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गंगा में बढ़ाव से घाटों के सम्पर्क मार्ग डूबने लगे

गंगा का जलस्तर एक बार फिर बढ़ने से काशी के घाटों का आपस में सपंर्क टूटने को है। रविवार को घाटों पर अफरा तफरी मची रही। महाश्मशान मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट पर शवदाह स्थल बदलने की तैयारी है।

नवभारत टाइम्स 13 Aug 2017, 7:51 pm
विकास पाठक, वाराणसी
नवभारतटाइम्स.कॉम Ganga
घाट

गंगा का जलस्तर एक बार फिर बढ़ने से काशी के घाटों का आपस में सपंर्क टूटने को है। रविवार को घाटों पर अफरा तफरी मची रही। महाश्मशान मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट पर शवदाह स्थल बदलने की तैयारी है।

वाराणसी में शनिवार से गंगा का जलस्तर बढ़ने लगा। 2 सेंटीमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार के चलते घाटों की सीढि़यां और मढ़ी-मंदिर बाढ़ के पानी में समाते जा रहे हैं। दुकानदार, पंडा-पुरोहित सभी अपने सामान समेटने में लगे हैं। अर्द्धचंद्रकार घाटों की श्रृखंला के 40 घाटों का जोड़ने वाले संपर्क मार्ग पर बाढ़ का पानी आने से लोगों की परेशानियां बढ़ गई है।

इसी तरह जलस्तर बढ़ता रहा तो अगले चौबीस घंटों में बाकी घाटों के संपर्क मार्ग भी डूब जाएंगे। दशाश्वमेध व अहिल्याबाई घाट पर गंगा आरती स्थल को बदलना पड़ा है। शवदाह के लिए घाटों पर जगह कम पड़ गई है। उधर ग्रामीण क्षेत्र का ढ़ाब इलाका टापू बनने से बाकी हिस्सों से सम्पर्क टूटने को है।

सभी नदियां बढ़ाव पर
केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक बनारस से लेकर गाजीपुर, बलिया और मीरजापुर में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। इसके अलावा पूर्वांचल के बाकी जिलों में गोमती, रिहंद, सोन व कनहर नदियों का जलस्तर बढ़ने से खेती के साथ आबादी का इलाका चपेट में है।

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