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बस हादसाः पुलिस ने बस मालकिन के खिलाफ दर्ज की गैर-इरादतन हत्या की रिपोर्ट

उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले में हादसे के शिकार बस की मालकिन के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या, धोखाधड़ी, कागजों से छेड़छाड़ और मोटर वीइकल ऐक्ट की दफाओं में एफआईआर दर्ज किया गया है।

नवभारत टाइम्स 14 Jan 2020, 10:40 pm
कानपुर
नवभारतटाइम्स.कॉम सांकेतिक तस्वीर
सांकेतिक तस्वीर

उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले में हादसे के शिकार बस की मालकिन के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या, धोखाधड़ी, कागजों से छेड़छाड़ और मोटर वीइकल ऐक्ट की दफाओं में एफआईआर दर्ज किया गया है। छिबरामऊ थाने के एसएचओ शैलेंद्र कुमार मिश्रा ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि केस से संबंधित आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।

छिबरामऊ में हुए बस हादसे में बस की मालकिन प्रीति चतुर्वेदी के खिलाफ एफआईआर न दर्ज होने पर कई तरह के सवाल किए जा रहे थे। मंगलवार को पुलिस ने बताया कि प्रीति चतुर्वेदी के खिलाफ आईपीसी की धाराओं 279, 418, 420, 427, 431, 465, 471, 304, 120-बी और मोटर वाहन अधिनियम में एफआईआर दर्ज हुई है। कन्नौज के एआरटीओ (प्रवर्तन) ने फोन पर बताया कि शुरुआती जांच में इस बात की पुष्टि हुई है कि बस का मालिकाना हक रखने वाली प्रीति चतुर्वेदी ने बस के गेट की बनावट से छेड़छाड़, चेसिस में बदलाव, टिकटों का अवैध वितरण और परिवहन परमिट की शर्तों का उल्लंघन किया है।

पुलिस का दावा है कि एफआईआर दो दिन पहले ही दर्ज करा दी गई थी। गौरतलब है कि प्रीति चतुर्वेदी ट्रैवल एजेंसी के मालिक विमल की पत्नी हैं। विमल की कन्नौज में 50 बसें चलती हैं। इनमें 26 का मालिकाना हक विमल और उसके परिवार के अन्य लोगों के पास है।

मैजिस्ट्रेटी जांच से खुलेगा मौतों का सच

कन्नौज के डीएम रवींद्र कुमार के अनुसार, बस में यात्रियों और मृतकों की संख्या के बारे में काफी भ्रम फैला है। इसके अलावा बस के संचालन पर भी कई सवाल हैं। एडीएम स्तर के अधिकारी इस पूरे मामले की जांच करेंगे, लेकिन इन दो बिंदुओं पर विशेष फोकस होगा, ताकि सच का पता लगाया जा सके।

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