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अमेठीः राहुल गांधी के गढ़ में 'गायब' होती कांग्रेस, जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में एसपी-बीजेपी के बीच लड़ाई

जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए अमेठी में 26 जून को नामांकन होना है। तीन जुलाई को गिनती होगी। यहां बीजेपी और एसपी मुख्य मुकाबले में है। कभी कांग्रेस का गढ़ कहे जाने वाले अमेठी में कांग्रेस हाशिए पर है।

Lipi 20 Jun 2021, 11:09 am
असगर, अमेठी
नवभारतटाइम्स.कॉम सांकेतिक तस्वीर
सांकेतिक तस्वीर

उत्तर प्रदेश के अमेठी में जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए 26 जून को नामांकन होना है। 3 जुलाई को इसका परिणाम घोषित हो जाएगा। समाजवादी पार्टी ने गौरीगंज से विधायक राकेश सिंह की पत्नी शीलम सिंह को अधिकृत प्रत्याशी बनाया है। बीजेपी ने अभी पत्ते नहीं खोले हैं लेकिन अटकलें हैं कि वह उद्योगपति राजेश अग्रहरि उर्फ राजेश मसाला का नाम घोषित करेगी। कुल 36 सदस्यों में से दोनों दलों के पास 9-9 जिला पंचायत सदस्य हैं।

ऐसे में मौजूदा समीकरण को देखते हुए कभी राहुल गांधी का गढ़ रहे अमेठी में कांग्रेस के 'गायब' हो जाने के संकेत मिल रहे हैं। माना जा रहा है कि जिला पंचायत अध्यक्ष की लड़ाई एसपी-बीजेपी के बीच ही होगी। सूबे में साल 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले पंचायत चुनाव को काफी अहम माना जा रहा है। सत्ता और विपक्ष का ग्राफ कितना बढ़ा और घटा है, इसी से अंदाजा लगाया जा रहा है। खासतौर पर देश की राजनैतिक पटल पर अपनी अलग साख रखने वाली अमेठी में पंचायत चुनाव की स्थिति क्या है, इस पर सबकी नजरें जमी हैं।

दरअसल 2 मई को आए पंचायत चुनाव में अमेठी की 36 सीटों में से एसपी और बीजेपी को 9-9 सीटें मिली थीं। इसके अलावा कांग्रेस को दो, बीएसपी को 3 और राजा भैया की पार्टी जनसत्ता को एक सीटें मिली हैं। वहीं अमेठी की 12 सीटों पर निर्दलीय प्रत्याशियों का कब्जा हुआ है।

जिसको वोट करेंगे निर्दल, वही होगा जिला पंचायत अध्यक्ष
समाजवादी पार्टी नेतृत्व ने गौरीगंज एमएलए राकेश प्रताप सिंह की पत्नी शीलम सिंह को पार्टी का अधिकृत प्रत्याशी घोषित किया है। वहीं बीजेपी से केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के करीबी उद्योगपति राजेश अग्रहरि के नाम की चर्चा तेज है़। हालांकि अभी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। बीजेपी और एसपी दोनों दावेदारी को लेकर जोड़तोड़ की राजनीति में जुट गए हैं। पिछली बार जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर एसपी का ही कब्जा रहा है।

एसपी विधायक राकेश प्रताप सिंह द्वारा शिवकली मौर्य को जिला पंचायत अध्यक्ष बनाया गया था। यहां दर्जन भर डीडीसी सदस्यों को अपने पाले में लाने की जुगत में दोनों ही पार्टियां जुटी हैं। ऐसे में अब सारा दारोमदार निर्दल जीते प्रत्याशियों के ऊपर है। निर्दल प्रत्याशी जिस पार्टी का सपोर्ट करेंगे, उसी का जिला पंचायत अध्यक्ष होगा। बीजेपी और एसपी के अलावा कोई तीसरी पार्टी फिलहाल मैदान में दिखाई नहीं दे रही है।

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