अनुसार पूर्व केन्द्रीय मंत्री जसवंत सिंह का यहां अंतिम संस्कार उनके फार्म हाउस पर ही किया गया। बताया जा रहा है कि जोधपुर के सिविल एयरपोर्ट के पास स्थिति फार्म हाउस में उनकी अंतिम यात्रा के दौरान सिंह के परिवार के सदस्य और रिश्तेदार मौजूद थे।इससे पूर्व सिंह का पार्थिव शरीर हवाई मार्ग से जोधपुर लाया गया था। इसके बाद फार्म हाउस में उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए रखा गया। जहां लोगों ने उन्हें पुष्प अर्पित कर श्रृद्धांजलि दी।

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वैदिक मंत्रोच्चार के बीच दी गई मुखाग्नि
मिली जानकारी के अनुसार रविवार शाम को हुए अंतिम संस्कार के दौरान जसवंत सिंह के पुत्र मानवेन्द्र सिंह ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच उन्हें मुखाग्नि दी। वहीं रविवार सुबह उनके निधन के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के अन्य वरिष्ठ नेताओं ने सिंह के निधन पर शोक व्यक्त किया। वहीं सोशल मीडिया पर भी उनके प्रति संवेदना व्यक्त करने वालों का तांता लगा हुआ है।


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वाजपेयी सरकार में कई मंत्र पद पर संभाली कमान
आपको बता दें कि 1938 को राजस्थान के बाड़मेर जिले के जसोल गांव में जन्में जसवंत सिंह का पॉलिटिकल करियर 60 के दशक से हुआ। भाजपा के दिग्गज नेता और पूर्व उपराष्ट्रपति भैरों सिंह शेखावत की ओर से जनसंघ में शामिल करने के बाद ही जसवंत को राजनैतिक पहचान मिली। इसके बाद पहली बार 1980 में उन्हें राज्यसभा के लिए चुना गया। वाजपेयी सरकार में उन्होंने कई मंत्री पद संभाले। वह पहली बार देश के वित्त मंत्री 16 मई, 1996 से 1 जून, 1996 तक रहे जब अटल बिहारी वाजपेयी महज 13 दिनों तक देश के प्रधानमंत्री बने थे। इसके बाद 2 जनवरी 2000 से 18 अक्टूबर 2001 बतौर रक्षा मंत्री, 5 दिसंबर 1998 – पांच दिसंबर 2002 विदेश मंत्री और एक जुलाई 2002 से 21 मई 2004 वित्त मंत्री के तौर पर कमान संभाली ।

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