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मजदूरों संग चलीं, जंगल में छिपीं...बेचने के बाद रेप का शिकार हुई 3 लड़कियों ने यूं बचाई जान

भागने में कामयाब हुई लड़कियों ने सड़क पर चल रहे प्रवासी मजदूरों के साथ किसी तरह प्रदेश बॉर्डर पार किया और बचने के लिए जंगलों में छिपी रहीं। यूपी की सीमा में वे फतेहपुर सीकरी के एक पुलिस आउटपोस्ट पर पहुंची, जहां से आगरा जिले की पुलिस ने उन्हें बचाया।

टाइम्स न्यूज नेटवर्क 5 Jun 2020, 11:44 am

हाइलाइट्स

  • शादी के नाम पर झांसा देकर बेची गई लड़कियों के साथ हुआ रेप
  • भागने के बाद बचने के लिए मजदूरों संग पैदल चलीं, जंगल में छिपीं
  • झारखंड से राजस्थान में बेची गई लड़कियां, यूपी पहुंच बचाई जान
  • पुलिस ने घर पहुंचाया, आरोपी पड़ोसी गिरफ्तार, बाकी पर केस दर्ज
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नवभारतटाइम्स.कॉम सांकेतिक तस्वीर
सांकेतिक तस्वीर
आगरा
लॉकडाउन के बीच मानवता को शर्मसार कर देने वाला एक मामला सामने आया है। झारखंड की रहने वाली 3 लड़कियों को राजस्थान में कई बार बेचा गया और रेप किया गया। लड़कियों ने सड़क पर चल रहे प्रवासी मजदूरों के साथ किसी तरह प्रदेश बॉर्डर पार किया और बचने के लिए जंगलों में छिपी रहीं। यूपी की सीमा में वे फतेहपुर सीकरी के एक पुलिस आउटपोस्ट पर पहुंची, जहां से आगरा जिले की पुलिस ने उन्हें बचाया।
पड़ोसी ने शादी का झांसा देकर बेचा
एक पीड़िता के पिता ने हमारे सहयोगी टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया, '26 अप्रैल को हमारी पड़ोसी अनीता देवी ने भरतपुर के एक व्यक्ति के साथ बेटी की शादी करवाने का लालच दिया। उसने अपने देवर हरदेव के साथ मेरी बेटी को ट्रक से भरतपुर के बेहराउ गांव में भेजा।' लड़कियां झारखंड के हजारीबाग की निवासी हैं।

रेप के बाद कर लिया गया कैद
अपने साथ हुई घटना को याद करते हुए 22 साल की पीड़िता ने बताया, 'मुझे नंदलाल यादव (53) नामक एक व्यक्ति को डेढ़ लाख रुपये में बेच दिया गया। उसने मेरा रेप करने के बाद कैद कर लिया। मुझे शारीरिक यातनाएं दी गईं। कुछ दिनों के बाद मेरी मुलाकात हरदेव के सौतेले बेटे से हुई, जिसकी 14 साल की बहन का रेप हरदेव के भाई हरीशंकर ने किया।'

बचने के लिए मजदूरों संग चलीं पैदल
उसने बताया, 'हरदेव का अगला निशाना सौतेले बेटे की पत्नी थी। उसके सौतेले बेटे ने मुझे, अपनी पत्नी और बहन के साथ गांव से निकलने में मदद की। हम तीन दिनों तक सड़क पर प्रवासी मजदूरों के साथ चलते रहे। बचने का यही एक रास्ता था। नंदलाल और हरदेव के आदमी हमें खोज रहे थे। फतेहपुर सीकरी के पास हम एक जंगल में भी छिपे रहे।'

NGO की मदद, पुलिस ने बचाया
इस बीच एक लड़की अपने परिजन को फोन करने में कामयाब रही और पूरी आपबीती सुनाई। परिवार ने नई दिल्ली के एक एनजीओ से संपर्क किया, जिसे खदीजाज फारूकी नामक वकील चलाते हैं। उन्होंने बताया, 'जैसे ही लड़की के परिजन ने मुझसे संपर्क किया, मैंने फौरन आगरा के एसपी रवि कुमार से बात की। वे लड़कियां मजदूरों के साथ-साथ चल रही थीं। मैंने उन्हें नजदीकी पुलिस आउटपोस्ट पर पहुंचने को कहा।'

झारखंड पुलिस को हैंडओवर किया गया
आगरा के एसपी रवि कुमार ने बताया, 'जब हमने लड़कियों को बचाया तो उन्होंने अपने साथ हुई पूरी आपबीती हमें बताई। पीड़ितों में से एक नाबालिग है, जिसके साथ उसके सौतेले पिता के भाई ने रेप किया। 22 साल की एक अन्य लड़की के साथ भी रेप और उत्पीड़न हुआ। हमने झारखंड के हजारीबाग पुलिस को सूचना दी।' तीनों लड़कियों को 30 मई को हजारीबाग पुलिस को सौंप दिया गया।

आरोपी गिरफ्तार, अन्य के खिलाफ केस दर्ज
हमारे सहयोगी टीओआई से बातचीत में हजारीबाग के पुलिस एसपी कार्तिक एस. ने बताया, 'लड़की की पड़ोसी अनीता देवी ने उसे बेच दिया। उसे गिरफ्तार कर लिया गया है और आगे की जांच की जा रही है।' इसके साथ ही आरोपी हरदेव शर्मा, उसकी पत्नी रेखा देवी, नंदलाल यादव के खिलाफ भी मामला दर्ज कर लिया गया है।

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