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कर्नाटक में 11.33 करोड़ का स्कूल यूनिफॉर्म ड्रेस घोटाला: सीएजी

कर्नाटक में स्कूल के स्टूडेंट्स के लिए यूनिफॉर्म वितरण में बड़ा घोटाला सामने आया है। सीएजी की रिपोर्ट के अनुसार यूनिफॉर्म वितरण योजना में पिछले दो सालों के दौरान करोड़ों रुपए का घोटाला हुआ, जिससे प्रदेश के कोष को 11.33 करोड़ का नुकसान झेलना पड़ा।

विजय कर्नाटका 27 Jul 2018, 11:11 pm
बेंगलुरु
नवभारतटाइम्स.कॉम School
सांकेतिक तस्वीर

कर्नाटक में स्कूल के स्टूडेंट्स के लिए यूनिफॉर्म वितरण में बड़ा घोटाला सामने आया है। सीएजी की रिपोर्ट के अनुसार यूनिफॉर्म वितरण योजना में पिछले दो सालों के दौरान करोड़ों रुपए का घोटाला हुआ, जिससे प्रदेश के कोष को 11.33 करोड़ का नुकसान झेलना पड़ा।

पूर्व सीएम सिद्धारमैया की सरकार ने 'विद्या विकास योजना' के तहत सरकारी स्कूल के बच्चों को यूनिफॉर्म मुहैया कराए गए। हालांकि 2015-16 और 2016-17 अकादमिक सत्रों के दौरान सरकारी स्कूलों में कुल रजिस्टर्ड बच्चों की तुलना में कहीं अधिक बच्चों की संख्या दर्शाई गईष सीएजी की रिपोर्ट के अनुसार इससे राजकीय कोष को 11 करोड़ 33 लाख रुपए का नुकसान हुआ।

बता दें कि पिछली सरकार ने विद्या विकास योजना के तहत सभी सरकारी स्कूलों में पहली से लेकर 10वीं क्लास तक के स्टूडेंट्स के लिए यूनिफॉर्म मुहैया कराने की योजना शुरू की थी, जिसके तहत एक बच्चे के ड्रेस की कीमत 138 रुपए तक की आंकी गई थी। तय प्रक्रिया के अनुसार यूनिफाइड डिस्ट्रिक्ट इन्फॉर्मेशन सिस्टम (U-DIS) के तहत रजिस्टर्ड स्टूडेंट्स की संख्या के अनुसार ही स्कूलों में राशि आवंटित की जानी थीं, लेकिन इन संख्याओं में भारी गड़बड़ी देखने को मिली और फिर भी पैसा जारी कर दिया गया।

गौरतलब बात यह भी है कि यूनिफॉर्म घोटाले की यह संख्या केवल धारवाड़, रामनगर, चिकमंगलुरु, बागलकोट और बेंगलुरु ग्रामीण से ही देखने को मिली है। बाकी जिलों में रजिस्ट्रेशन और यूनिफॉर्म सप्लाई की कोई डिटेल नहीं है। 2015-16 में 60,115 यूनिफॉर्म और 2016-17 में 64625 यूनिफॉर्म्स का वितरण हुआ, जिसकी कुल धनराशि 1.72 करोड़ रुपए हुई। सीएजी रिपोर्ट के अनुसार इसमें कुल 11 करोड़ 33 लाख 96 हजार 808 रुपए की अनियमितता सामने आई है। 2015-16 के दौरान स्कूलों में रजिस्टर्ड बच्चों और वितरित हुए यूनिफॉर्म में 5 लाख 27 हजार 182 बच्चों का अंतर आया, जिससे 7.2 करोड़ की अनियमितता सामने आई है। वहीं 2016 में यह असमानता 2 लाख 94 हजार 534 की रही, जिससे 4 करोड़ रुपए का घाटा हुआ।

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