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बागपत: CBI को तलाशने होंगे मुन्ना बजरंगी हत्याकांड में कई अनसुलझे सवालों के जवाब

उत्तर प्रदेश के माफिया डॉन मुन्ना बजरंगी की हत्या की जांच सीबीआई को दे दी गई है। इसके साथ ही उम्मीद जताई जा रही है कि कई अनसुलझे सवालों के जवाब तलाशे जा सकेंगे।

नवभारत टाइम्स 26 Feb 2020, 1:50 pm
शादाब रिजवी, मेरठ
नवभारतटाइम्स.कॉम फाइल फोटो
फाइल फोटो

उत्तर प्रदेश के कुख्यात माफिया डॉन प्रेम प्रकाश सिंह उर्फ मुन्ना बजरंगी की बागपत जेल में की गई हत्या से जुड़े कई रहस्यों का खुलासा होने की उम्मीद है। दरअसल, हाईकोर्ट की ओर से केस की जांच सीबीआई को दे दी गई है। माना जा रहा है कि इससे गोली मारने वाले हथियार, हत्या की साजिश में शामिल चेहरों और क्रिमिनल-जेल प्रशासन की मिलीभगत जैसे सवालों के जवाब मिल सकेंगे।

बता दें कि 9 जलाई, 2018 को बागपत जेल में पूर्वांचल के माफिया डॉन मुन्ना बजरंगी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वह बागपत निवासी बीएसपी के पूर्व विधायक लोकेश दीक्षित से रंगदारी मांगने के आरोप में बागपत कोर्ट में पेशी पर आया था। रात में उसे झांसी जेल से बागपत लाया गया था। जेल में उसकी हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने दावा किया था कि कुख्यात बदमाश सुनील राठी और उसके साथियों ने बजरंगी की हत्या की है।

पुलिस ने बताया था कि घटना वाले दिन सुबह छह बजे तनहाई बैरक में बंद वेस्ट यूपी के कुख्यात बदमाश सुनील राठी, मुन्ना बजरंगी और कई अन्य बंदी स्टूल पर बैठे चाय पी रहे थे। मुन्ना बजरंगी और सुनील राठी में कहासुनी हो गई। सुनील राठी की पिस्टल से मुन्ना बजरंगी को गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस का यह भी दावा था कि सुनील राठी ने कबूल कर लिया था कि बजरंग की हत्या उसने की है।

सुनील का दावा था कि पिस्टल मुन्ना के पास थी उसने छीनकर उसने 10 गोलियां मारी थीं। हत्या के बाद पिस्टल गटर में फेंक दिया था। गटर से पुलिस ने पिस्टल बरामद करने का दावा किया था। गटर से पिस्टल की 2 मैगज़ीन भी मिली थी।

सीबीआई के सामने यह सवाल
- हाई सिक्यॉरिटी जेल के अंदर हथियार और कारतूस कैसे पहुंचे?
- मुन्ना बजरंगी और सुनील राठी में पुरानी दुश्मनी के बाद भी दोनों को साथियों के साथ जेल में पंचायत क्यों लगाने दी गई?
- जेल अफसरों और कर्मचारियों की मिलीभगत थी या नहीं?
- बागपत जेल में हत्या की आशंका के बाद भी बजरंगी को पेशी से एक दिन पहले वहां क्यों रखा गया?
- बागपत जेल में सीसीटीवी लगाने में देरी क्यों हुई?
-बजरंगी की हत्या के बाद कई घंटे घटना को जेल अफसरों ने क्यों छिपाया?
-बजरंगी की हत्या के बाद उसके फोटो किसने वायरल किए?
-जेल में कैमरा या मोबाइल कैसे पहुंचा और कौन ले गया?
- बजरंगी के शव पर गोली के अलग अलग निशान होने का दावा क्यों किया गया?
- एक पिस्टल से एक साथ 10 फायर कैसे किए जा सकते है?
- हत्या में प्रयुक्त हथियार एक से आधिक होने की आशँका कितनी सही है?
-सुनील राठी को साजिस के तहत तो कुछ दिन पहले बागपत जेल में शिफ्ट नहीं किया गया?
-अपराधियों और जेल प्रशासन की मिलीभगत के आरोप कितने सही हैं?

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