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UP Politics: 2019 में वेस्ट यूपी में बीजेपी साबित हुई थी कमजोर, 2024 में जीत के लिए अभी से जुटी पार्टी

UP BJP: बीजेपी 2019 में लोकसभा चुनाव में वेस्ट यूपी की सहारनपुर, बिजनौर, नगीना, अमरोहा, संभल, मुरादाबाद, रामपुर सीटें हार गई थी। साल 2022 में भी अच्‍छा प्रदर्शन नहीं रहा। ऐसे में बीजेपी मिशन 2024 के लिए अभी से जुट गई है।

Reported byशादाब रिजवी | Edited byआलोक भदौरिया | नवभारतटाइम्स.कॉम 10 Aug 2022, 7:44 pm
मेरठ: वेस्ट यूपी में 2019 के लोकसभा चुनाव मे कमजोर साबित हुई भारतीय जनता पार्टी (up bjp) 2024 के मिशन (mission 2024) फतह के लिए सियासी समीकरण साधने में जुट गई है। इस बार सत्ता में वापसी के लिए सियासी पावर सेंटर शक्ति केंद्रों को बनाया जा रहा है। वेस्ट यूपी में 4750 शक्ति केंद्र पर पार्टी का पूरा फोकस है।
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सांकेतिक तस्‍वीर


पीएम की मन की बात सुनने से लेकर, सरकारी योजनाओं का फीडबैक लेने और आमजन से संवाद करने तक के लिए शक्ति केंद्र का ही चयन किया है। वेस्ट यूपी को साधने के लिए किसानों, युवाओं और महिलाओं पर खास तवज्जो बीजेपी दे रही है। इसी क्रम में मेरठ जिले के हस्तिनापुर में किसान मोर्चा और आगरा में युवा मोर्चा का प्रदेश स्तरीय तीन दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग आयोजित कर उन्हें साधने का कदम उठाया गया।

दरअसल, बीजेपी 2019 में लोकसभा चुनाव में वेस्ट यूपी की सहारनपुर, बिजनौर, नगीना, अमरोहा, संभल, मुरादाबाद, रामपुर सीटें हार गई थी। 2022 के विधानसभा चुनाव में भी मेरठ, मुजफ्फरनगर, मुरादाबाद, सहारनपुर, संभल, रामपुर आदि जिलों में कई सीटें बीजेपी को गवानी पड़ी थीं। इसलिए बीजेपी अभी से फतह 2024 के लिए हारी सीटों पर जीत की बाजी खेलने में जुट गई है। उपचुनाव में रामपुर और आजमगढ़ लोकसभा की सीट जीतने से भाजपा के हौसले बुलंद हैं।

बीजेपी का सत्ता वापसी के लिए गेम प्लान
भाजपा के वेस्ट यूपी के प्रवक्ता गजेंद्र शर्मा का कहना है कि संगठन में बनाए गए सेक्टरों को शक्ति केंद्र बनाकर इनकी निगरानी का जिम्मा वरिष्ठ कार्यकर्ता और पदाधिकारियों को सौंपा हुआ है। अभी तक सबसे आखिरी पायदान के वर्कर के पास बात पहुंचाने के लिए मंडल स्तर को सक्रिय रखा जाता था लेकिन 2024 के लिए माइक्रो प्लान के मुताबिक अब मंडल स्तर के बजाए सेक्टर स्तर (शक्ति केंद्रों) पर हर गतिविधि पूरी की जा रही है।

बकौल गजेंद्र शर्मा संगठन के लिहाज से पश्चिमी क्षेत्र (वेस्ट यूपी) में 330 मंडल हैं, जबकि सेक्टर 4750 हैं। इन 4750 को शक्ति केंद्रों के तौर पर सक्रिय करने से ज्यादा से ज्यादा वर्करों तक पहुंच बन पा रही है। वेस्ट यूपी में 30,000 बूथ हैं।

एनजीओ और महिलाओं पर भी फोकस
भाजपा ने महिला मोर्चा को सक्रिय रहने और घर-घर संपर्क बढ़ाने का लक्ष्य दिया है। इस रणनीति के तहत एनजीओ चलाने वाली, स्वयं सहायता समूह या व्यक्तिगत रूप से अपना कार्य करने वाली महिलाओं से संपर्क कर उनके नाम, ईमेल आईडी, फोन नंबर, पता, कार्य का विवरण आदि की जानकारी एक तय फार्म पर भरकर प्रदेश कार्यालय को भेजी जा रही है। वहां से इन महिलाओं का पंजीयन जेम पोर्टल पर होगा। पोर्टल के जरिए पार्टी की महिलाओं में पैठ बनेगी।

सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों से फीडबैक लेंगेभाजपा के बूथ सशक्तिकरण अभियान के तहत 2024 के लिए भी जनप्रतिनिधियों को 100 बूथों का दौरा करने और वहां सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों से फीडबैक लेने का जिम्मा दिया है। खासकर जिन स्थानों पर 2019 के लोकसभा और 2022 के विधानसभा चुनाव में कमल पर वोट कम पड़े है, वहां खास ध्यान देना है ताकि सियासी जमीन तैयार की जा सके। कमजोर जगहों पर प्रदेश स्तर के साथ राष्ट्रीय स्तर के नेताओं के भी कार्यक्रम लगाकर कहा जा रहा है कि पीएम और सीएम के विकास मॉडल पर जोर दें। वेस्ट यूपी कमजोर कड़ी तलाश कर लाभार्थियों पर फोकस करें।
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शादाब रिजवी

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