ऐपशहर

कानपुर: IPS सुरेंद्र दास ने इंटरनेट पर खोजे थे खुदकुशी के तरीके, हालत अब भी नाजुक

कानपुर में जहर खाकर खुदकुशी की कोशिश करने वाले आईपीएस अधिकारी सुरेंद्र कुमार दास की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ है। उनकी तबीयत लगातार नाजुक बनी हुई है। इस बीच गुरुवार को प्राइवेट हॉस्पिटल प्रबंधन ने बताया कि मुंबई के डॉक्टरों ने काम शुरू कर दिया है। दिल और फेफड़ों को मशीन से सपॉर्ट दिया जा रहा है।

नवभारत टाइम्स 7 Sep 2018, 8:56 am
कानपुर
नवभारतटाइम्स.कॉम IPS SURENDRA
आईपीएस सुरेंद्र दास (फाइल फोटो)

कानपुर में जहर खाकर खुदकुशी की कोशिश करने वाले आईपीएस अधिकारी सुरेंद्र कुमार दास की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ है। उनकी तबीयत लगातार नाजुक बनी हुई है। इस बीच गुरुवार को प्राइवेट हॉस्पिटल प्रबंधन ने बताया कि मुंबई के डॉक्टरों ने काम शुरू कर दिया है। दिल और फेफड़ों को मशीन से सपॉर्ट दिया जा रहा है। जहर की मात्रा ज्यादा होने की वजह से डायलिसिस भी जारी है।

कानपुर के एसएसपी अनंत देव ने बताया कि शादीशुदा जिंदगी में संतुलन बैठाने में दास और उनकी पत्नी को दिक्कतें आ रही थीं। इंटरनेट पर दास ने आत्महत्या के तरीके सर्च किए थे। वहीं मुंबई से विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम गुरुवार रात करीब 1 बजे कानपुर पहुंची। टीम ने कुछ देर बाद ही दास को एक्मो मशीन के सपॉर्ट पर ले लिया।

एसएसपी ने बताया कि यह भी पता चला है कि सुरेंद्र पिछले कई दिनों से अस्थिर थे। फरेंसिक टीम को उनके कमरे से सल्फास के तीन पाउच मिले हैं। उन्होंने करीब 25-30 ग्राम सल्फास खाया होगा।

पत्नी से विवाद के बाद खाया था जहर
पारिवारिक कलह से ऊब चुके आईपीएस सुरेंद्र कुमार दास ने बुधवार को अपने सरकारी बंगले पर जहर खा लिया था। गंभीर हालत में उन्हें एक प्राइवेट अस्पताल में दाखिल कराया गया था।

एसपी के कमरे से एक सूइसाइड नोट भी मिला था। 7 लाइन के नोट में पति-पत्नी के बीच झगड़े की बात सामने आई थी। सूइसाइड नोट में लिखा है, 'मैं तुम्हें बहुत प्यार करता हूं। मुझे माफ कर देना।' सुरेंद्र कुमार दास 2014 बैच के आईपीएस हैं। उन्हें 3 अगस्त को कानपुर में बतौर एसपी ईस्ट तैनात किया गया था।

उनकी शादी कानपुर के ही जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज से इसी साल एमएस कर चुकीं डॉ. रवीना सिंह से हुई थी। सूत्रों के अनुसार, सुबह करीब 4 बजे दास के सास-ससुर बंगले से निकले। एसपी (वेस्ट) संजीव सुमन के अनुसार, दास के फॉलोअर और बंगले पर तैनात कर्मचारियों ने बताया कि वह किसी पारिवारिक समस्या से परेशान थे।

अगला लेख

Stateकी ताजा खबरें, ब्रेकिंग न्यूज, अनकही और सच्ची कहानियां, सिर्फ खबरें नहीं उसका विश्लेषण भी। इन सब की जानकारी, सबसे पहले और सबसे सटीक हिंदी में देश के सबसे लोकप्रिय, सबसे भरोसेमंद Hindi Newsडिजिटल प्लेटफ़ॉर्म नवभारत टाइम्स पर
ट्रेंडिंग