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Amethi: अमेठी के किसान की बेटी गणतंत्र दिवस पर राजपथ पर करेंगी कदम ताल, UP का करेगी प्रतिनिधित्व

उत्तर प्रदेश के अमेठी में एक साधारण किसान परिवार का उस समय खुशियों का ठिकाना न रहा जब परिवार के लोगों को यह पता चला कि उनकी बेटी का चयन राजपथ पर होने वाली परेड के लिए हुआ है। शालू मिश्रा 26 जनवरी को राजपथ पर होने वाली परेड में वह उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व भी करेंगी।

guest Arun-kumar-Gupta | Lipi 17 Jan 2022, 8:01 pm

हाइलाइट्स

  • बीएससी सेंकेंड ईयर की छात्रा है शालू
  • 1986 के बाद आरआरपीजी कॉलेज का बढ़ाया मान
  • टीचर, परिवार और दोस्तों में खुशी की लहर
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अरुण गुप्ता, अमेठी
यूपी के अमेठी के लिए यह गर्व की बात होगी कि एक किसान परिवार की बेटी शालू मिश्रा इस गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) दिल्ली में होने वाली परेड में कदमताल करती दिखाई देगी। शालू अमेठी तहसील क्षेत्र के आरआरपीजी कॉलेज में बीएससी द्वितीय वर्ष की छात्रा है। साथ ही एनसीसी में कैडेट अंडर ऑफिसर है। वो उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर रही है।
शालू मिश्रा के पिता अशोक मिश्रा एक साधारण किसान हैं, जिनके लिए यह गर्व का क्षण है। शालू मिश्रा ने बताया कि मेरी उपलब्धि का पूरा श्रेय लेफ्टिनेंट डॉ. उमेश सिंह सर को जाता है जिन्होंने प्रवेश के साथ मुझे हमेशा राजपथ के लिए प्रेरित किया और कहा कि आपको भारतीय सेना को एक अधिकारी के रूप में चुनना है। 1986 के बाद शालू मिश्रा ने फिर से आरआरपीजी का मान बढ़ाया है।

पिता ने कहा, अमेठी के लिए गौरव की बात
शालू के पिता अशोक कुमार मिश्रा कहते हैं कि मेरे लिए यह बहुत खुशी की बात है। आरआरपीजी में डॉ. उमेश कुमार की कड़ी मेहनत, शक्ति के साथ वह आगे बढ़ी है। यह अमेठी के लिए बड़ी गौरव की बात है कि 36 साल बाद सुनहरा मौका आया हुआ है। वहीं शालू की मित्र सृष्टि तिवारी बताती है कि मेरे और शालू का सलेक्शन साथ में हुआ था। हम आईजीसी कैंप तक साथ में गए थे दुर्घटना वश मैं वहां तक नहीं जा पाई और उसका सेलेक्शन राजपथ के लिए हो गया।

कठिन है चयन प्रक्रिया
आरआरपीजी कॉलेज के एनसीसी अधिकारी लेफ्टिनेंट डॉ. उमेश सिंह ने बताया कि आरडीसी में चयन की प्रक्रिया बेहद कठिन होती है। 3 महीने की कड़ी मेहनत के बाद कैडेट को यह पद मिलता है। महाविद्यालय स्तर से प्रारंभ कर पुनः बटालियन स्तर पर और उसके बाद मुख्यालय द्वारा चयनित विद्यार्थियों को आईजीसी कैम्प में भेजा जाता है, जहां से उत्तर प्रदेश निदेशालय की टीम का चयन किया जाता है। कैडेटों का चयन डीजी एनसीसी मुख्यालय द्वारा राजपथ के लिए नवीन में किया जाता है। इस मुकाम को सिर्फ चुनिंदा कैडेट ही हासिल कर पाते हैं।

उन्होंने कहा कि किसी भी गुरु के लिए बड़ी प्रसन्नता की बात होती है। मैं और पूरा विद्यालय खुश है। जिस तरह से चारो ओर से बधाईयां मिल रही है निश्चित तौर पर हमारा सीना चौड़ा हो रहा है। हमारे विद्यालय के बच्चे बहुत मेहनत करते हैं। शालू एनसीसी में भी बी सर्टिफिकेट की परीक्षा देगी। ये तीन फरवरी को लौट कर आएगी छः फरवरी को इसका एग्जाम है।
लेखक के बारे में
धीरेंद्र सिंह
नवभारत टाइम्स डिजिटल में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर हूं। यूपी और उत्तराखंड से जुड़ी राजनीतिक समेत अन्य खबरों पर काम करने की जिम्मेदारी है। इससे पहले की बात की जाए तो दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की पढ़ाई की है। 2014 से करियर की शुरूआत हुई और 8 साल से अधिक का अनुभव हो चुका है। इस दौरान दिल्ली, यूपी और जम्मू कश्मीर में रिपोर्टिंग करने का भी मौका मिला। टाइम्स ग्रुप से पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला, राजस्थान पत्रिका (डिजिटल), नवोदय टाइम्स, हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी समेत कुछ अन्य संस्थानों में काम किया है। अखबार और डिजिटल जर्नलिज्म की दुनिया में लिखने पढ़ने का काम जारी है।... और पढ़ें

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