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Barabanki: 30 मिनट तक रास्ते में रोके रखी एंबुलेंस, मरीज की मौत, निजी अस्पताल ले जाने के लिए बना रहे थे दबाब

बाराबंकी जिला अस्पताल से हादसे में घायल युवक केजीएमयू रेफर किया गया था। परिवार के लोग उसे एक प्राइवेट एंबुलेंस के जरिए लखनऊ लेकर कर निकले। रास्ते में निजी अस्पताल से जुड़े लोगों ने एंबुलेंस को रोक लिया। साथ ही मारपीट भी की। करीब 30 मिनट तक हंगामा करते रहे। इसकी वजह से मरीज की मौत हो गई।

Edited byधीरेंद्र सिंह | नवभारत टाइम्स 11 Mar 2023, 8:13 am

हाइलाइट्स

  • एंबुलेंस रोककर मारपीट की, मरीज की हो गई मौत
  • निजी अस्पताल में ले जाने के लिए किया सड़क पर विवाद
  • चचेरे भाई ने दर्ज करवाया गैर इरादतन हत्या का केस
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एंबुलेंस को रोकर की मारपीट, मरीज की बारबाबंकी में मौत
बाराबंकी: निजी अस्पताल के काकस का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। दुर्घटना में घायल एक युवक को लखनऊ के ट्रॉमा सेंटर ले जा रहीं एक एंबुलेंस को निजी अस्पताल के संचालक और गुर्गों ने रोककर चालक से हाथापाई की। करीब 30 मिनट तक घायल को मौके पर ही रोके रखा। इसके कारण घायल की मौत हो गई। एंबुलेंस चालक घायल को सरकारी अस्पताल ले जा रहा था, जबकि रोकने वाले चाह रहे थे कि घायल को लखनऊ स्थित उनके निजी अस्पताल ले जाया जाए। मामले में पुलिस ने चचेरे भाई की तहरीर पर अस्पताल के संचालक सहित तीन के खिलाफ केस दर्ज किया है।
कोठी थाना के कौरहनपुरवा के संजय रावत के अनुसार उसके चचेरे भाई अमर सिंह रावत (22) का होली के दिन एक्सिडेंट हो गया था। घायल को जिला अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। हालत में सुधार न होता देख अस्पताल प्रशासन ने उसे लखनऊ स्थित केजीएमयू रेफर किया था। जब सरकारी ऐंबुलेंस नहीं मिली तो चचेरे भाई ने पास में ही दिखी एक प्राइवेट ऐंबुलेंस से बात की और अपने भाई को केजीएमयू ले जाने के लिए राजी किया। संजय के अनुसार ऐंबुलेंस को उसका चालक नाका सतरिख से हाईवे पर जाकर लखनऊ के लिए निकला। इस बीच दशहराबाग रोड पर ही एंबुलेंस को ओवरटेक कर एक हांडा सिंटी कार से पल्हरी रोड तिराहा के श्री सांई अस्पताल के संचालक बताते हुए आरपी सिंह, दिग्विजय सिंह और पंकज वर्मा आ गए और एंबुलेंस को जबरन रुकवा लिया।

उन्होंने अपने अस्पताल चलने का दबाव बनाया। चालक के मना करने पर इन लोगों ने संजय रावत के साथ ही एंबुलेंस चालक की पिटाई कर दी। करीब 30 मिनट तक एंबुलेंस को अस्पताल के कथित संचालक रोके रहे और इससे उसके घायल भाई की हालत बिगड़ने लगी। वह बेबस और असहाय होकर दबंगों का कहर झेलता रहा। इस बीच उसके रिश्तेदार अरविंद आ गए और उनकी मदद से उसने एंबुलेंस से अपनी भाई अमर सिंह को लेकर पुनः जिला अस्पताल पहुंचा। वहां पर डॉक्टर ने अमर सिंह को मृत बता दिया। शुक्रवार को कोतवाली पुलिस ने तीन आरोपितों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या, बेवजह रास्ता रोकने और मारपीट करने की धारा में केस दर्ज किया है।
लेखक के बारे में
धीरेंद्र सिंह
नवभारत टाइम्स डिजिटल में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर हूं। यूपी और उत्तराखंड से जुड़ी राजनीतिक समेत अन्य खबरों पर काम करने की जिम्मेदारी है। इससे पहले की बात की जाए तो दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की पढ़ाई की है। 2014 से करियर की शुरूआत हुई और 8 साल से अधिक का अनुभव हो चुका है। इस दौरान दिल्ली, यूपी और जम्मू कश्मीर में रिपोर्टिंग करने का भी मौका मिला। टाइम्स ग्रुप से पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला, राजस्थान पत्रिका (डिजिटल), नवोदय टाइम्स, हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी समेत कुछ अन्य संस्थानों में काम किया है। अखबार और डिजिटल जर्नलिज्म की दुनिया में लिखने पढ़ने का काम जारी है।... और पढ़ें

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