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गणतंत्र दिवस पर इतिहास रचेगी स्वाति राठौड़, फ्लाई पास्ट को लीड करने वाली होगी पहली महिला पायलट

swati rathore lead republic day parade: राजस्थान के नागौर की बेटी और भारतीय वायु सेना (indian air force) में फ्लाइट लेफ्टिनेंट (flight lieutenant) स्वाति राठौड़ (swati rathore) गणतंत्र दिवस पर इतिहास रचने जा रही है। स्वाति को राजपथ पर होने वाली फ्लाई पास्ट का नेतृत्व करने का जिम्मा मिला है। भारतीय गणतंत्र दिवस (republic day 2021) के इतिहास में यह पहली बार होगा जब कोई महिला पायलट को फ्लाई पास्ट को लीड करेगी।

नवभारतटाइम्स.कॉम 22 Jan 2021, 4:35 pm
नागौर। भारतीय वायु सेना में फ्लाइट लेफ्टिनेंट पद तैनात राजस्थान के अजमेर(नागौर) की बेटी स्वाति राठौड़ इस गणतंत्र दिवस पर इतिहास रचने जा रही है। ऐसा पहली बार हो रहा है जब वायुसेना की कोई महिला पायलट फ्लाई पास्ट का नेतृत्व करने जा रही है। स्वाति की इस उपलब्धि पर उनके माता-पिता भी गर्व महसूस कर रहे हैं। अगली स्लाइड्स में पढ़ें- इतिहास रचने वाली स्वाति राठौड़ की पूरी कहानी
नवभारतटाइम्स.कॉम rajasthan daughter flight lieutenant swati rathore will lead indian air force contingent in republic day parade
गणतंत्र दिवस पर इतिहास रचेगी स्वाति राठौड़, फ्लाई पास्ट को लीड करने वाली होगी पहली महिला पायलट


वसुंधरा ने दी शुभकामनायें

स्वाति की सक्सेस स्टोरी जानने से पहले बता दें कि राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने शुक्रवार दोपहर को उन्हेगी ट्विटर पर उज्जवल भविष्य की शुभकमानाएं दी है। उन्होंने कहा है कि 'हम सभी के लिए गर्व का विषय है कि गणतंत्र दिवस के अवसर पर राजपथ पर होने वाली परेड में वीरभूमि राजस्थान की बेटी और वायुसेना की फ्लाइट लेफ्टिनेंट स्वाति राठौड़ 'फ्लाई पास्ट' का नेतृत्व करेंगी। मैं उनके उज्जवल भविष्य की कामना करती हूं।'

स्वाति के बचपन के सपनों की उड़ान

वर्तमान में अजमेर शहर के पंचशील निवासी स्वाति के पिता डॉ. भवानी सिंह राठौड़ कृषि विभाग में उपनिदेशक पद पर सेवारत है और मां राजेश कंवर गृहणी हैं। मां राजेश कंवर बताती है कि स्वाति बचपन से ही बहादुर और निडर थी। स्कूली दिनों में उसे स्पोर्ट्स बहुत पसंद है और उसकी रुचि हवाई जहाज, हेलीकॉप्टर में रही। थोड़ा बड़ी होने पर उसने इसी रुचि के चलते एनसीसी ज्वॉइन की और उसमें एयरविंग ली।

जब सिंगापुर में गोल्ड मेडल जीता

स्वाति ने एनसीसी एयरविंग में बतौर कैडेट रहते ही रक्षा सेवाओं में जाने का मानस बना लिया था। इसी बीच जयपुर में पढ़ाई के दौरान यूथ एक्सचेंज प्रोग्राम में सिंगापुर जाने का भी मौका मिला था। वहां यूरोप और अमरिकन देशों से आये अन्य प्रतिभागियों के बीच निशानेबाजी प्रतियोगिता में स्वाति ने गोल्ड मेडल जीता था।

2014 में पायलट बनने का सपना पूरा हुआ

स्वाति का पायलट बनने का सपना वर्ष 2014 में पूरा हुआ। 2013 में स्वाति एयरफोर्स कॉमन एडमिशन टेस्ट में बैठीं थीं और टेस्ट क्लियर करने के बाद मार्च 2014 में स्वाति को एयरफोर्स सलेक्शन बोर्ड देहरादून में साक्षात्कार के लिए बुलाया गया था। तब वहां देशभर से करीब 200 छात्राएं पहुंची थीं और इनमें से 98 को स्क्रीनिंग के लिए चुना गया था।स्क्रीनिंग के बाद सिर्फ पांच छात्राएं मैदान में रहीं, जिसमें फ्लाइंग ब्रांच के लिए एकमात्र स्वाति का चयन हुआ था।

केरल बाढ़ में स्वाति ने निभाई थी अहम भूमिका

केरल बाढ़ के दाैरान स्वाति ने वायु सेना के रेस्क्यू ऑपरेशन में अहम भूमिका निभाई थी। स्वाति के पिता बताते हैं कि उसने हजारों लोगों को एयरलिफ्ट कर सुरक्षित स्थानाें पर पहुंचाया था।

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