ऐपशहर

राम मंदिर के लिए सवा लाख जगहों पर श्रीराम नाम जप शुरू, VHP ने कहा, विजय महामंत्र

विश्व हिंदू परिषद ने सबसे पहले 1992 में राम नाम का जप कराया था। इसके बाद अयोध्या में विवादित ढांचा गिराया गया था। वर्ष 2002 में भी राम नाम जप हुआ था। विश्व हिंदू परिषद का मानना है कि, जब-जब राम-नाम का जप कराया है, तब श्री रामलला के मंदिर निर्माण की दिशा में काम आगे बढ़ा है।

नवभारत टाइम्स 6 Apr 2019, 1:13 pm
अयोध्या
नवभारतटाइम्स.कॉम सांकेतिक छवि
सांकेतिक छवि

अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण के लिए हिन्दू नववर्ष पर विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) ने देश भर में एक साथ सवा लाख स्थानों पर शनिवार को श्रीराम नाम जप की शुरुआत की। इस अनुष्ठान को वीएचपी ने विजय महामंत्र का नाम दिया है। प्रयागराज कुम्भ मेले के दौरान 31 जनवरी और एक फरवरी को हुई वीएचपी की धर्म संसद में ही राम मंदिर निर्माण के लिए श्रीराम नाम जप का ऐलान वीएचपी के मार्गदर्शक मंडल के साधु-संतों ने किया था। इसी धर्म संसद में बीजेपी सरकार को अभय दान देते हुए साधु-संतों ने राम मंदिर के लिए और 6 महीने का समय दिया था।

नवसंवत्सर और चैत्र नवरात्र के पहले दिन सूर्योदय के बाद डेढ़ घंटे तक सर्व सिद्धि योग रहा। इसमें देश भर में 13 करोड़ से ज्यादा विजय महामंत्र श्रीराम नाम जप किया गया। वीएचपी नेताओं का मानना है कि सर्व सिद्धि योग में श्रीराम नाम जप करने से मंदिर निर्माण में आने वाली सभी बाधाएं दूर होंगी और मंदिर के निर्माण का मार्ग भी प्रशस्त होगा।

1992 में सबसे पहले राम नाम जप
यही नहीं इस अनुष्ठान के जरिए एक बार फिर से देश भर में हिन्दुओं को राम मंदिर के मुद्दे पर वीएचपी एकजुट करने की कोशिश कर रही है। राम विनती के जरिए चुनावी मौसम में विश्व हिंदू परिषद देश भर में राम नाम का माहौल बनाने की तैयारी भी कर रही है। विश्व हिंदू परिषद ने सबसे पहले 1992 में राम नाम का जप कराया था। इसके बाद अयोध्या में विवादित ढांचा गिराया गया था।

2002 में भी राम नाम जप
वर्ष 2002 में भी राम नाम जप हुआ था। विश्व हिंदू परिषद का मानना है कि, जब-जब राम नाम का जप कराया है, तब श्री रामलला के मंदिर निर्माण की दिशा में काम आगे बढ़ा है। वीएचपी का कहना है कि इस बार भी राम नाम जप करने से मंदिर निर्माण की राह में आ रहे सभी अवरोध समाप्त होंगे।

अगला लेख

Stateकी ताजा खबरें, ब्रेकिंग न्यूज, अनकही और सच्ची कहानियां, सिर्फ खबरें नहीं उसका विश्लेषण भी। इन सब की जानकारी, सबसे पहले और सबसे सटीक हिंदी में देश के सबसे लोकप्रिय, सबसे भरोसेमंद Hindi Newsडिजिटल प्लेटफ़ॉर्म नवभारत टाइम्स पर
ट्रेंडिंग