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UPSC Result 2020: बिना कोचिंग, पहले ही प्रयास में IPS अफसर बन गए बाराबंकी के आदर्श शुक्ला, ऑल इंडिया मिली 149वीं रैंक

देश की महत्वपूर्ण यूपीएससी की परीक्षा पास कर बाराबंकी के युवा पहले प्रयास में आईपीएस बन गए हैं। सफलता के बाद परिवार में बधाइयों का दौर जारी है। तामम तलीफ़ों और आर्थिक समस्याओं बीच बिना कोचिंग के बने आईपीएस (IPS) आदर्श शुक्ला आईएस (IAS) की तैयारी में जुट गए हैं।

Edited byराघवेंद्र शुक्ला | Lipi 25 Sep 2021, 1:22 pm
जितेंद्र कुमार मौर्य, बाराबंकी
नवभारतटाइम्स.कॉम ​आदर्श शुक्ल के परिवार में जश्न का माहौल
आदर्श शुक्ल के परिवार में जश्न का माहौल

विश्व के सबसे महत्वपूर्ण परीक्षाओं में एक यूपीएससी की परीक्षा पास कर उत्तर प्रदेश में बाराबंकी जिले के युवा ने कीर्तिमान बनाया है। बिना किसी कोचिंग के पहले प्रयास में आईपीएस (IPS) बन कर दिखाया है। शुक्रवार को आए यूपीएससी के परिणाम में बाराबंकी के आदर्श शुक्ला को आईपीएस (IPS) कैडर में देश में 149वीं रैंक मिली है।

मात्र 21 साल की आयु में क्रैक किया UPSC
आदर्श शुक्ला बाराबंकी जिले में बाढ़ प्रभावित इलाके रामनगर तहसील क्षेत्र के मड़ना गांव के निवासी हैं, जो करीब दो दशक पहले निजी फार्मा कम्पनी में अकाउंटेंट की नौकरी करने वाले अपने पिता राधाकांत शुक्ल के साथ शहर के मयूर विहार कॉलोनी में रहने लगे थे। आदर्श की मां गीता शुक्ला गृहिणी हैं और आदर्श की एक बड़ी बहन स्नेहा शुक्ला एलएलएम कर पीसीएस जे की तैयारी में जुटी हैं।

आईपीएस आदर्श शुक्ल के पिता राधाकांत शुक्ल ने बताया कि बेटे की इस सफलता से काफी सन्तुष्ट हूं। मैं साल 1993 में गांव से शहर चला आया था और तमाम तकलीफों और आर्थिक संकटों के बावजूद आदर्श को समस्याओं से दूर रखा और पढ़ाई के लिए घर में बेहतर माहौल दिया, जिससे बेटे का सपना पूरा कर सका।

माता पिता को दिया श्रेय
घर पर रह कर पहले ही प्रयास में सफलता पाने वाले आईपीएस आदर्श शुक्ल के अनुसार उन्होंने बचपन से ही सिविल सर्विसेज में जाने का सपना देखा था। इसके लिए उन्होंने घर पर ही तैयारी शुरू की और बिना किसी कोचिंग के नियमित और हार्डवर्क शुरू किया। माता-पिता और परिवार ने उन्हें अच्छा माहौल दिया, जिसका नतीजा है कि आदर्श पहले ही प्रयास में आईपीएस बन गए। आदर्श शुक्ल इसका श्रेय अपने माता-पिता को देते हैं।

कॉलेज समय से आदर्श शुक्ला रहे मेधावी
नगर क्षेत्र में साईं इंटर कॉलेज के प्रबंधक सुरेंद्र वर्मा ने बताया कि आदर्श पढ़ाई में शुरू से ही मेधावी रहे हैं। इन्होंने साल 2013 के हाईस्कूल परीक्षा में यूपी की मेरिट में छठवां स्थान प्राप्त किया था और इंटरमीडिएट की परीक्षा में 93.4 फीसदी अंक हासिल किए थे। आदर्श ने लखनऊ के नेशनल पीजी कॉलेज से बीएससी की पढ़ाई पूरी की और गोल्ड मैडल हासिल किया।

आईएस (IAS) बनने का सपना
आईपीएस आर्दश शुक्ला ने बताया कि वो स्पोर्ट्स एक्टिविटी के साथ 7 से 8 घण्टे की नियमित पढ़ाई करते थे। मेरा सपना आईएएस बन कर देश और समाज की सेवा करना था। आदर्श ने बताया कि 2018 में बीएससी कम्प्लीट होने के साथ यूपीएससी परीक्षा फार्म भर कर तैयारी शुरू कर दी। लेकिन कोविड काल की वजह से के परीक्षाएं देर हुईं और इस वर्ष 2021 में फिर से आईएस की परीक्षा में शामिल होंगे।
लेखक के बारे में
राघवेंद्र शुक्ला
राघवेंद्र शुक्ल ने लिखने-पढ़ने की अपनी अभिरुचि के चलते पत्रकारिता का रास्ता चुना। नई दिल्ली के भारतीय जनसंचार संस्थान से पत्रकारिता में डिप्लोमा हासिल करने के बाद जुलाई 2017 में जनसत्ता में बतौर ट्रेनी सब एडिटर दाखिला हो गया। वहां के बाद नवभारत टाइम्स ऑनलाइन की लखनऊ टीम का हिस्सा बन गए। यहां फिलहाल सीनियर डिजिटल कंटेंट प्रड्यूसर के पद पर तैनाती है। देवरिया के रहने वाले हैं और शुरुआती पढ़ाई वहीं हुई। इलाहाबाद विश्वविद्यालय से विज्ञान में स्नातक की डिग्री है। साहित्यिक अभिरूचियां हैं। कविता-उपन्यास पढ़ना पसंद है। इतिहास के विषय पर बनी फिल्में देखने में दिलचस्पी है। थोड़ा-बहुत गीत-संगीत की दुनिया से भी वास्ता है।... और पढ़ें

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