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लद्दाख से छुट्टी पर घर आए थे मेजर, डेंगू से हुई मौत... परिवार बोला- देश के लिए शहीद होता बेटा तो दुख नहीं होता

Ghaziabad Dengue News: परिवार के लोगों का कहना है कि मेजर छुट्टियों पर घर आए थे, इसी दौरान उन्हें यहां डेंगू हो गया। हालांकि स्वास्थ्य विभाग इस मामले को गाजियाबाद का होने से इनकार कर रहा है। विभाग का कहना है कि मेजर की ट्रैवल हिस्ट्री है, ऐसे में जरूर उन्हें लद्दाख में ही डेंगू हुआ होगा। इलाज करवाने के लिए वह अपने घर आए होंगे।

Edited byऐश्वर्य कुमार राय | नवभारत टाइम्स 20 Nov 2022, 8:48 am
गाजियाबाद: इंदिरापुरम के अभय खंड 3 में रहने वाले एक मेजर की गुरुवार सुबह दिल्ली के आरएंडआर हॉस्पिटल में डेंगू के इलाज के दौरान मौत हो गई। रिपोर्ट पॉजिटिव आने के दो दिन बाद ही उन्हें वेंटिलेटर पर शिफ्ट कर दिया गया था। परिवार के लोगों का कहना है कि मेजर छुट्टियों पर घर आए थे, इसी दौरान उन्हें यहां डेंगू हो गया। हालांकि स्वास्थ्य विभाग इस मामले को गाजियाबाद का होने से इनकार कर रहा है। विभाग का कहना है कि मेजर की ट्रैवल हिस्ट्री है, ऐसे में जरूर उन्हें लद्दाख में ही डेंगू हुआ होगा। इलाज करवाने के लिए वह अपने घर आए होंगे। उधर, माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने सोचा भी नहीं था कि जिस बेटे को देश की सेवा के लिए तैयार किया था, उसे डेंगू लील लेगा।
नवभारतटाइम्स.कॉम सांकेतिक तस्वीर
सांकेतिक तस्वीर


26 अक्टूबर को आए थे घर, 31 को हुआ बुखार
लद्दाख में सर्विलांस एंड टारगेट एक्विजिशन ( SATA) 129 रेजिमेंट में तैनात मेजर सैय्यद अब्दुल काजिम जैदी 26 अक्टूबर को छुट्टियों पर घर आए थे। उनके मामा साजिद ने बताया कि 31 अक्टूबर को उन्हें बुखार आया। सबसे पहले वह इलाज के लिए हिंडन एयरबेस में जांच के लिए गए, जहां रिपोर्ट पॉजिटिव आई।

इसके बाद बेस हॉस्पिटल में हालत खराब होने पर उन्हें आरएंडआर हॉस्पिटल में रेफर किया गया। वह लंबे समय तक वेंटिलेटर पर थे, जहां गुरुवार सुबह 9:30 बजे के करीब उनकी मौत हो गई। नोएडा सेक्टर-94 में गुरुवार को ही उन्हें पूरे सैनिक सम्मान के साथ सुपुर्दे-ए-खाक किया गया।

चार साल होने वाले थे शादी के
मेजर जैदी की शादी को इस साल दिसंबर में 4 साल हो जाते। उनका कोई बच्चा नहीं था। उनकी पत्नी नीदरलैंड में रिसर्च कर रही थीं। पिता दिलदार अली वोल्टास कंपनी में और छोटा भाई एमेजॉन में प्रतिष्ठित पद पर तैनात हैं। मां फिरदौस फातिमा एक गृहणी हैं। मेजर जैदी 2015 में कमीशंड हुए थे। इसी साल उन्होंने चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) की परीक्षा पास की थी।

डेंगू का कोई लिंक हमें इंदिरापुरम में उनके घर के आसपास नहीं मिला है। हमने पता किया है उनकी ट्रैवल हिस्ट्री थी। ऐसे में लद्दाख से ही वह डेंगू लेकर आए होंगे। फिलहाल हम जांच कर रहे हैं, इसलिए कुछ नहीं कहा जा सकता।
ज्ञानेंद्र मिश्रा, जिला मलेरिया अधिकारी, गाजियाबाद

7 साल से वह सेना में तैनात थे। लदाख से पहले जम्मू में उनकी पोस्टिंग थी। उन्होंने बी. टेक किया हुआ था। उनकी मौत के बाद मामा दिलदार अली ने बताया कि माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। मेजर की मौत की सूचना पर सुबह से ही लोगों का आना-जाना उनके घर लगा रहा। आसपास के स्थानीय नेता भी इस दौरान परिवार को सांत्वना देने के लिए उनके घर पहुंचे।
लेखक के बारे में
ऐश्वर्य कुमार राय
ऐश्वर्य कुमार राय नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में बतौर प्रिंसिपल डिजिटल कॉन्टेंट प्रड्यूसर कार्यरत। गृहनगर पूर्वी उत्तर प्रदेश का गोरखपुर, जहां जन्म से लेकर स्कूल तक शिक्षा-दीक्षा हुई। ग्रैजुएशन दिल्ली यूनिवर्सिटी से करने के बाद भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से पत्रकारिता में पीजी-डिप्लोमा की पढ़ाई। पेशेवर सफर देश की एकमात्र त्रिभाषीय एजेंसी UNI-वार्ता से शुरू हुआ। फिर NBT के साथ आगे की यात्रा। दिल्ली और लखनऊ कर्मभूमि। यात्रा, सिनेमा, दर्शन, इतिहास में दिलचस्पी।... और पढ़ें

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