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Ghaziabad Traffic: गाजियाबाद से दिल्‍ली की राह दूभर, चिपियाना बुजुर्ग ROB से भी दूर नहीं हुआ हाइवे का जाम

चिपियाना बुजुर्ग ROB बनने के बाद भी दिल्‍ली से लालकुंआ का सफर 2 घंटे में तय हो रहा है। इस पूरे हाइवे पर छह ऐसे पाइंट हैं जहां सबसे ज्‍यादा जाम लगता है। सबसे ज्‍यादा दिक्‍कत यूपी गेट, खोड़ा कट, सेक्टर 62 एफओबी, विजय नगर, छिजारसी और लालकुआं में होती है।

Edited byवैभव पांडे | नवभारत टाइम्स 13 Nov 2022, 10:51 am
अखंड प्रताप सिंह, गाजियाबादः जब तक चिपियाना बुजुर्ग रेलवे ओवरब्रिज (ROB) नहीं बना था, अधिकारी कह रहे थे कि जाम की दिक्कत आरओबी बनते ही दूर हो जाएगी। अब आरओबी भी बन गया, लेकिन हालात पहले जैसे ही हैं। दिल्ली से लालकुआं तक का सफर 2 घंटे में तय हो रहा है। 6 पॉइंट ऐसे हैं, जहां पीकआवर में निकलना किसी जंग से कम नहीं। लालकुआं के पास तो कई बार 2 किमी लंबा जाम लगता है। एक्सपर्ट जाम की असल वजह अवैध बस और ऑटो स्टैंड को बता रहे हैं। एनएचएआई ने हाइवे बनाया तो इनके लिए कहीं होल्डिंग एरिया नहीं बनाया। अब ऑटो और बस रोड पर खड़ी होती हैं, जिससे जाम लगता है।
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दिल्‍ली-गाजियाबाद हाइवे पर जाम से राहत नहीं


यूपी गेट, खोड़ा कट, सेक्टर 62 एफओबी, विजय नगर, छिजारसी और लालकुआं के पॉइंट पर ऑटो व बस वाले सवारियां भरते हैं। एनएच के बगल में बने डीएमई पर दिल्ली से लालकुआं के बीच कोई कट नहीं दिया गया है, जबकि डासना से दिल्ली की तरफ की लेन पर नोएडा के लिए डीएमई पर कट बनाया गया है। लोगों का कहना है कि डीएमई पर अगर गाजियाबाद की तरफ भी कोई कट होता तो जाम के हालात इतने खराब नहीं होते। हापुड़ और डासना जाने वालों को ज्यादा दिक्कत नहीं होती, क्योंकि ऐसे लोग दिल्ली से ही डीएमई पर चले जाते हैं। इंदिरापुरम, प्रताप विहार, कविनगर, शास्त्रीनगर, लोहिया नगर, विजय नगर, राजनगर, गोविंदपुरम और पुराने शहर के लोगों को एनएच 9 के जाम में फंसना पड़ रहा है। इनके लिए डीएमई पर कोई कट नहीं है।
दिल्ली मेरठ एक्सप्रेसवे पर जाम नहीं रहता, लेकिन गाजियाबाद के लोग जब एनएच-9 पर चलते हैं तो हर शाम जाम मिलता है। इसकी वजह से बहुत अधिक परेशानी होती है।
मनोज कुमार, काजीपुरा

'ऐसे तो कभी दूर नहीं होगा जाम'

खोड़ा कट, सेक्टर 62 एफओबी, विजय नगर, छिजारसी और लालकुआं के पॉइंट पर सबसे ज्यादा ऑटो और बसें खड़ी होती हैं। इन जगहों पर सवारियों को उतारना और बैठाना तो आम बात है। एनएच 9 पर जाम लगने की यही सबसे बड़ी वजह है। ट्रैफिक पुलिस के एक रिटायर्ड अधिकारी ने बताया कि अवैध स्टैंड जब तक नहीं हटेगा या इनके लिए जगह निर्धारित नहीं की जाएगी, जाम की समस्या हल नहीं हो सकती।

चिपियाना बुजुर्ग आरओबी के बन जाने के बाद उम्मीद थी कि जाम खत्म हो जाएगा। कोई राहत नहीं मिली। हालात अब भी पहले जैसे ही बने हैं। शाम के समय लंबा जाम लगता है।
सुजीत त्यागी, अवंतिका कॉलोनी

'होल्डिंग एरिया देते तो कभी दिक्कत न होती'
एसपी ट्रैफिक रामानंद कुशवाहा कहना है कि यूपी गेट से डासना के बीच एनएचएआई ने ऑटो, बस और ई-रिक्शा के ठहरने के लिए कोई होल्डिंग एरिया नहीं दिया है। इसकी वजह से एनएच-9 पर ही वाहन चालक सवारियां उतारते और बैठाते हैं। कई बार पुलिसकर्मी तैनात कर इन्हें हटाया भी जाता है, तब आम लोगों को दिक्कत होने लगती है। होल्डिंग एरिया बनाया गया होता तो ऐसी समस्या ही न होती। एक्सप्रेसवे पर भी ट्रक और दूसरे वाहनों को ठहरने के लिए थोड़ी दूरी पर एक लेन होल्डिंग एरिया की बनाई जाती है।
लेखक के बारे में
वैभव पांडे
नवभारत टाइम्‍स डिजिटल में असिस्‍टेंट न्‍यूज एडिटर। ग्रेजुएशन तक साइंस स्‍टूडेंट। इसके बाद मीडिया में पोस्‍ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई। लखनऊ से पत्रकारिता का सफर शुरू हुआ जो वाया आगरा, दिल्‍ली-NCR फिर नवाबों के शहर आ पहुंचा है। लंबे समय तक दैनिक जागरण प्रिंट में काम किया। अब 'न्‍यू मीडिया' की बारीकियों को समझने का सिलसिला जारी है।... और पढ़ें

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