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Ballia BJP MLA: विधायक जी ने दिए 11 हजार की जगह 1 हजार, रामकथा आयोजकों ने लौटाए पैसे... स्‍मृति चिन्‍ह भी वापस मांगा

बीजेपी विधायक धनंजय कन्‍नौजिया के साथ पहले भी ऐसा हो चुका है। साल 2018 में भी उन्‍हें एक गांव में दुर्गा मंदिर में प्रवेश से रोकने के लिए बोर्ड लगाया जा चुका है।

guest Narendra-Mishra | Lipi 15 Oct 2021, 10:52 pm

हाइलाइट्स

  • बलिया में आयोजित श्रीराम कथा में विधायक धनंजय कन्नौजिया ने अपना वादा पूरा नहीं किया
  • इससे नाराज होकर राम कथा आयोजन समित‍ि ने खुलकर अपनी नाराजगी जताई
  • समि‍ति ने न केवल सहयोग राशि वापस कर दी बल्कि दिया हुआ स्मृति चिन्‍ह भी वापस मांग लिया
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नरेन्द मिश्र, बलिया
बलिया के बिल्थरारोड विधानसभा क्षेत्र के एक गांव में आयोजित श्रीराम कथा में जब क्षेत्रीय विधायक धनंजय कन्नौजिया ने अपना वादा पूरा नहीं किया तो आयोजन समित‍ि ने खुलकर अपनी नाराजगी जताई। उन्‍होंने न केवल दी हुई सहयोग राशि वापस कर दी बल्कि विधायक महोदय को दिया हुआ स्मृति चिन्‍ह भी वापस मांग लिया। विधायक ने 11 हजार रुपये देने का ऐलान किया था लेकिन दिए केवल एक हजार थे। बहरहाल, इसका वीडियो वायरल हो रहा है।
आश्चर्य की बात यह है कि राम कथा का आयोजक बीजेपी का बूथ अध्यक्ष है। पतोई गांव बीजेपी का गढ़ माना जाता है। यहां वोट पाने में BJP हमेशा एक नम्बर रहती है, बावजूद इसके विधायक धनंजय कन्नौजिया द्वारा इस तरह के व्यवहार करने से लोगों को बुरा लगा है।

सोशल मीडिया पर डाली गई पोस्ट बिल्थरारोड विधानसभा क्षेत्र के पूरा उर्फ फरहदा गांव का बताया जा रहा है। समिति के अध्यक्ष विनय गुप्ता और मनोज सिंह ने मीडिया को बताया कि विधायक जी ने चुनाव जीतने के बाद इस मंदिर पर आकर विवाह घर, सोलर लाइट, हैंडपंप देने की बात कही थी। लेकिन समय बीतता गया पर हर बार सिर्फ आश्वासन ही दिया गया।

गांव में दुर्गा मंदिर पर हो रही राम कथा में वह इस बार भी सादर आमंत्रित थे। स्टेज पर 11 हजार रुपये सहयोग राशि देने की घोषणा की गयी। लेकिन जाते वक्त उन्होंने समिति के अध्यक्ष को केवल एक हजार रुपये ही दिए। जिस पर समिति के सदस्यों ने उन्हें उनका पैसा वापस देकर सम्मान स्वरुप दिया गया स्मृति चिन्ह वापस लेने का फैसला लिया।

इसके बाद मंच से उनकी घोषित सहयोग राशि न देने पर दिए गए सहयोग राशि को वापस करने का एलान किया गया। जिसका वहां पर उपस्थित लोगों ने वीडियो बना लिया और उसे सोशल मीडिया पर डाल दिया। इस संबंध में समिति के लोगों ने कहा कि हमलोगों ने सोचा था कि चलिये कार्यकाल खत्म हो रहा है कुछ सम्मानजनक सहयोग राशि भी दे देंगे तो सारे गिलवे शिकवे भुला दिए जाएंगे। लेकिन यह विधायक सम्मान पाने लायक ही नहीं है। इस बाबत जब विधायक से संपर्क करने की कोशिश की तो संपर्क नहीं हो सकता।

बताया जा रहा है कि साल 2018 में भी विधायक को पंडाल में आने से रोका गया था। विधायक धनंजय कन्नौजिया ने इसके पहले भी वर्ष 2018 में विधानसभा क्षेत्र के ताड़ीबड़ा गांव में वादा करके पूजा पंडाल के स्थान और इंटरलॉकिंग नहीं कराया था। इससे नाराज समिति के सदस्यों ने दुर्गा पूजा पण्डाल में विधायक का प्रवेश वर्जित कर बैनर और तख्ती टांग दिए थे। उसकी भी तस्वीर और वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई थी।
लेखक के बारे में
आलोक भदौरिया
आलोक भदौरिया असिस्टेंट न्यूज़ एडिटर हैं। 2008 से टाइम्‍स ग्रुप के सदस्य रहे हैं। पहले नवभारत टाइम्‍स प्रिंट दिल्‍ली में अब एनबीटी ऑन लाइन के साथ लखनऊ में।... और पढ़ें

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