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गौड़ सिटी 2 की जेकेजी पाम सोसायटी में तेंदुए की दहशत

गौड़ सिटी 2 की जेकेजी पाम कोर्ट सोसायटी में तेंदुआ मिलने की अफवाह से लोगों में हड़कंप है। इस सोसायटी में 7 टावर हैं। इनमें 4 टावर में कई परिवार रह रहे हैं।

नवभारत टाइम्स 1 Dec 2019, 11:41 am
नोएडा
नवभारतटाइम्स.कॉम सोसायटी के बाहर जमा भीड़ (इनसेट में फिशिंग कैट)
सोसायटी के बाहर जमा भीड़ (इनसेट में फिशिंग कैट)

ग्रेटर नोएडा वेस्ट में गौड़ सिटी 2 की जेकेजी पाम कोर्ट सोसायटी में शनिवार सुबह तेंदुआ दिखने से दहशत फैल गई। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम को कई जगह पंजों के निशान मिले। इसके बाद गाजियाबाद, दिल्ली, मेरठ से भी वन विभाग की टीम को बुलाया गया। पूरी सोसायटी को जाल लगाकर घेरा गया है। ट्रेंक्यूलाइजर गन के साथ वनकर्मियों को तैनात किया गया है। सोसायटी के लोगों को फ्लैट से बाहर न निकलने की चेतावनी दी गई है। वन विभाग के अधिकारियों ने शुरुआती जांच में पंजों के निशान को फिशिंग कैट का बताया है।

जेकेजी पाम कोर्ट सोसायटी में 7 टावर हैं। इनमें 4 टावर में कई परिवार रह रहे हैं। सोसायटी के पास बैंक के निकट सुरक्षाकर्मियों और अन्य लोगों ने शनिवार सुबह करीब साढ़े 5 बजे तेंदुआ देखने का दावा किया। कुछ देर में ही वह लापता हो गया। सूचना पर सोसायटी से काफी लोग मौके पर पहुंचे तो पंजों के निशान मिले। निर्माणाधीन टावर और पार्किंग एरिया के आसपास भी पंजों के निशान मिले। सुबह करीब 10 बजे वन विभाग के अधिकारियों को इसकी सूचना दी गई।

मामला जिला प्रशासन तक पहुंचा तो गाजियाबाद, नोएडा, दिल्ली और मेरठ से भी वन विभाग की टीम को बुलाया गया। सोसायटी समेत आसपास के कुछ इलाकों को वन विभाग की टीम ने घेर लिया। जाल लगाने के बाद ट्रैंक्यूलाइजर गन के साथ वनकर्मी देर रात तक जानवर को ढूंढते रहे। आसपास के जिलों से वन विभाग की एक्सपर्ट टीम पहुंचने के बाद स्थानीय टीम को पीछे हटा दिया गया। इसके बाद पूरी सोसायटी में तलाशी अभियान चलता रहा। डिस्ट्रिक्ट फॉरेस्ट ऑफिसर (DFO) प्रमोद कुमार श्रीवास्तव ने आसपास के लोगों को घरों में रहने की सलाह दी है।

प्रमोद कुमार श्रीवास्तव, डीएफओ ने कहा, वन विभाग की टीमें सर्च अभियान चला रही हैं। जानवर के पंजों के निशान और फोटो देखकर लग रहा है कि फिशिंग कैट है।

फिशिंग कैट तेंदुआ की एक प्रजाति

फिशिंग कैट तेंदुआ की ही एक प्रजाति है, लेकिन इसका स्वभाव उससे बिल्कुल अलग होता है। फिशिंग कैट शर्मिला जानवर होता है। इंसान को देखकर यह छुप जाता है। हालांकि यह मांसभक्षी होता है। छेट जानवर जैसे मुर्गी, बकरी आदि को अपना शिकार बनाता है। वैसे इसका मुख्य आहार मछली है, जिसके आधार पर इसका नाम भी पड़ा है। नदी-तालाब में तैरकर मछली का शिकार करता है। देश में पश्चिम बंगाल में इनकी तादात काफी ज्यादा है। साल 2016 में इन्हें विलुप्त प्राय जीव की श्रेणी में रखा गया था।

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