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पुलिस भर्ती परीक्षा में नकल कराने वाले गिरोह का भंडाफोड़, तीन गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की मदद से नकल करवाने वाले गिरोह का पर्दाफाश रविवार को पुलिस ने किया। गिरोह के तीन सदस्यों को पुलिस ने शिवकुटी इलाके से गिरफ्तार किया है जबकि तीन अन्य फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। पुलिस भर्ती परीक्षा सोमवार और मंगलवार को है, जिसमें करीब साढ़े 22 लाख अभ्यर्थी शामिल होंगे। ऑफलाइन माध्यम से हो रही इस परीक्षा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की मदद से बड़े पैमाने पर नकल करवाने के लिए इस गिरोह ने तैयारी कर रखी थी।

नवभारत टाइम्स 17 Jun 2018, 9:53 pm
इलाहाबाद
नवभारतटाइम्स.कॉम arrested
प्रतीकात्मक तस्वीर

उत्तर प्रदेश पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की मदद से नकल करवाने वाले गिरोह का पर्दाफाश रविवार को पुलिस ने किया। गिरोह के तीन सदस्यों को पुलिस ने शिवकुटी इलाके से गिरफ्तार किया है जबकि तीन अन्य फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। पुलिस भर्ती परीक्षा सोमवार और मंगलवार को है, जिसमें करीब साढ़े 22 लाख अभ्यर्थी शामिल होंगे। ऑफलाइन माध्यम से हो रही इस परीक्षा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की मदद से बड़े पैमाने पर नकल करवाने के लिए इस गिरोह ने तैयारी कर रखी थी।

एसएसपी नितिन तिवारी ने बताया कि सोमवार से शुरू हो रही इस परीक्षा के लिए पुलिस पहले से सतर्क थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि कुछ लोग एक संगठित गिरोह के तहत परीक्षा को इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की मदद से प्रभावित करने की फिराक में हैं। इसके लिए उन्होंने अभ्यर्थियों से अनुचित रूप से भारी धन वसूली भी की है। पुलिस तंत्र की सक्रियता के बाद गिरोह के तीन सदस्यों को कर्जन ब्रिज के पास से गिरफ्तार कर लिया गया। इनमें इलाहाबाद के होलागढ़ इलाके का रहने वाला फूल चंद पटेल, सराय इनायत का रहने वाला मनीष कुमार यादव और उतरांव निवासी अजय कुमार यादव शामिल हैं।

इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद

आरोपियों ने पूछताछ के दौरान बताया कि सोरांव निवासी देवकी नंदन वर्मा, सुल्तानपुर निवासी राधेश्याम पांडे और उतरांव निवासी सुधीर कुमार यादव भी उनके साथ ही हैं, जो फरार हैं। आरोपियों के पास से पुलिस ने तीन मोबाइल, दो ब्लूटूथ डिवाइस, दो इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, 3 ब्लूटूथ डिवाइस बैटरी और दो प्रवेशपत्र भी बरामद किए हैं।

पेपर सॉल्व कराने के लिए लेते थे पांच लाख रुपये

पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने पूछताछ के दौरान बताया कि उनके गैंग के सरगना देवकीनंदन, राधेश्याम पांडे और सुधीर कुमार यादव हैं। जो विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में अलग-अलग तरीकों से नकल कराकर अवैध वसूली करते हैं। राधेश्याम पांडे पहले विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में धोखाधड़ी के मामले में शिवकुटी से गैंगस्टर व जालसाजी में जेल भी जा चुका है। वह परीक्षार्थियों को परीक्षा में पास कराने के लिए अलग-अलग तरह से इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की मदद लेता रहा है। जिसे परीक्षार्थी अपने शरीर के हिस्सों में छिपाकर और एक डिवाइस कान में लगाकर पेपर सॉल्व करते हैं। इसके बदले में उनसे 5 लाख लिए जाते है।

इलाहाबाद समेत प्रदेश के अलग अलग जिलों में 18 और 19 जून को पुलिस भर्ती परीक्षा होनी है। इलाहाबाद में इसके लिए 57 केंद्र बनाए गए हैं। यहां 4 पालियों में 1 लाख 51 हज़ार 72 परीक्षार्थियों को परीक्षा में शामिल होना है। वहीं सिपाही के कुल 42 हजार पदों के लिए प्रदेश के तमाम जिलों में साढ़े 22 लाख अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे।

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