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अखिलेश यादव और जयंत चौधरी की मदद करेंगे सत्यपाल मलिक, भाजपा के खिलाफ खोला मोर्चा

Satpal Malik New Announcement: पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने बड़ी घोषणा कर दी है। अब तक विभिन्न राज्यों में राज्यपाल की भूमिका में रहे मलिक ने रिटायरमेंट के बाद समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव और राष्ट्रीय लोक दल अध्यक्ष जयंत चौधरी की मदद करने की बात कही है। इसके बाद चर्चाओं का बाजार गरमा गया है।

Reported byशादाब रिजवी | नवभारत टाइम्स 5 Oct 2022, 7:10 pm

हाइलाइट्स

  • सत्यपाल मलिक ने भाजपा पर बोला हमला, भविष्य की राजनीति पर बड़ा खुलासा
  • गांव पहुंचे सत्यपाल मलिक ने विपक्ष की राजनीति के साथ चलने का दिया संकेत
  • केंद्र पर लगाया आरोप, जांच कराई जा सकती है, लेकिन हमारे पास मिलेगा कुछ नहीं
  • चुनाव लड़ने और पार्टी जॉइन नहीं करने की कही बात, पर रहेंगे किसानों का साथ
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मेरठ: सत्यपाल मलिक अब विपक्ष की राजनीति करेंगे। विभिन्न राज्यों में राज्यपाल की भूमिका निभाने वाले सत्यपाल मलिक ने भारतीय जनता पार्टी विरोध की राजनीति को शुरू करने का निर्णय लिया है। मेघालय के राज्यपाल पद से रिटायर होने के बाद सत्यपाल मलिक बुधवार को पैत्रिक गांव हिलावदा पहुंचे। यहां उन्होंने गांव के लोगों के साथ भविष्य की चर्चा की। साथ में भोजन किया। साथ ही, कहा न कुछ लेकर गया था। न कुछ लेकर आया हूं। केंद्र पर निशाना साधते हुए कहा कि जिसे जिस एजेंसी से जांच करानी हो, करा लें। आगे उन्होंने समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव और राष्ट्रीय लोक दल के जयंत चौधरी की मदद की बात कही।
सत्यपाल मलिक के गांव पहुंचने पर उनके सम्मान में कार्यक्रम आयोजित किया गया था। मलिक ने ग्रामीणों के साथ मौजूदा हालात अलावा खेती-किसानी की लंबी बातें की। सबके साथ बैठकर से खाना खाया। इस दौरान उन्होंने मीडिया के सामने भारतीय जनता पार्टी की सरकार पर हमला जारी रखा। सरकार को किसान विरोधी बताया। कहा कि बीजेपी सरकार में लोग महंगाई से परेशान है। आशंका जताई कि मेरी तरफ से सरकारी की कमियों को लेकर आवाज उठाने के बाद अब सेवानिवृत होने पर मेरे खिलाफ भी सरकारी जांच करा सकती हैं, लेकिन साथ ही दोहराया हमारी कितनी ही जांच करा लें। मैं तो फकीर आदमी हूं, कुछ नहीं मिलेगा। राज्यपाल बनने पर पांच कुर्ते पजामे लेकर गया था, वही लेकर लौटा हूं।

कोई पार्टी नहीं जॉइन करेंगे मलिक
आगे की सक्रिय सियासी रणनीति के सवाल पर सलपाल मलिक ने साफ किया कि वह कोई पार्टी जॉइन नही करेंगे और न हो कोई चुनाव लड़ेंगे। अब वह सिर्फ किसानों की आवाज उठाने के लिए काम करेंगे। संवैधानिक पद पर रहते भी वह किसानों की आवाज को कानून के दायरे में उठाते रहे हैं। लेकिन मलिक ने यह जरूर कहा कि उन्होंने कहा कि वह किसान मसीहा पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के पोते चौधरी जयंत और पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के बेटे पूर्व सीएम अखिलेश यादव की मदद जरूर करेंगे।

दरअसल, लंबी सियासी पारी खेलने वाले बागपत के हिसावदा गांव निवासी सत्यपाल मलिक को जम्मू कश्मीर का राज्यपाल बनाया गया था। धारा 370 हटाने जाने के बाद सत्यपाल मलिक को राज्यपाल से हटाकर नए एलजी की नियुक्ति की गई थी। अभी वे मेघालय के राज्यपाल पद पर तैनात थे। उनका कार्यकाल सोमवार को पूरा हो गया। सेवानिवृत्त होने के बाद बुधवार को वह अपने पैतृक गांव हिसावदा पहुंचे। उनकी पसंद का खाना आलू जीरा, मटर पनीर, रायता और सोंठ आदि बनवाया गया था। सत्यपाल मलिक के आने वाले समय में जयंत चौधरी के साथ मंच साझा करने संबंधी रिपोर्ट भी सामने आ रही है।
लेखक के बारे में
शादाब रिजवी

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