ऐपशहर

Tigress Captured: आखिर कैद हो गई दुधवा की आदमखोर बाघिन, बाघ के साथ मिलकर 24 महीने में 21 लोगों की ली थी जान

Tiger AttacK: मंगलवार को वन विभाग ने बाघिन (maneater Tigress) को पकड़ने का दावा किया था लेकिन बाद में पता चला कि वह नर बाघ है। इसके बाद फिर से इलाके में अलर्ट जारी कर दिया गया। वन विभाग के लगाए पिंजरे में आखिरकार बुधवार देर रात बाघिन फंस ही गई।

Edited byआलोक भदौरिया | Lipi 30 Jun 2022, 12:19 pm

हाइलाइट्स

  • दुधवा नेशनल पार्क के बफर जोन में आतंक बन चुकी बाघिन आखिर पकड़ी गई
  • आदमखोर बाघिन बुधवार देर रात वन विभाग के लगाए गए पिंजर में फंस गई
  • ठीक इसी जगह मंगलवार को भी एक और बाघ वन विभाग के पिंजरे में फंसा था
सारी खबरें हाइलाइट्स में पढ़ने के लिए ऐप डाउनलोड करें
लखीमपुर खीरी: लखीमपुर खीरी (tigress captured in lakhimpur khiri) दुधवा नेशनल पार्क के बफर जोन में आतंक का पर्याय बनी नरभक्षी बाघिन (maneater tigress) को वन विभाग ने पकड़ लिया है। बाघिन को बुधवार देर रात बाघिन वन विभाग के पिंजरे में कैद हुइ। इस सूचना के बाद क्षेत्र के लोगों ने राहत की सांस ली है।
पिछले आकड़ो को जोड़कर बफर जोन में बाघ और बाघिन 2 वर्षो में 21 लोगो को निवाला बनाया है और तिकोनिया क्षेत्र में 1 सप्ताह में लगातार तीन लोगों की बाघ हमले में मौत हुई जिसके चलते पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ था । ब्रहस्पति की रात बाघिन वन विभाग द्वारा लगाए गए पिंजरे में कैद हुई है ।और इस सूचना के बाद क्षेत्र के लोगों ने राहत की सांस ली है।
Tiger attack: बाघिन चकमा दे गई, पकड़ में आया बाघ, अभी भी कायम है आदमखोर की दहशत
रविवार रात भी किशोर को बनाया शिकार
लखीमपुर खीरी की कोतवाली तिकुनिया के खैरटिया मजरा खैरा गौड़ी में आदमखोर बाघ ने मिंदो कौर पत्नी बंता सिंह को मौत के घाट उतारा था। इससे पूर्व रविवार रात को भी बाघिन ने मवेशियों के लिए चारा लेने गए एक किशोर को भी अपना निवाला बना लिया था। पिछले 2 वर्षों में आदम खोर बाघ ने लगभग 21 लोगों को अपना शिकार बनाया है।

तीन दिन पहले खरेटिया गांव के राम जानकी मंदिर के महंत मोहनदास को मंदिर से खींच कर बाघिन ने अपना शिकार बना डाला था। लगातार इलाके के दहशत में जीवन जी रहे ग्रामीणों ने वन विभाग के अधिकारियों से बाघिन से निजात दिलाने की गुहार लगा रहे थे।

17 जून को भी किया था हमला
दुधवा टाइगर रिजर्व के बफर जोन में उत्तर निघासन रेंज में 17 जून को मझरा बीट में बाबा की कुटिया के पास बाघ ने एक व्यक्ति को हमला करके मार दिया था। बाघ उसके शरीर को पूरी तरह खा गया था। घटना के महज एक हफ्ते के भीतर आसपास के ही इलाकों में दो और लोगों की मौत बाघ के हमले की वजह से हुई। इसके बाद वन विभाग हरकत में आया और बाघ को पकड़ने के लिए चार टीमें लगाईं।

रिजर्व के निदेशक संजय पाठक, कतर्नियाघाट वन्य जीव प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी सुंदरेशा सहित कई अधिकारियों की अगुआई में इन टीमों ने काम करना शुरू किया। हाथियों, ड्रोन से निगरानी बढ़ाई गई। पिंजरे लगाए गए और जंगल में कैमरा ट्रैप की संख्या बढ़ाई गई।

मंगलवार को इसमें बाघिन की जगह एक नर बाघ कैद हुआ था। लेकिन इलाके से मिले फोटो से पता चला था कि बाघिन बार-बार पिंजरे के पास से गुजरी, लेकिन ट्रैप में फंसी नहीं। उसे पकड़ने के प्रयास किए जा रहे थे। दुधवा नेशनल पार्क के फील्ड डायरेक्टर संजय पाठक के द्वारा बताया गया कि बुधवार देर रात बाघिन को पकड़ने के लिए लगाए गए पिंजरे में बाघिन कैद हुई है और उसे मेडिकल परीक्षण के लिए कर्तनिया घाट भेजा गया है उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। रिपोर्ट: गोपाल गिरि
लेखक के बारे में
आलोक भदौरिया
आलोक भदौरिया असिस्टेंट न्यूज़ एडिटर हैं। 2008 से टाइम्‍स ग्रुप के सदस्य रहे हैं। पहले नवभारत टाइम्‍स प्रिंट दिल्‍ली में अब एनबीटी ऑन लाइन के साथ लखनऊ में।... और पढ़ें

अगला लेख

Stateकी ताजा खबरें, ब्रेकिंग न्यूज, अनकही और सच्ची कहानियां, सिर्फ खबरें नहीं उसका विश्लेषण भी। इन सब की जानकारी, सबसे पहले और सबसे सटीक हिंदी में देश के सबसे लोकप्रिय, सबसे भरोसेमंद Hindi Newsडिजिटल प्लेटफ़ॉर्म नवभारत टाइम्स पर
ट्रेंडिंग