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चेन्नै से बेंगलुरु: ...तो अब महज 30 मिनट में पूरा होगा सफर!

अब आप अगर चेन्नै से बेंगलुरु तक जाना चाहते हैं तो आप महज 30 मिनट में यह सफर तय कर सकते हैं। यह कोई कल्पना या विडियोगेम की बात नहीं है। यक एक ऐसा सच है, जो कि बहुत ही जल्द हकीकत में साकार होता दिख सकता है। इस क्रांतिकारी काम...

V Ayyappan | टाइम्स न्यूज नेटवर्क 16 Jan 2017, 3:21 pm
चेन्नै
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चेन्नै से बेंगलुरु: ...तो अब महज 30 मिनट में पूरा होगा सफर!

अब आप अगर चेन्नै से बेंगलुरु तक जाना चाहते हैं तो आप महज 30 मिनट में यह सफर तय कर सकते हैं। यह कोई कल्पना या विडियोगेम की बात नहीं है। यक एक ऐसा सच है, जो कि बहुत ही जल्द हकीकत में साकार होता दिख सकता है। इस क्रांतिकारी काम को अंजाम देने के लिए एक अमेरिकी कंपनी प्रस्ताव के साथ सामने आई है। इसे ट्रांसपॉर्टेशन का भविष्य भी माना जा रहा है।

अमेरिकी कंपनी हाइपरलूप वन के एलन मस्क ने प्रस्ताव दिया है कि चेन्नै में ट्रैवल पॉड्स या ट्रेन के जरिए 1200 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से लोग यात्रा कर सकें। इसमें कंक्रीट पिलर्स पर एक ट्यूब टनल का निर्माण कर इसके भीतर के वैक्यूम में पॉड्स या ट्रेन के आॅपरेशन का प्रस्ताव है। पॉड या ट्रेन इतनी ज्यादा स्पीड से चलाए जा सकते हैं क्योंकि वे टनल के भीतर के वैक्यूम में चलेंगे। सरल भाषा में कहें तो यह यात्रा हवा में होगी।

अगर यह प्रस्ताव अमल में आया तो चेन्नै से बेंगलुरु तक का सफर महज 30 मिनट में और मुंबई तक की दूरी कुछ घंटों में तय हो जाएगी।

इस ट्रांसपॉर्टेशन टेक्नॉलजी के बारे में कंपनी ने हाल ही ट्वीट कर बताया था कि वह किन रूट्स पर इसे आजमाना चाहेगी। कंपनी भारत में चेन्नै-बेंगलुरु, चेन्नै-मुंबई, पुणे-मुंबई, बेंगलुरु-थिरुवनंतपुरम और मुंबई-दिल्ली के रूट्स में इंटरेस्टेड है।

हाइपरलूप ने इस संबंध में केंद्रीय परिव​हन मंत्रालय को भी लेटर लिखा है। सूत्रों की मानें तो इन रूट्स पर बुलेट ट्रेनें दौड़ाने पर विचार किया जा रहा था और इसके लिए जापानी और चाइनीज कंपनियों ने चेन्नै-बेंगलुरु रूट की स्टडी भी शुरू कर दी है।

हाइपरलूप ने अपनी वेबसाइट पर बताया है कि इसके आने से पैसेंजर्स के लिए ट्रैवल कॉस्ट में भी कमी आएगी। जिन ​पिलर्स पर ट्यूब के भीतर पॉड या ट्रेन दौड़ाने का प्रस्ताव है, उनपर भविष्य में सोलर पैनल्स और विंडमिल्स लगाए जा सकते हैं और इससे ट्रांसपॉर्टेशन कीमत भी किफायती रहेगी।

यह पॉड सिस्टम मैग्नेटिक होगा और इसमें केवल सफर की शुरुआत में एनर्जी चाहिए होगी और इससे पॉड या ट्रेन 200 मील तक की स्पीड टॉप लेवल पर रहते हुए पूरा कर कर सकेंगे। इसके लिए लाइन बिछाने में तकरीबन 72 करोड़ रुपये प्रति किलोमीटर का खर्च आने का अनुमान है। सैन फ्रांसिस्को से लॉस एंजेल्स में 1 किलोमीटर तक इस लाइन को बिछाकर टेस्टिंग का काम भी हो रह है और इसमें कुल 300 करोड़ रुपये का खर्च आएगा।
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