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गाजियाबाद: 30 साल पहले बिछड़ी मां से मिला बेटा, गले लगकर खूब रोया

30 साल पहले महिला पार्वती अपने पति से विवाद के बाद देवरिया छोड़ कर मेरठ पहुंच गई थी और वहां पर घरों में मेड का काम करने लगी। करीब 4 दिन पहले यह महिला काम की तलाश में भटकती हुई महिला मोदीनगर थाने पहुंच गई।

Lipi 14 Jun 2020, 10:10 pm
गाजियाबाद
नवभारतटाइम्स.कॉम कोतवाली में मां-बेटा
कोतवाली में मां-बेटा

देवरिया की रहने वाली एक महिला के लिए यह कोरोना काल वरदान साबित हुआ। गाजियाबाद पुलिस ने 30 साल से बिछड़ी इस मां को उसके परिवार से मिलवाया है। 30 साल बाद मां और बेटे मिले तो आंसुओं में जज्बात निकल आए। यह पूरा मामला गाजियाबाद के मोदीनगर इलाके का है। मां और बेटा जब लंबे अरसे बाद मिले तो एक दूसरे से लिपटकर खूब रोए।

महिला ने थाना प्रभारी को सुनाई आपबीती
क्षेत्राधिकारी प्रभात कुमार ने बताया कि 30 साल पहले महिला पार्वती अपने पति से विवाद के बाद देवरिया छोड़ कर मेरठ पहुंच गई थी और वहां पर घरों में मेड का काम करने लगी। करीब 4 दिन पहले यह महिला काम की तलाश में भटकती हुई महिला मोदीनगर थाने पहुंच गई। थाना प्रभारी निरीक्षक ने महिला को खाना खिलाया। महिला उनसे काम मांगने की जिद पर अड़ी रही। काम नहीं मिलने की बात सुनते ही महिला रोने लगी। इसके बाद पुलिस ने महिला के घर का पता मालूम किया।

इंटरनेट से ली गई मदद
पार्वती ने बताया कि पति से विवाद होने के बाद वह घर छोड़कर मेरठ आकर घरों में मेड का काम करने लगी थी, लेकिन लॉकडाउन और कोरोना वायरस के चलते अब महिला को कोई काम नहीं दे रहा था। काफी प्रयास के बाद महिला अपने गांव का नाम नहीं बता पाई। कोतवाल ने इंटरनेट के माध्यम से देवरिया के सभी थानों के नाम खोज कर महिला को सुनाया । इसमें खूखुद थाने का नाम सुनते ही महिला को कुछ याद आया। उसके बाद उस थाना क्षेत्र के सभी गांव से लापता महिलाओं के नाम निकलवाए गए। बहरहाल काफी देर बाद महिला को अपने गांव बहसा का नाम याद आया। तब जाकर मोदीनगर पुलिस की सांस में सांस आई। उसके बाद थाना प्रभारी ने बहसा गांव के प्रधान का मोबाइल नंबर लेकर उन्हें इस मामले की जानकारी दी।

मां के पैरों में गिरकर रोने लगा बेटा
ग्राम प्रधान संतोष सिंह ने महिला की पहचान थाना प्रभारी को बताई, साथ ही प्रधान ने महिला के घरवालों को भी इसकी सूचना दी। जैसे ही पार्वती के परिजनों को यह सूचना मिली तो उन्‍होंने महिला का फोटो वॉटसऐप पर मंगवाया। जब पार्वती के परिजनों ने पहचान कर ली तब पार्वती का पुत्र रवीश कुमार अपने रिश्तेदार के साथ मोदीनगर थाने पहुंचा और मां के पैरों पर गिरकर रोने लगा। यह भावुक पल देखकर मोदीनगर थाने में सभी पुलिसकर्मियों की आंखें भी नम हो गईं। पुलिस ने पूरी कागजी कार्रवाई के बाद महिला को परिवार के सुपुर्द कर दिया।

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