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Mathura News: चीन में जारी लॉकडाउन ने थामी बरसाना रोप-वे की रफ्तार, जानिए कितना करना होगा इंतजार

Mathura Ropeway: लंबे समय से लंबित रोप-वे परियोजना को जल्द पूरा करने का काम पिछले कई माह से चल रहा था। इसके अंतर्गत रोप-वे के पिलर और भवन आदि बन गए हैं। लेकिन इसके संचालन के लिए तकनीकी उपकरण चाइना से आने हैं। जो वहां कोविड के लॉकडाउन के चलते भारत नहीं आ पा रहे हैं।

guest Nirmal-Rajpoot | Lipi 24 Nov 2022, 5:07 pm
मथुरा: बरसाना में बनने वाले रोप-वे पर चीन के लॉकडाउन का ग्रहण लग गया है। अब मथुरा आने वाले और यहां के लोकल लोगों को रोप-वे बनने का इंतजार करना पड़ेगा। इससे पहले रोप-वे के लिए मंदिर के निकट जमीन और बीच में आ रहे पेड़ हटाने में लंबा वक्त लगा। वन विभाग से जमीन भी खरीदी गई। इस पर करीब तीन करोड़ रुपये विकास प्राधिकरण ने खर्च किए। संचालन के लिए तकनीकी उपकरण चाइना से आने हैं, जो वहां कोविड के लॉक डाउन के चलते संभव नहीं हो पा रहा है।
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बरसाना रोप-वे(सांकेतिक फोटो)


15.5 करोड़ रुपये रोपवे के निर्माण में होंगे खर्च

बरसाना के ब्रह्मांचल पर्वत पर विराजमान राधारानी के मंदिर तक भक्तों को आसानी से पहुंचाने के लिए करीब एक दशक पहले बरसाना में रोप-वे की योजना बनाई गई थी। यह दायित्व तत्कालीन प्रदेश सरकार ने मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण को सौंपा था। रोप-वे के लिए मंदिर के निकट जमीन और बीच में आ रहे पेड़ हटाने में लंबा वक्त लगा। वन विभाग से जमीन भी खरीदी गई। इस पर करीब तीन करोड़ रुपये विकास प्राधिकरण ने खर्च किए। रोप-वे बनाने और उसके संचालन का दायित्व प्राधिकरण द्वारा राधारानी रोप-वे प्रालि के साथ एक अन्य कंपनी को सौंपा गया। ये कंपनी प्रोजेक्ट पर करीब 15.5 करोड़ रुपये खर्च कर रही है।

लंबे समय से लंबित परियोजना को जल्द पूरा करने का काम पिछले कई माह से चल रहा था। इसके अंतर्गत रोप-वे के पिलर और भवन आदि बन गए हैं। लेकिन इसके संचालन के लिए तकनीकी उपकरण चाइना से आने हैं। जो वहां कोविड के लॉकडाउन के चलते भारत नहीं आ पा रहे हैं। ऐसे में स्टेशन, टावर, ट्रॉली का काम एक बार फिर अधर में लटक गया है।

लॉक डाउन के कारण चाइना से नहीं आ पाए उपकरण

रोप-वे के लिए जमीन वन विभाग से हासिल की है। यहां कुछ पेड़ काटने के लिए सुप्रीम कोर्ट की अनुमति ली गई। इस प्रक्रिया में लंबा वक्त लगा। अब प्रोजेक्ट लगभग तैयार है। लेकिन तकनीकी उपकरण स्टेशन मशीन, ट्रॉली, टावर आदि के लिए उपकरण चाइना से आने हैं। लेकिन वहां लॉक डाउन के कारण इसमें देरी हो रही है।

33 मीटर ऊंचाई और 216 मीटर लंबा है रोप-वे

अधिशासी अभियंता कौशलेंद्र चौधरी ने बताया कि बरसाना रोप-वे 216 मीटर लंबा है। जिसकी ऊंचाई 33 मीटर है। यहां छह ट्रॉली का संचालन होगा। प्रत्येक ट्रॉली में छह लोगों को बैठने की सुविधा मिलेगी। बरसाना में राधारानी मंदिर के दर्शन के लिए जाने वाले भक्त रोपवे के माध्यम से सीधे मंदिर के निकट पहुंच सकेंगे। संबंधित कंपनी के साथ प्राधिकरण ने 25 साल तक रोपवे के संचालन का अनुबंध किया है। इसमें अपर स्टेशन मंदिर के निकट और लोअर स्टेशन बरसाना में निर्माणाधीन है।

रोपवे तैयार होने का इंतजार

वहीं राधा रानी मंदिर पर बनने वाले रोपवे को लेकर स्थानीय लोगों से बात की तो उन्होंने बताया कि धार्मिक दृष्टि से विश्व में एक अलग ही स्थान बरसाना रखता है। रोपवे का निर्माण जल्द शुरू होना चाहिए, क्योंकि ब्रह्माचल पर्वत की ऊंचाई काफी होने के कारण बुजुर्ग नहीं चल पाते। रूप में तैयार हो जाता है तो स्थानीय और श्रद्धालुओं को काफी सहूलियत मंदिर से आने जाने में मिलेगी। रूप में तैयार होने का सभी को इंतजार है।
रिपोर्ट-निर्मल राजपूत
लेखक के बारे में
योगेश भदौरिया
टीवी जर्नलिज्म से शुरुआत के बाद बीते 8 साल से डिजिटल मीडिया में हैं। राजनीति के अलावा टेक और ऑटो सेक्शन की खबरों में दिलचस्पी। NDTV इंडिया से सफर की शुरुआत के बाद न्यूज नेशन होते हुए अब NBT ऑनलाइन पहुंचे। वक्त मिलने पर नई टेक्नोलॉजी के बारे में जानना। घुमक्कड़ और जिज्ञासू। खाली टाइम में प्ले स्टेशन पर गेमिंग के अलावा बाइकिंग और ड्राइविंग लवर।... और पढ़ें

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