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जल निगम अफसरों पर कार्रवाई की संस्‍तुति, शासन को भेजी रिपोर्ट

मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने बीते 22 जून को वाराणसी में विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान जल निगम के अधिकारियों को 9 साल पुरानी पेयजल परियोजना का काम 30 जून तक पूरा करने की समयसीमा तय की थी और काम नहीं होने पर एफआईआर दर्ज कर जेल भेजने की चेतावनी दी थी।

नवभारत टाइम्स 8 Jul 2019, 6:04 pm
विकास पाठक, वाराणसी
नवभारतटाइम्स.कॉम YogiA
सीएम योगी को भेजी रिपोर्ट

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में 600 करोड़ लागत वाली पेयजल योजना को जनोपयोगी बनाने में लापरवाही बरतने वाले जल निगम के अफसरों पर कार्रवाई की संस्‍‍तुति की गई है। वाराणसी मंडल के कमिश्‍नर ने सोमवार को विस्‍तृत रिपोर्ट मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ को भेज दी है।

मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने बीते 22 जून को वाराणसी में विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान जल निगम के अधिकारियों को 9 साल पुरानी पेयजल परियोजना का काम 30 जून तक पूरा करने की समयसीमा तय की थी और काम नहीं होने पर एफआईआर दर्ज कर जेल भेजने की चेतावनी दी थी। तय समयसीमा बीतने के बाद नगर आयुक्‍त की अगुवाई में जांच के लिए तीन सदस्‍यीय समिति गठित की गई थी। सूत्रों के मुताबिक जांच में पाया गया कि मुख्‍यमंत्री की चेतावनी का जल निगम अधिकारियों पर कोई असर नहीं हुआ।

जांच टीम को कई गड़‍बडि़यां मिलीं। ज्‍यादातर ओवरहेड टैंकों से पानी टपकता मिला तो वरुणापार में सारनाथ से लेकर शिवपुर तक डाली गई मेन पाइप लाइन में एक दर्जन से ज्‍यादा जगहों पर लीकेज है। जांच रिपोर्ट के आधार पर कमिश्‍नर दीपक अग्रवाल ने रिपोर्ट तैयार कर मुख्‍यमंत्री कार्यालय को भेजी है। इसमें अफसरों की लापरवाही और खामियों की विस्‍तृत जानकारी दी गई है। 2010 में परियोजना शुरू होने से लेकर अब तक जल निगम के जिम्‍मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर अनुशासनात्‍मक कार्रवाई तथा विभागीय कार्रवाई की संस्‍तुति भी की गई है।

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