ऐपशहर

बंद कमरे में अंगीठी जलाकर सोया परिवार, बेटे की मौत

\Bविशेष संवाददाता, साहिबाबाद अर्थला के \Bसंजय नगर में बुधवार रात बंद कमरे में अंगीठी जलाकर सो रहे परिवार की हालत खराब हो गई। उपले और लकड़ियों के ...

Navbharat Times 24 Jan 2020, 8:00 am

\Bविशेष संवाददाता, साहिबाबाद

अर्थला के \Bसंजय नगर में बुधवार रात बंद कमरे में अंगीठी जलाकर सो रहे परिवार की हालत खराब हो गई। उपले और लकड़ियों के धुएं से महिला, उनकी 3 बेटियों और बेटे की तबीयत बिगड़ गई। उन्हें दिल्ली के जीटीबी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने बेटे को मृत घोषित कर दिया। उपचार के बाद महिला को डिस्चार्ज कर दिया गया, जबकि बेटियों का इलाज चल रहा है।

संजय नगर की गली नंबर-5 में रहने वाले बलराम बुधवार रात साढ़े 8 बजे अपने भाई को छोड़ने रेलवे स्टेशन गए थे। पत्नी रेणू, बेटी सोनी (13), मोनी (11), मनीषा (7) और बेटे अनमोल (5) के साथ कमरे में अंगीठी जलाकर सो गईं। रात लगभग 11 बजे बलराम घर पहुंचे तो दरवाजा खटखटाया। काफी देर तक दरवाजा नहीं खुलने पर वह घबरा गए और जोर-जोर से आवाज लगाने लगे। इतने में कुछ पड़ोसी इकट्ठा हो गए। बहुत देर बाद बड़ी बेटी सोनी ने किसी तरह दरवाजा खोला। बलराम ने देखा कि अंदर पत्नी और बच्चे उल्टी कर रहे थे और सभी की हालत बिगड़ी हुई थी। बलराम पड़ोसियों की मदद से सभी को जीटीबी अस्पताल लेकर गए, लेकिन अनमोल ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। बेटियों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। अभी रेणू को अनमोल की मौत की जानकारी नहीं दी गई है।

\B

धुआं निकलने की नहीं थी जगह\B

अस्पताल से घर लौटीं रेणू ने बताया कि उन्होंने बुधवार शाम चिकन बनाया था। सभी ने खाना खाया। इसके बाद पति अपने भाई को छोड़ने चले गए, जबकि वह अंगीठी जलाकर बच्चों के साथ सो गईं। कमरा 8 बाई 8, यानी काफी छोटा है तो उसमें कोई खिड़की या रोशनदान नहीं हैं, इसलिए धुआं बाहर नहीं निकल पाया। उन्हें और बच्चों को उल्टी हुई और इस बीच कुछ होश नहीं रहा।

\Bसावधानी है जरूरी

\B-बंद कमरे में अंगीठी जलाकर नहीं सोएं। अंगीठी में इस्तेमाल होने वाले कोयले या लकड़ी जलने से जहरीली गैसें निकलती हैं।

-कमरे से बाहर धुआं निकलने का प्रबंध होने पर ही अलाव, हीटर या ब्लोअर चलाएं।

-अलाव जलाकर बिलकुल पास न सोएं

-साथ में पानी से भरी बाल्टी जरूर रखें।

-आग जलाएं तो जमीन पर सोने से बचें।

-घर में कोई बच्चा हो तो आग न जलाएं।

-रात में हीटर, ब्लोअर या अंगीठी का इस्तेमाल करते हैं तो इनके पास प्लास्टिक, कपड़े या केमिकल्स आदि न हों।

-ढीले प्लग, कटे तार से भी हादसा हो सकता है।

\Bकोट...\B

बच्चियों की हालत अब खतरे से बाहर है। शुरुआती जांच में कमरे के अंदर अंगीठी जलाने की बात सामने आई है।

\B-डॉ.राकेश मिश्रा, सीओ साहिबाबाद\B

अगला लेख

Stateकी ताजा खबरें, ब्रेकिंग न्यूज, अनकही और सच्ची कहानियां, सिर्फ खबरें नहीं उसका विश्लेषण भी। इन सब की जानकारी, सबसे पहले और सबसे सटीक हिंदी में देश के सबसे लोकप्रिय, सबसे भरोसेमंद Hindi Newsडिजिटल प्लेटफ़ॉर्म नवभारत टाइम्स पर
ट्रेंडिंग